आज का पंचांग 23 जून 2026 – नवमी शुक्ल पक्ष | शुभ मुहूर्त और राशिफल - Tilak Kathayein
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आज का पंचांग

नवमी | शुक्ल पक्ष | आषाढ़

🌙
तिथि
नवमी
नक्षत्र
हस्त
🌿
योग
वरीयान
📿
करण
कौलव
शहर चुनें:
🌅 05:42 AM   🌇 07:16 PM

📅 पंचांग23 जून 2026

तिथिनवमी (शुक्ल पक्ष)
मासआषाढ़ (वि.सं. 2083)
वारमंगलवार
नक्षत्रहस्त (सावित्र)
योगवरीयान
करणकौलव
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
🌅 सूर्योदय05:42 AM
🌇 सूर्यास्त07:16 PM

🪐 ग्रह दशा23 जून 2026

☀️सूर्यमिथुन7.4°
🌙चंद्रकन्या20.1°
मंगलमीन28.4°
बुधतुला19.3°
गुरुकर्क3.6°
शुक्रकन्या19.6°
शनिमीन19°
राहुकुंभ8.8°
केतुसिंह8.8°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं


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🌙 आज की तिथि का महत्व

नवमी · शुक्ल पक्ष

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व्रत / पर्व: राम नवमी, दुर्गा नवमी, महानवमी

नवमी नवरात्र की सर्वोच्च तिथि है। यह सिद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाली तिथि है। कन्या भोज इस तिथि का विशेष महत्व है।

✅ आज क्या करें

माँ दुर्गा की पूजा, कन्या भोज, हवन, रामायण पाठ

⚠️ आज से बचें

तामसिक भोजन, क्रोध, कठोर वाणी

⭐ आज का नक्षत्र: हस्त

देवता: सावित्र

हस्त कुशलता और पुरुषार्थ का नक्षत्र है। हाथों से किए जाने वाले कार्य सफल होते हैं।

✅ आज क्या करें

व्यापार, हस्तकला, कृषि, शिक्षा

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: नवमी (शुक्ल पक्ष)
📅
२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: मंगलवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: हस्त
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: वरीयान
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: कौलव

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न