18 जुलाई 2026

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आज का मंत्र

रोज़ नया दिव्य मंत्र

ॐ नमः शिवाय

देवता: भगवान शिव

अर्थ

शिव को नमस्कार है — यह पंचाक्षर मंत्र भगवान शिव के पाँच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) को समर्पित है।

जप का लाभ

मन को शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मबल बढ़ता है।

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

📖 मंत्र जाप के बारे में

आज का मंत्र — रोज़ एक नया दिव्य मंत्र उसके अर्थ, देवता और जाप के लाभ के साथ। मंत्र जाप सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है, जो मन को एकाग्र करता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है और जीवन में शांति, शक्ति तथा शुभ फल लाता है। श्रद्धा और नियमितता से किया गया मंत्र जाप सबसे अधिक फलदायी होता है।

और दिव्य मंत्र

ॐ कुबेराय नमः

धन के देवता कुबेर को नमस्कार है।

देवता: कुबेर देव

ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलश हस्ताय सर्व रोग निवारणाय त्रिलोकनाथाय श्री धन्वन्तरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः

आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की स्तुति — सभी रोगों और भयों का नाश करने वाले।

देवता: धन्वंतरि भगवान

ॐ वायवे नमः

प्राणशक्ति के देवता वायु को नमस्कार है।

देवता: वायुदेव

ॐ ब्रह्मणे नमः

सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी को नमस्कार है।

देवता: ब्रह्माजी

ॐ पृथिव्यै नमः

धैर्य और सहनशीलता की प्रतीक पृथ्वी माता को नमस्कार है।

देवता: पृथ्वी माता

ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरु कुरु शिवाय नमः ॐ

शिव से शुभता और मंगल की प्रार्थना।

देवता: भगवान शिव

ॐ तुलसाय नमः

पवित्र तुलसी माता को नमस्कार है।

देवता: माँ तुलसी

ॐ कें केतवे नमः

छाया ग्रह केतु को शांत करने का मंत्र।

देवता: केतु ग्रह

ॐ श्री गुरवे नमः

सद्गुरु को नमस्कार है, जो अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं।

देवता: गुरुदेव

ॐ षण्मुखाय नमः

शक्ति और साहस के देवता कार्तिकेय को नमस्कार है।

देवता: भगवान कार्तिकेय

ॐ चंद्राय नमः

मन के कारक ग्रह चंद्रमा को नमस्कार है।

देवता: चंद्रदेव

ॐ शं शनैश्चराय नमः

न्याय के देवता शनिदेव को नमस्कार है।

देवता: शनि देव

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न