Tilak Kathayein – पंचांग, हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा और मंत्र

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी
ब्लॉग

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। जानिए सावन सोमवार व्रत की कथा, पूजा विधि, नियम, महत्व, शिवलिंग अभिषेक, व्रत में क्या खाएं और उद्यापन की संपूर्ण विधि।

Tilak Kathayein13 Aug 2026
Solah Somvar Vrat Katha – सोलह सोमवार व्रत
शिव कथाएँ

Solah Somvar Vrat Katha – सोलह सोमवार व्रत

भगवान शिव को समर्पित यह व्रत विशेष रूप से विवाह, संतान सुख, मनोकामना पूर्ति और सौभाग्य के लिए किया जाता है। यह व्रत 16 लगातार सोमवार तक नियमपूर्वक किया जाता है…

Tilak Kathayein28 Jul 2025

नवीनतम लेख

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 25 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 25
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 24 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 24

यदि कन्या व्रत करती है तो गुणी चिरञ्जीयवी पति को प्राप्त करती है, स्त्री की इच्छा करने वाला पुरुष सुशीला और पतिव्रता स्त्री को प्राप्त करता है। मणिग्रीव बोला, ‘हे…

11 Jan 2025925
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 25 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 25
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 25 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 25

पुरुषोत्तम मास व्रत विधि में भगवान विष्णु की पूजा, अर्घ्य, दान, ब्राह्मण भोजन और जागरण द्वारा मोक्ष और सुखप्राप्ति का विधान बताया गया है। दृढ़धन्वा बोला, ‘हे ब्रह्मन्‌! हे मुने!…

11 Jan 2025649
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 26 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 26
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 26 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 26

उद्यापन व्रत के नियम त्याग में दान और विधिपूर्वक आचरण से भगवान की प्रसन्नता मिलती है। पाप नाशक और कल्याणकारी यह व्रत मोक्ष प्रदान करता है। अब उद्यापन के पीछे…

11 Jan 2025278
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 27 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 27
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 27 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 27

पुरुषोत्तम मास में तप और भक्ति से राजा दृढ़धन्वा और रानी गुणसुंदरी गोलोक पहुंचे। कथा स्वार्थी कदर्य ब्राह्मण के पापों, वानर योनि, और मोक्ष पर केंद्रित है। श्रीनारायण बोले, ‘इस…

08 Jan 2025581
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 28 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 28
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 28

श्री नारायण बोले- चित्रगुप्त धर्मराज के वचन को सुनकर अपने योद्धाओं से बोले- यह कदर्य प्रथम बहुत समय तक अत्यन्त लोभ से ग्रस्त हुआ, बाद चोरी करना शुरू किया। इसलिये यह…

08 Jan 2025515
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 29 – पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 29
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 29

सूर्यनारायण के अस्ताचल जाने के समय तीर्थ में जाकर अथवा गृह में ही पैर धोकर, पवित्र वस्त्र धारण कर, सायंसन्ध्या की उपासना करे। पुण्यशील-सुशील बोले, ‘हे विभो! गोलोक को चलो,…

07 Jan 2025299
Suryadev Vrat Katha: सूर्य देव की व्रत कथा
अन्य कथाएँ

रविवार का महत्व और सूर्य देव की पूजा

रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। मान्यता है कि अगर रविवार के दिन सूर्य देव की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाए तो मनुष्य के जीवन में सुख-समृद्धि और धन-संपत्ति…

06 Jan 2025297
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 30 – पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 30
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पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 30

पुरुषोत्तम मास (Purushottam Maas) कथा के अध्याय 30 में, एक उत्कृष्ट रूप से योग्य और अधिक पुण्यवान व्यक्ति की कथा दी गई है। इस कथा में, एक राजा जिसका नाम…

06 Jan 2025488
Rameshwaram Jyotirlinga – रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग
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रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग

तमिलनाडु में समुद्र तट पर स्थित इस मंदिर को रामायणकालीन माना जाता है। मान्यता है कि अयोध्या के राजा भगवान श्री राम ने लंकापति रावण से युद्ध करने से पहले…

26 Dec 2024308
Ram Navami – रामनवमी
त्योहार

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यह त्योहार हिन्दू कैलेंडर के चैत्र मास की नवमी तिथि को मनाया जाता है। रामलीला का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें भगवान राम की कथा को स्थानीय अभिनेताओं द्वारा...

26 Dec 2024224
Mahalaxmi Vrat – महालक्ष्मी व्रत
देवी की कथाएँ

महालक्ष्मी व्रत – महालक्ष्मी व्रत

यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से प्रारंभ होता है। यह व्रत सोलह दिनों तक किया जाता है। इस दिन स्नान करके सोलह बार हाथ, पैर और मुंह धोने के उपरांत...

