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श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी
ब्लॉग

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। जानिए सावन सोमवार व्रत की कथा, पूजा विधि, नियम, महत्व, शिवलिंग अभिषेक, व्रत में क्या खाएं और उद्यापन की संपूर्ण विधि।

Tilak Kathayein13 Aug 2026
Solah Somvar Vrat Katha – सोलह सोमवार व्रत
शिव कथाएँ

Solah Somvar Vrat Katha – सोलह सोमवार व्रत

भगवान शिव को समर्पित यह व्रत विशेष रूप से विवाह, संतान सुख, मनोकामना पूर्ति और सौभाग्य के लिए किया जाता है। यह व्रत 16 लगातार सोमवार तक नियमपूर्वक किया जाता है…

Tilak Kathayein28 Jul 2025

नवीनतम लेख

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कथाएँ

असुरों ने भगवान शिव की भक्ति क्यों की? 4 शक्तिशाली कारण और पौराणिक कथाएं

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 202631
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कहानियाँ

भगवान गणेश का जन्म कैसे हुआ? माता पार्वती और शिव की सम्पूर्ण पौराणिक कथा

भगवान गणेश के जन्म की कथा हिंदू धर्म की सबसे प्रसिद्ध पौराणिक कथाओं में से एक है। मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से गणेश जी की रचना की और उन्हें अपने द्वार की रक्षा का दायित्व सौंपा। भगवान शिव के आने पर गणेश जी ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया, जिसके बाद भयंकर संघर्ष हुआ और शिव जी ने उनका सिर काट दिया। माता पार्वती के आग्रह पर भगवान शिव ने हाथी का सिर लगाकर उन्हें पुनर्जीवित किया और प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया। इस लेख में जानें गणेश जी के जन्म से लेकर उनके प्रथम पूज्य बनने तक की सम्पूर्ण कथा।

22 Aug 202634
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भक्तमाल

भक्त सूरदास की जीवनी | जन्म, श्रीकृष्ण भक्ति, रचनाएं और सम्पूर्ण जीवन कथा

**भक्त सूरदास** हिंदी भक्ति साहित्य के महान संत, कवि और भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त माने जाते हैं। उन्होंने अपनी रचनाओं और पदों के माध्यम से कृष्ण की बाल लीलाओं, प्रेम और भक्ति का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। **सूरसागर** उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है। इस लेख में जानें भक्त सूरदास का जीवन परिचय, जन्म से जुड़ी मान्यताएं, श्रीकृष्ण के प्रति उनकी भक्ति, प्रमुख रचनाएं और हिंदी भक्ति साहित्य में उनके अमूल्य योगदान की सम्पूर्ण कथा।

20 Aug 202632
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कहानियाँ

महाभारत की 7 सीख जो आज भी जीवन बदल सकती हैं | जीवन की बड़ी सीख

महाभारत केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि जीवन, रिश्तों, धर्म, कर्म और सही निर्णय लेने की गहरी सीख देने वाला महाकाव्य है। इसमें श्रीकृष्ण, पांडवों, कौरवों और अन्य पात्रों के जीवन से ऐसी अनेक शिक्षाएं मिलती हैं जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। इस लेख में जानें **महाभारत की 7 महत्वपूर्ण सीख**, जो कठिन परिस्थितियों में सही मार्ग चुनने, कर्म को समझने, रिश्तों को निभाने और जीवन में धर्म का पालन करने की प्रेरणा देती हैं।

19 Aug 202632
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अन्य कथाएँ

12 ज्योतिर्लिंग कौन-कौन से हैं? भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व और कथा

हिंदू धर्म में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन स्थानों पर भगवान शिव स्वयं ज्योतिर्लिंग स्वरूप में विराजमान हैं। सोमनाथ से लेकर रामेश्वरम तक प्रत्येक ज्योतिर्लिंग की अपनी अनोखी पौराणिक कथा, धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक विशेषता है। इस लेख में जानें 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम, स्थान, पौराणिक कथाएं, धार्मिक महत्व और इनके दर्शन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

18 Aug 202637
नाग पंचमी 2026: नाग देवता को क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पूजा के 7 जरूरी नियम
ब्लॉग

नाग पंचमी 2026: नाग देवता को क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पूजा के 7 जरूरी नियम

नाग पंचमी 2026 हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें नाग देवता की पूजा कर सुख-समृद्धि, परिवार की रक्षा और भगवान शिव की कृपा की कामना की जाती है। इस दिन पूजा में क्या अर्पित करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए, इसे लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं। इस लेख में जानें नाग पंचमी की पूजा विधि, पूजा सामग्री, 7 जरूरी नियम, क्या करें और क्या न करें, शुभ मुहूर्त और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व।

