Tilak Kathayein (तिलक कथा) - आज का पंचांग, आरती और हिंदू कथाएँ - Tilak Kathayein

Tilak Kathayein – हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा, मंत्र और मंदिर जानकारी

कांवड़ यात्रा का इतिहास, महत्व, नियम, मार्ग, पूजा विधि और संपूर्ण जानकारी
ब्लॉग

कांवड़ यात्रा का इतिहास, महत्व, नियम, मार्ग, पूजा विधि और संपूर्ण जानकारी

कांवड़ यात्रा भगवान शिव की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक है। इस विस्तृत लेख में कांवड़ यात्रा का इतिहास, शुरुआत, धार्मिक महत्व, गंगाजल का महत्व, कांवड़ियों के नियम, प्रमुख मार्ग, पूजा विधि और यात्रा से जुड़े रोचक तथ्य विस्तार से जानें।

Tilak Kathayein01 Aug 2026
रक्षाबंधन 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राखी बांधने का समय, पूजा विधि और पौराणिक कथा
त्योहार

रक्षाबंधन 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राखी बांधने का समय, पूजा विधि और पौराणिक कथा

रक्षाबंधन 2026 भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का पावन पर्व है। जानें रक्षाबंधन 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, भद्रा काल, पौराणिक कथा और धार्मिक महत्व।

Tilak Kathayein23 Jul 2026
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आज का पंचांग

10 अगस्त 2026 • सोमवार

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वि.सं. 2083
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भीष्म पितामह को क्यों मिली थी बाणों की शय्या? जानें महाभारत की कथा
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भीष्म पितामह महाभारत के सबसे महान योद्धाओं और धर्मनिष्ठ पात्रों में से एक थे। कुरुक्षेत्र युद्ध में अर्जुन ने शिखंडी को आगे रखकर उन पर बाणों की वर्षा की, जिससे उनका पूरा शरीर बाणों से ढक गया और वे धरती पर गिरने के बजाय **बाणों की शय्या** पर स्थित हो गए। इच्छामृत्यु के वरदान के कारण उन्होंने तत्काल प्राण त्याग नहीं किए और उत्तरायण आने तक वहीं रहकर धर्म, नीति और राजधर्म का उपदेश दिया। इस लेख में जानें भीष्म पितामह को बाणों की शय्या क्यों मिली, इसके पीछे की महाभारत कथा, शाप-वरदान और इसका गहरा आध्यात्मिक संदेश।

10 Aug 20265
माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप और उनका महत्व | Maa Lakshmi Forms in Hindi
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माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप और उनका महत्व | Maa Lakshmi Forms in Hindi

**माता लक्ष्मी** केवल धन और वैभव की देवी ही नहीं, बल्कि सुख, समृद्धि, ज्ञान, साहस, संतान, विजय और आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रतीक हैं। शास्त्रों में उनके अनेक दिव्य स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें **आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी** विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इस लेख में जानें माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप, उनका धार्मिक महत्व, प्रत्येक स्वरूप की विशेष कृपा और उनसे जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

09 Aug 202612
भगवान श्रीकृष्ण के 108 नाम और उनका अर्थ | Shri Krishna 108 Names in Hindi
शतनामावली

भगवान श्रीकृष्ण के 108 नाम और उनका अर्थ | Shri Krishna 108 Names in Hindi

**भगवान श्रीकृष्ण के 108 नाम** उनके दिव्य स्वरूप, लीलाओं, गुणों और अवतार की महिमा का वर्णन करते हैं। प्रत्येक नाम का अपना आध्यात्मिक महत्व और विशेष अर्थ है, जिसका श्रद्धापूर्वक जप करने से मन को शांति, भक्ति और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। इस लेख में पढ़ें **श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली**, सभी 108 नाम उनके अर्थ सहित, नाम-जप का महत्व और उनसे मिलने वाले आध्यात्मिक लाभ।

08 Aug 202621
काकनमठ मंदिर | Kakanmath Temple History, Mystery & Architecture in Hindi
मंदिर

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**काकनमठ मंदिर** मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर है। लगभग एक हजार वर्ष पुराना यह मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि इसकी विशाल पत्थर की संरचना बिना चूने या सीमेंट के खड़ी दिखाई देती है। लोकमान्यताओं, ऐतिहासिक महत्व और स्थापत्य कला के कारण यह मंदिर इतिहासकारों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। इस लेख में जानें काकनमठ मंदिर का इतिहास, रहस्य, पौराणिक मान्यताएं, वास्तुकला, दर्शन की जानकारी और यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य।

