
Purushottam Maas Katha | पुरुषोत्तम मास माहात्म्य
पुरुषोत्तम मास, जिसे मलमास के नाम से जाना जाता था, श्रीकृष्ण के वरदान से विशेष महत्व प्राप्त करता है। इस माह में तप, पूजा, दान, कथा श्रवण से अनंत पुण्य…
Purushottam Maas Katha
31 लेख

पुरुषोत्तम मास, जिसे मलमास के नाम से जाना जाता था, श्रीकृष्ण के वरदान से विशेष महत्व प्राप्त करता है। इस माह में तप, पूजा, दान, कथा श्रवण से अनंत पुण्य…

नैमिषारण्य में ऋषियों का यज्ञ हेतु संगम, सूतजी और शुकदेवजी का स्वागत, उनकी दिव्यता, भक्ति, ज्ञान और तीर्थयात्रा के महत्व पर आधारित आध्यात्मिक संवाद का वर्णन। कल्पवृक्ष के समान भक्तजनों…

सूतजी ने ऋषियों को नारायण द्वारा नारद को सुनाई गई पुरुषोत्तम मास की महिमा बताई। यह मास भगवान के प्रति भक्ति, व्रत, और दान से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति का उत्तम अवसर है।

अधिमास, निंदित और असहाय होकर भगवान विष्णु की शरण में गया। उसने अपनी व्यथा सुनाई, और भगवान ने उसे धैर्य बंधाते हुए सम्मानित करने का आश्वासन दिया। ऋषिगण बोले, ‘हे…

अधिमास, शरणागत होकर भगवान विष्णु से अपने तिरस्कार और कष्ट की व्यथा कहता है। करुणा से द्रवित भगवान विष्णु अधिमास को स्वीकारते हैं और उसे आश्वासन देते हैं। श्रीनारायण बोले, …

अधिक मास के दुःख से व्यथित, भगवान विष्णु अधिक मास को लेकर श्रीकृष्ण के गोलोक पहुंचे। श्रीकृष्ण ने अधिक मास को स्वीकारते हुए उसे “पुरुषोत्तम मास” का सम्मान दिया, उसका दुःख हर लिया।…

भगवान विष्णु अधिमास के दुःख को लेकर गोलोक में श्रीकृष्ण के पास गए। श्रीकृष्ण ने अधिमास के दुःख को दूर कर इसे सर्वोत्तम “पुरुषोत्तम मास” का दर्जा दिया। नारदजी बोले…

भगवान श्रीकृष्ण ने मलमास को “पुरुषोत्तम मास” नाम देकर सर्वोच्च स्थान दिया। इस मास में जप, दान, स्नान और पूजा से भक्तों को असीम पुण्य व मोक्ष प्राप्त होता है।…

सूतजी बोले, ‘हे तपोधन! विष्णु और श्रीकृष्ण के संवाद को सुन सन्तुष्टमन नारद, नारायण से पुनः प्रश्न करने लगे। नारदजी बोले, ‘हे प्रभो! जब विष्णु बैकुण्ठ चले गये तब फिर…'

कन्या अपने दुखों से व्यथित थी, और दुर्वासा मुनि ने उसे सांत्वना दी। फिर, कन्या ने शंकर से दुःख निवारण की प्रार्थना की, जिससे मुनि ने उसे समाधान दिया। सूतजी…

दुर्वासा मुनि ने कन्या को पुरुषोत्तम मास का महत्व बताया, लेकिन उसने उसे नकारा। फिर दुर्वासा ने उसे शाप देने के बजाय, शिव की तपस्या करने की सलाह दी। नारद…

कथा में एक तपस्विनी कन्या ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की। शिवजी ने उसे पाँच पति का वर दिया, लेकिन कन्या ने इसे अस्वीकार कर दिया, और पुरुषोत्तम मास…