16 Aug 202666
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मंदिर

अंगकोर वाट यात्रा गाइड | इतिहास, टिकट, समय, कैसे पहुंचें और घूमने की पूरी जानकारी

अंगकोर वाट कंबोडिया के सिएम रीप में स्थित दुनिया के सबसे प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर परिसरों में से एक है। विशाल मंदिरों, अद्भुत खमेर वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक विरासत के कारण यह हिंदू और विश्व धरोहर प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण है। इस संपूर्ण यात्रा गाइड में जानें अंगकोर वाट का इतिहास, प्रमुख मंदिर, टिकट और प्रवेश व्यवस्था, घूमने का सही समय, कैसे पहुंचें, स्थानीय परिवहन, अनुमानित यात्रा खर्च और यात्रा के दौरान ध्यान रखने वाली जरूरी बातें।

16 Aug 202642
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कहानियाँ

पांडवों का जन्म कैसे हुआ? कुंती और माद्री की अद्भुत कथा | महाभारत की विचित्र कहानी

पांडवों का जन्म महाभारत की सबसे अद्भुत और महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। राजा पांडु को मिले एक शाप के कारण वे संतान उत्पन्न करने में असमर्थ थे। तब कुंती को ऋषि दुर्वासा से प्राप्त दिव्य मंत्र का स्मरण हुआ, जिसके माध्यम से उन्होंने देवताओं का आह्वान किया। इसी प्रकार युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन का जन्म हुआ, जबकि माद्री ने इसी मंत्र की सहायता से अश्विनी कुमारों का आह्वान कर नकुल और सहदेव को जन्म दिया। इस लेख में जानें पांचों पांडवों के जन्म की पूरी कथा, कुंती-माद्री की भूमिका और इसके पीछे की पौराणिक मान्यता।

15 Aug 202678
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कहानियाँ

माता सीता ने किन 5 लोगों को श्राप दिया था? जानें गया की प्रसिद्ध पौराणिक कथा

सनातन परंपरा में प्रचलित **गया की प्रसिद्ध पौराणिक कथा** के अनुसार, जब भगवान श्रीराम पितृ श्राद्ध के लिए सामग्री लाने गए, तब माता सीता ने स्वयं पिंडदान किया। उस समय कुछ साक्षियों ने सत्य का साथ नहीं दिया, जिससे माता सीता ने उन्हें श्राप दिया और केवल अक्षयवट ने सत्य का समर्थन किया, जिसे उन्होंने आशीर्वाद दिया। इस लेख में जानें माता सीता ने किन 5 लोगों को श्राप दिया, श्राप के पीछे का कारण, गया श्राद्ध से जुड़ी मान्यताएं और इस कथा का धार्मिक महत्व।

14 Aug 202678
श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी
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श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। जानिए सावन सोमवार व्रत की कथा, पूजा विधि, नियम, महत्व, शिवलिंग अभिषेक, व्रत में क्या खाएं और उद्यापन की संपूर्ण विधि।

13 Aug 202684
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ब्लॉग

श्रावण अमावस्या पूजा विधि | पितृ तर्पण, दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और सम्पूर्ण जानकारी

**श्रावण अमावस्या** हिंदू धर्म में पितरों की शांति, भगवान शिव की कृपा और पुण्य प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन **पितृ तर्पण, स्नान, दान और विधिपूर्वक पूजा** का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण और दान से पितृ प्रसन्न होते हैं तथा परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इस लेख में जानें श्रावण अमावस्या की पूजा विधि, पितृ तर्पण की सही प्रक्रिया, दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

13 Aug 202671
धृतराष्ट्र जन्म से अंधे क्यों थे? 100 पुत्र कैसे हुए? जानें महाभारत की सम्पूर्ण कथा
कहानियाँ

धृतराष्ट्र जन्म से अंधे क्यों थे? 100 पुत्र कैसे हुए? जानें महाभारत की सम्पूर्ण कथा

धृतराष्ट्र महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक थे, जिनका जन्म महर्षि वेदव्यास के वरदान से हुआ, लेकिन वे जन्म से ही नेत्रहीन थे। उनकी पत्नी गांधारी ने भी एक अद्भुत प्रक्रिया के माध्यम से **100 पुत्रों और एक पुत्री** को जन्म दिया, जिसका वर्णन महाभारत में विस्तार से मिलता है। इस लेख में जानें धृतराष्ट्र के जन्म का रहस्य, उनके अंधत्व का कारण, गांधारी को 100 पुत्र कैसे प्राप्त हुए और इस पूरी कथा का धार्मिक एवं पौराणिक महत्व।