08 Aug 202618
भगवान शिव ने गणेश जी का सिर क्यों काटा? जानें पौराणिक कथा और रहस्य
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भगवान शिव ने गणेश जी का सिर क्यों काटा? जानिए सम्पूर्ण पौराणिक कथा

**भगवान गणेश** के जन्म के बाद माता पार्वती ने उन्हें अपने द्वार की रक्षा का दायित्व सौंपा। जब भगवान शिव वहां पहुंचे और गणेश जी ने उन्हें भीतर जाने से रोका, तब दोनों के बीच संघर्ष हुआ। क्रोधित होकर भगवान शिव ने गणेश जी का सिर काट दिया। बाद में माता पार्वती के शोक और देवताओं के अनुरोध पर भगवान शिव ने एक हाथी के शिशु का सिर गणेश जी के धड़ पर स्थापित कर उन्हें पुनर्जीवित किया तथा उन्हें **प्रथम पूज्य** और **विघ्नहर्ता** का वरदान दिया। इस लेख में जानें इस पौराणिक घटना का वास्तविक कारण, शिव पुराण में वर्णित कथा और इसके गहरे आध्यात्मिक संदेश।

07 Aug 202621
राधा जी कौन थीं? क्या राधा जी माता लक्ष्मी का अवतार थीं? शास्त्रों में क्या लिखा है?
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राधा जी कौन थीं? क्या राधा जी माता लक्ष्मी का अवतार थीं? शास्त्रों में क्या लिखा है?

राधा रानी केवल भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त ही नहीं, बल्कि अनेक वैष्णव परंपराओं में उन्हें भगवान की **आनंद शक्ति (ह्लादिनी शक्ति)** का साक्षात् स्वरूप माना गया है। वहीं कुछ शास्त्रीय परंपराएं उन्हें माता लक्ष्मी से अभिन्न या उनका दिव्य स्वरूप भी बताती हैं। इस लेख में जानें राधा जी कौन थीं, क्या वे वास्तव में माता लक्ष्मी का अवतार थीं, तथा **ब्रह्मवैवर्त पुराण, देवी भागवत, गौड़ीय वैष्णव ग्रंथों और अन्य शास्त्रीय संदर्भों** में उनके स्वरूप का क्या वर्णन मिलता है।

06 Aug 202635
कांवड़ यात्रा का इतिहास, महत्व, नियम, मार्ग, पूजा विधि और संपूर्ण जानकारी
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कांवड़ यात्रा भगवान शिव की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक है। इस विस्तृत लेख में कांवड़ यात्रा का इतिहास, शुरुआत, धार्मिक महत्व, गंगाजल का महत्व, कांवड़ियों के नियम, प्रमुख मार्ग, पूजा विधि और यात्रा से जुड़े रोचक तथ्य विस्तार से जानें।

01 Aug 202681
धृष्टद्युम्न का जीवन परिचय: जन्म, द्रोणाचार्य वध, महाभारत युद्ध में भूमिका, मृत्यु और रोचक तथ्य

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धृष्टद्युम्न महाभारत के महान योद्धा, पांचाल नरेश द्रुपद के पुत्र और पांडव सेना के सेनापति थे। इस लेख में उनके दिव्य जन्म, द्रोणाचार्य वध, महाभारत युद्ध में योगदान, मृत्यु, परिवार और उनसे मिलने वाली प्रेरणादायक शिक्षाओं का विस्तृत वर्णन पढ़ें।

01 Aug 202633
आचार्य द्रोणाचार्य का जीवन परिचय: जन्म, शिक्षा, अस्त्र-शस्त्र विद्या, महाभारत में भूमिका, मृत्यु और रोचक तथ्य
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आचार्य द्रोणाचार्य का जीवन परिचय: जन्म, शिक्षा, अस्त्र-शस्त्र विद्या, महाभारत में भूमिका, मृत्यु और रोचक तथ्य

आचार्य द्रोणाचार्य महाभारत के महान गुरु और अद्वितीय धनुर्विद्या आचार्य थे। इस लेख में उनके जन्म, शिक्षा, पांडव-कौरव के गुरु बनने की कथा, द्रुपद से शत्रुता, महाभारत युद्ध में योगदान, मृत्यु और जीवन से मिलने वाली शिक्षाओं का विस्तृत वर्णन पढ़ें।

31 Jul 202659
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 2 | दुर्योधन का द्रोणाचार्य से संवाद | संपूर्ण अर्थ एवं व्याख्या
भागवद गीता

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 2 | दुर्योधन का द्रोणाचार्य से संवाद | संपूर्ण अर्थ एवं व्याख्या