25 Dec 2024196
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026217
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026248
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026337
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 2026117
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026297
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन

"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026243
shitala-satam-2026-date-muhurat-puja-vidhi-katha

शीतला सातम 2026: Shitala Satam Date, Muhurat & Guide

सनातन धर्म में शीतला सातम (शीतला सप्तमी) आरोग्य, स्वच्छता और संक्रामक रोगों से रक्षा का पावन लोकपर्व है, जो मुख्य रूप से गुजरात और पश्चिमी भारत में श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में शीतला सातम 3 सितंबर 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी, जबकि इससे एक दिन पूर्व 2 सितंबर 2026 को रांधण छठ पर भोजन पकाया जाएगा। इस दिन घर में अग्नि या चूल्हा जलाना वर्जित होता है और माता शीतला को एक दिन पूर्व बना ठंडा (बासोड़ा) भोजन अर्पित कर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है।

02 Sep 202633
7-shaktishali-nag-divine-connections

7 शक्तिशाली नाग और उनके दिव्य संबंध | नाग देवताओं की रहस्यमयी पौराणिक कथाएं

हिंदू धर्म और पुराणों में नागों को केवल सर्प नहीं, बल्कि शक्तिशाली दिव्य प्राणियों के रूप में वर्णित किया गया है। **शेषनाग, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक और अन्य प्रमुख नागों** का संबंध भगवान विष्णु, भगवान शिव, समुद्र मंथन और अनेक पौराणिक घटनाओं से जुड़ा है। प्रत्येक नाग की अपनी अलग शक्ति, कथा और धार्मिक महत्व है। इस लेख में जानें **7 शक्तिशाली नागों** की अद्भुत कहानियां, उनके दिव्य संबंध और हिंदू धर्म में उनके विशेष स्थान से जुड़े रोचक पौराणिक रहस्य।

28 Aug 202649
नाग पंचमी 2026: नाग देवता को क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पूजा के 7 जरूरी नियम

नाग पंचमी 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा

नाग पंचमी 2026 हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें नाग देवता की पूजा कर सुख-समृद्धि, परिवार की रक्षा और भगवान शिव की कृपा की कामना की जाती है। इस दिन पूजा में क्या अर्पित करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए, इसे लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं। इस लेख में जानें नाग पंचमी की पूजा विधि, पूजा सामग्री, 7 जरूरी नियम, क्या करें और क्या न करें, शुभ मुहूर्त और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व।

16 Aug 2026152
श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। जानिए सावन सोमवार व्रत की कथा, पूजा विधि, नियम, महत्व, शिवलिंग अभिषेक, व्रत में क्या खाएं और उद्यापन की संपूर्ण विधि।

13 Aug 2026137
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4 Yugas Explained in Hindi | चार युगों की उत्पत्ति और रहस्य

हिंदू धर्मग्रंथों में समय को एक चक्र के रूप में समझाया गया है, जिसमें **सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग** क्रम से आते हैं। प्रत्येक युग में धर्म, मानव जीवन और नैतिक मूल्यों की स्थिति अलग बताई गई है। पुराणों में इन युगों की अवधि, विशेषताओं और एक युग से दूसरे युग में परिवर्तन का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस लेख में जानें चारों युगों की उत्पत्ति, उनका क्रम, अवधि, धर्म के क्रमिक परिवर्तन और इस रहस्यमयी युगचक्र से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

26 Aug 202659
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असुरों ने भगवान शिव की भक्ति क्यों की? 4 शक्तिशाली कारण और पौराणिक कथाएं

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 202690
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026427
माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

Dhumavati Utpatti Katha | माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

धूमावती उत्पत्ति कथा, पाठ विधि और लाभों को जानकर आप इस देवी के रहस्यमय स्वरूप को समझ सकते हैं और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं। संपूर्ण कथा, विधि और लाभों का विस्तृत विवरण आपको माँ धूमावती की कृपा प्राप्त करने का मार्ग दिखाएगा।

23 Jun 2026184

🕉 पंचांग ज्ञान

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पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कालगणना की प्राचीन पद्धति है, जो तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन पाँच अंगों पर आधारित है। इससे शुभ मुहूर्त, व्रत-त्योहार और दैनिक ग्रह स्थिति का पता चलता है।

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तिथि क्या है?

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर से तय होती है। एक माह में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत-पूजा के लिए सही तिथि जानना आवश्यक है।

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नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र आकाश में चंद्रमा के पथ के 27 भाग हैं। चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र बदलता है, और प्रत्येक नक्षत्र का अपना देवता व स्वभाव होता है जो दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।

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राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का वह अशुभ समयखंड है जब नया कार्य, विवाह, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लेने चाहिए। यह हर दिन और हर शहर में अलग समय पर आता है।

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शुभ मुहूर्त क्या है?

शुभ मुहूर्त वह समय है जब तिथि, नक्षत्र, योग और करण अनुकूल स्थिति में हों। ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित और गोधूलि मुहूर्त इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

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चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटकर शुभ-अशुभ समय बताने की पद्धति है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया सबसे शुभ माने जाते हैं।

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