1 सितम्बर 2026
आज का मंत्र
रोज़ नया दिव्य मंत्र
ॐ श्री गुरवे नमः
देवता: गुरुदेव
अर्थ
सद्गुरु को नमस्कार है, जो अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं।
जप का लाभ
सही मार्गदर्शन मिलता है और जीवन में स्पष्टता आती है।
इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी
📖 मंत्र जाप के बारे में
आज का मंत्र — रोज़ एक नया दिव्य मंत्र उसके अर्थ, देवता और जाप के लाभ के साथ। मंत्र जाप सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है, जो मन को एकाग्र करता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है और जीवन में शांति, शक्ति तथा शुभ फल लाता है। श्रद्धा और नियमितता से किया गया मंत्र जाप सबसे अधिक फलदायी होता है।
और दिव्य मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः
न्याय के देवता शनिदेव को नमस्कार है।
देवता: शनि देव
ॐ बृं बृहस्पतये नमः
ज्ञान और सौभाग्य के कारक ग्रह गुरु को नमस्कार है।
देवता: गुरु (बृहस्पति) ग्रह
ॐ अपां पतये वरुणाय नमः
जल के देवता वरुण को नमस्कार है।
देवता: वरुण देव
ॐ नमः शिवाय
शिव को नमस्कार है — यह पंचाक्षर मंत्र भगवान शिव के पाँच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) को समर्पित है।
देवता: भगवान शिव
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
गायत्री मंत्र — हम उस दिव्य प्रकाश (सूर्य) का ध्यान करते हैं, वह हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे।
देवता: सूर्यदेव / गायत्री माता
ॐ इंद्राय नमः
देवराज इंद्र को नमस्कार है।
देवता: इंद्रदेव
ॐ अं अन्नपूर्णायै नमः
अन्न और समृद्धि की देवी माँ अन्नपूर्णा को नमस्कार है।
देवता: माँ अन्नपूर्णा
ॐ शुं शुक्राय नमः
सौंदर्य और समृद्धि के कारक ग्रह शुक्र को नमस्कार है।
देवता: शुक्र ग्रह
ॐ कुबेराय नमः
धन के देवता कुबेर को नमस्कार है।
देवता: कुबेर देव
ॐ गं गणपतये नमः
विघ्नहर्ता भगवान गणेश को नमस्कार है।
देवता: भगवान गणेश
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
धन और समृद्धि की देवी माँ महालक्ष्मी को नमस्कार है।
देवता: माँ लक्ष्मी
ॐ पृथिव्यै नमः
धैर्य और सहनशीलता की प्रतीक पृथ्वी माता को नमस्कार है।
देवता: पृथ्वी माता