श्रीमद्भगवद्गीता के प्रथम अध्याय का दूसरा श्लोक महाभारत युद्ध के प्रारम्भिक वातावरण को और अधिक स्पष्ट करता है। इस श्लोक में दुर्योधन पाण्डवों की विशाल सेना को देखकर अपने गुरु द्रोणाचार्य के पास जाता है। उसके शब्दों में आत्मविश्वास दिखाई देता है, किंतु उसके भीतर छिपी चिंता और रणनीतिक सोच भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। आइए इस श्लोक का शब्दार्थ, सरल अर्थ और गहन महत्व विस्तार से समझते हैं।

27 Jul 202651
महाभारत युद्ध का इतिहास: कारण, 18 दिनों का युद्ध, प्रमुख योद्धा, श्रीकृष्ण की भूमिका और महाभारत से मिलने वाली शिक्षाएँ
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महाभारत युद्ध का इतिहास: कारण, 18 दिनों का युद्ध, प्रमुख योद्धा, श्रीकृष्ण की भूमिका और महाभारत से मिलने वाली शिक्षाएँ

महाभारत युद्ध भारतीय इतिहास और सनातन धर्म का सबसे महान युद्ध माना जाता है। इस विस्तृत लेख में कुरु वंश, पांडव-कौरव, 18 दिनों का युद्ध, भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका, भगवद्गीता, प्रमुख योद्धा, युद्ध के परिणाम और महाभारत से मिलने वाली जीवन की अमूल्य शिक्षाओं का संपूर्ण वर्णन पढ़ें।

26 Jul 202654
भगवान श्रीकृष्ण का जीवन परिचय: जन्म, बाल लीलाएं, शिक्षा, भगवद्गीता और महाभारत में दिव्य भूमिका
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भगवान श्रीकृष्ण का जीवन परिचय: जन्म, बाल लीलाएं, शिक्षा, भगवद्गीता और महाभारत में दिव्य भूमिका

भगवान श्रीकृष्ण विष्णु के आठवें अवतार और सनातन धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। जानें उनके जन्म, बाल लीलाओं, महाभारत, भगवद्गीता के उपदेश और संपूर्ण जीवन परिचय के बारे में।

26 Jul 202645
ऐसे हुई थी स्थापना जगन्नाथ पूरी धाम की

Jagannath Puri Temple History in Hindi | स्थापना और महत्व, जगन्नाथ पुरी धाम का इतिहास

जगन्नाथ पुरी धाम भारत के चार पवित्र धामों में से एक है और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा देवी सुभद्रा को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिव्य धाम की स्थापना राजा इंद्रद्युम्न ने भगवान विष्णु की आज्ञा से करवाई थी। इस लेख में जानें जगन्नाथ पुरी धाम की स्थापना की अद्भुत कथा, इसका इतिहास, धार्मिक महत्व और इससे जुड़े रोचक रहस्यों के बारे में।

04 Jul 2026103
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026168
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026186
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026235
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 202670
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026202
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

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"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026165
माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप और उनका महत्व | Maa Lakshmi Forms in Hindi

माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप और उनका महत्व | Maa Lakshmi Forms in Hindi

**माता लक्ष्मी** केवल धन और वैभव की देवी ही नहीं, बल्कि सुख, समृद्धि, ज्ञान, साहस, संतान, विजय और आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रतीक हैं। शास्त्रों में उनके अनेक दिव्य स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें **आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी** विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इस लेख में जानें माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप, उनका धार्मिक महत्व, प्रत्येक स्वरूप की विशेष कृपा और उनसे जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

09 Aug 202612
राधा जी कौन थीं? क्या राधा जी माता लक्ष्मी का अवतार थीं? शास्त्रों में क्या लिखा है?

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06 Aug 202635
कांवड़ यात्रा का इतिहास, महत्व, नियम, मार्ग, पूजा विधि और संपूर्ण जानकारी

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01 Aug 202681
श्रीजगन्नाथ सहस्रनाम स्तोत्रम्: संपूर्ण पाठ, अर्थ, महत्व और लाभ

श्रीजगन्नाथ सहस्रनाम स्तोत्रम्: संपूर्ण पाठ, अर्थ, महत्व और लाभ

श्रीजगन्नाथ सहस्रनाम स्तोत्रम् भगवान जगन्नाथ के दिव्य हजार नामों का पवित्र स्तोत्र है। जानें इसके पाठ की विधि, धार्मिक महत्व, आध्यात्मिक लाभ और संपूर्ण स्तोत्र।

14 Jul 2026105