पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा - Tilak Kathayein - Tilak Kathayein
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पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha

31 लेख

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 12 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 12
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 12 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 12

यह कथा पुरुषोत्तम मास के महात्म्य और भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों पर आधारित है। नारदजी ने भगवान से पूछा कि जब शिवजी गए, तो तपस्विनी कन्या पर क्या बीती। श्री…

12 Jan 2025359
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 13  | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 13
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 13

इस अंश में ऋषि राजा दृढधन्वा की कथा सुनाते हैं, जो अपनी समृद्धि पर चिंतन करते हुए आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए दिव्य उपदेशों से एक बदलाव का अनुभव करते हैं।

12 Jan 2025305
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 14 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 14
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 14 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 14

राजा दृढ़धन्वा ने वाल्मीकि मुनि से शुक पक्षी के वचन के बारे में पूछा, जिससे वह अपने जीवन की सफलता और समृद्धि का कारण समझना चाहते थे। वाल्मीकि मुनि ने…

12 Jan 2025460
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 15 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 15
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 15 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 15

सुदेव शर्मा ब्राह्मण ने भगवान विष्णु से पुत्र की प्रार्थना की। उनकी भक्ति से प्रभावित होकर भगवान विष्णु ने गरुड़ के माध्यम से उसे सुंदर पुत्र प्रदान किया। श्रीनारायण बोले, …

12 Jan 2025448
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 16 |  पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 16
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 16

श्री नारायण ने नारद को बाल्मीकि ऋषि द्वारा राजा दृढ़धन्वा को सुनाई अद्भुत कथा बताई। गरुड़ ने सुदेव शर्मा को पुत्र सुख का वरदान दिया लेकिन चेताया कि बारहवें वर्ष…

12 Jan 2025338
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 17 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 17
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 17 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 17

राजा दृढ़धन्वा ने पूर्वजन्म की कथा सुनने के बाद बाल्मीकि से और सुनने की इच्छा जताई। बाल्मीकि ने सुदेव शर्मा के पुत्र शोक की कथा सुनाई, जिसमें पुत्र शुकदेव की…

12 Jan 2025228
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 18  |  पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 18
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 18

नारद जी से दृढ़धन्वा ने पूर्वजन्म की कथा सुनी। बाल्मीकि ने पुत्र-शोक, पुरुषोत्तम मास की महिमा, और ब्राह्मण की तपस्या से श्रीहरि की कृपा का वर्णन किया। नारद जी बोले, …

12 Jan 2025290
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 19 |  पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 19
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 19 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 19

श्रीसूत जी ने नारद मुनि द्वारा श्रीहरि से पूछे प्रश्न और सुदेव ब्राह्मण के पुरुषोत्तम मास सेवन से हुए अद्भुत फल का वर्णन किया। भगवान विष्णु ने सुदेव को इस...

12 Jan 2025194
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 20 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 20
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 20 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 20

पुरुषोत्तम मास में विधिपूर्वक स्नान, दान, व्रत, तिलक, पूजा और भगवान पुरुषोत्तम की आराधना से महान पुण्य प्राप्त होता है, जो मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। सूतजी बोले –…

12 Jan 2025263
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 21 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 21
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 21 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 21

वाल्मीकि मुनि ने भगवान पुरुषोत्तम की प्रतिमा में प्राण-प्रतिष्ठा और भक्तिपूर्वक पूजन के महत्व का वर्णन किया, जिससे भक्त को सभी सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है। वाल्मीकि मुनि…

12 Jan 2025248
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 22  | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 22
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 22 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 22

बाल्मीकि मुनि ने पुरुषोत्तम भगवान्‌ की प्राण प्रतिष्ठा, षोडशोपचार पूजा, और भक्ति से किए गए पूजन के महत्व को बताया, जो परम सुख और मोक्ष का मार्ग है। बाल्मीकि मुनि…

12 Jan 2025285
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 23 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 23
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 23 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 23

राजा चित्रबाहु, पूर्व जन्म में शूद्र मणिग्रीव, ब्राह्मण उग्रदेव की सेवा कर पुण्य प्राप्त करते हैं। उनकी पतिव्रता स्त्री धर्मनिष्ठ थी, जिससे उनका भाग्योदय हुआ। दृढ़धन्वा राजा बोला- हे मुनियों…

11 Jan 2025257