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ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलश हस्ताय सर्व रोग निवारणाय त्रिलोकनाथाय श्री धन्वन्तरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः

देवता: धन्वंतरि भगवान

आज का मंत्र

अर्थ

आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की स्तुति — सभी रोगों और भयों का नाश करने वाले।

जप का लाभ

स्वास्थ्य लाभ होता है और रोगों से रक्षा होती है।

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

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📿 जाप विधि

  1. 1सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और शांत, पवित्र स्थान पर धन्वंतरि भगवान का ध्यान करते हुए बैठें।
  2. 2पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें और धन्वंतरि भगवान को तुलसी दल अर्पित करें।
  3. 3रुद्राक्ष या तुलसी की माला से «ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलश हस्ताय सर्व रोग निवारणाय त्रिलोकनाथाय श्री धन्वन्तरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः» मंत्र का 108 बार (एक माला) जाप करें।
  4. 4मन को एकाग्र रखते हुए, धन्वंतरि भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति भाव से उच्चारण करें।
  5. 5नियमित रूप से रोज़ जाप करने से धन्वंतरि भगवान की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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