13 Aug 202665
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026195
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026215
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026274
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 202694
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026248
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन

"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026206
नाग पंचमी 2026: नाग देवता को क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पूजा के 7 जरूरी नियम

नाग पंचमी 2026: नाग देवता को क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पूजा के 7 जरूरी नियम

नाग पंचमी 2026 हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें नाग देवता की पूजा कर सुख-समृद्धि, परिवार की रक्षा और भगवान शिव की कृपा की कामना की जाती है। इस दिन पूजा में क्या अर्पित करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए, इसे लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं। इस लेख में जानें नाग पंचमी की पूजा विधि, पूजा सामग्री, 7 जरूरी नियम, क्या करें और क्या न करें, शुभ मुहूर्त और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व।

16 Aug 202666
श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। जानिए सावन सोमवार व्रत की कथा, पूजा विधि, नियम, महत्व, शिवलिंग अभिषेक, व्रत में क्या खाएं और उद्यापन की संपूर्ण विधि।

13 Aug 202684
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श्रावण अमावस्या पूजा विधि | पितृ तर्पण, दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और सम्पूर्ण जानकारी

**श्रावण अमावस्या** हिंदू धर्म में पितरों की शांति, भगवान शिव की कृपा और पुण्य प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन **पितृ तर्पण, स्नान, दान और विधिपूर्वक पूजा** का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण और दान से पितृ प्रसन्न होते हैं तथा परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इस लेख में जानें श्रावण अमावस्या की पूजा विधि, पितृ तर्पण की सही प्रक्रिया, दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

13 Aug 202671
माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप और उनका महत्व | Maa Lakshmi Forms in Hindi

माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप और उनका महत्व | Maa Lakshmi Forms in Hindi

**माता लक्ष्मी** केवल धन और वैभव की देवी ही नहीं, बल्कि सुख, समृद्धि, ज्ञान, साहस, संतान, विजय और आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रतीक हैं। शास्त्रों में उनके अनेक दिव्य स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें **आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी** विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इस लेख में जानें माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप, उनका धार्मिक महत्व, प्रत्येक स्वरूप की विशेष कृपा और उनसे जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

09 Aug 202677
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असुरों ने भगवान शिव की भक्ति क्यों की? 4 शक्तिशाली कारण और पौराणिक कथाएं

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 202631
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026378
माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

Dhumavati Utpatti Katha | माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

धूमावती उत्पत्ति कथा, पाठ विधि और लाभों को जानकर आप इस देवी के रहस्यमय स्वरूप को समझ सकते हैं और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं। संपूर्ण कथा, विधि और लाभों का विस्तृत विवरण आपको माँ धूमावती की कृपा प्राप्त करने का मार्ग दिखाएगा।

23 Jun 2026152
कालाष्टमी व्रत – अध्याय 5: भक्ति का फल और सीख

कालाष्टमी व्रत – अध्याय 5: भक्ति का फल और सीख

कालाष्टमी व्रत का अध्याय 5 — भक्ति का फल और सीख। यह अंतिम अध्याय बताता है कि कालाष्टमी व्रत रखने से प्राप्त होने वाले परिणाम और इससे मिली सीख क्या है।

08 Jun 2026172

🕉 पंचांग ज्ञान

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पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कालगणना की प्राचीन पद्धति है, जो तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन पाँच अंगों पर आधारित है। इससे शुभ मुहूर्त, व्रत-त्योहार और दैनिक ग्रह स्थिति का पता चलता है।

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तिथि क्या है?

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर से तय होती है। एक माह में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत-पूजा के लिए सही तिथि जानना आवश्यक है।

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नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र आकाश में चंद्रमा के पथ के 27 भाग हैं। चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र बदलता है, और प्रत्येक नक्षत्र का अपना देवता व स्वभाव होता है जो दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।

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राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का वह अशुभ समयखंड है जब नया कार्य, विवाह, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लेने चाहिए। यह हर दिन और हर शहर में अलग समय पर आता है।

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शुभ मुहूर्त क्या है?

शुभ मुहूर्त वह समय है जब तिथि, नक्षत्र, योग और करण अनुकूल स्थिति में हों। ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित और गोधूलि मुहूर्त इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

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चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटकर शुभ-अशुभ समय बताने की पद्धति है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया सबसे शुभ माने जाते हैं।

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