18 जुलाई 2026

📜

आज का संकल्प मंत्र

आज के पंचांग के अनुसार तैयार

संवत्
2083
मास
आषाढ़
पक्ष
शुक्ल पक्ष
तिथि
पंचमी
वार
शनिवार
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी

🕉️ आपका संकल्प

ॐ विष्णुः विष्णुः विष्णुः। अद्य श्री विक्रम संवत् 2083, दक्षिणायन, ग्रीष्म ऋतु, आषाढ़ मास, शुक्ल पक्ष, पंचमी तिथि, शनिवार वासर, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — भारत वर्ष में, काश्यप गोत्र में उत्पन्न ________ — मैं मनोवांछित फल के निमित्त आज यह पूजन/व्रत/अनुष्ठान करने का संकल्प करता/करती हूँ॥

💡 हाथ में जल, अक्षत (चावल) और पुष्प लेकर यह संकल्प बोलें, फिर जल भूमि पर छोड़ दें।

WhatsApp पर शेयर करें

📖 संकल्प के बारे में

संकल्प किसी भी पूजा, व्रत या धार्मिक अनुष्ठान को आरंभ करने से पहले ली जाने वाली पवित्र प्रतिज्ञा है। इसमें आज की तिथि, विक्रम संवत, मास, पक्ष, वार और नक्षत्र के साथ अपना नाम-गोत्र तथा पूजा का उद्देश्य बोला जाता है। शास्त्रों के अनुसार संकल्प के बिना किया गया कर्म पूर्ण फल नहीं देता — इसलिए नीचे अपना नाम भरकर आज का संकल्प तैयार करें।

📿 संकल्प विधि

  1. 1स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  2. 2दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प और थोड़ी दक्षिणा (सिक्का) लें।
  3. 3ऊपर दिया गया संकल्प — आज की तिथि, अपना नाम व गोत्र सहित — स्पष्ट रूप से बोलें।
  4. 4संकल्प पूरा होने पर हाथ का जल भूमि पर छोड़ दें।
  5. 5इसके बाद अपनी पूजा, व्रत या अनुष्ठान आरंभ करें।

🔎 संकल्प के अंग

तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार आज का चंद्र दिवस, जो संकल्प को सही समय से जोड़ता है।
विक्रम संवत
भारतीय पंचांग का वर्ष, जिससे संकल्प का काल निश्चित होता है।
मास व पक्ष
चंद्र माह और शुक्ल/कृष्ण पक्ष, जो तिथि की स्थिति बताते हैं।
गोत्र
व्यक्ति की ऋषि-परंपरा; अज्ञात होने पर "काश्यप" गोत्र बोला जाता है।
हेतु
जिस उद्देश्य से पूजा या व्रत किया जा रहा है — सुख, आरोग्य या मनोकामना पूर्ति।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न