Tilak Kathayein पर पाएं आज का पंचांग, तिथि, हिंदू कथाएं, आरती, चालीसा, मंत्र और मंदिरों का इतिहास। जानें शुभ मुहूर्त, त्योहार और सनातन धर्म की संपूर्ण जानकारी।

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी
ब्लॉग

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। जानिए सावन सोमवार व्रत की कथा, पूजा विधि, नियम, महत्व, शिवलिंग अभिषेक, व्रत में क्या खाएं और उद्यापन की संपूर्ण विधि।

Tilak Kathayein13 Aug 2026
Solah Somvar Vrat Katha – सोलह सोमवार व्रत
शिव कथाएँ

Solah Somvar Vrat Katha – सोलह सोमवार व्रत

भगवान शिव को समर्पित यह व्रत विशेष रूप से विवाह, संतान सुख, मनोकामना पूर्ति और सौभाग्य के लिए किया जाता है। यह व्रत 16 लगातार सोमवार तक नियमपूर्वक किया जाता है…

Tilak Kathayein28 Jul 2025

नवीनतम लेख

Purushottam Mas Katha: Adhyaya 8 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 8
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 8

सूतजी बोले, ‘हे तपोधन! विष्णु और श्रीकृष्ण के संवाद को सुन सन्तुष्टमन नारद, नारायण से पुनः प्रश्न करने लगे। नारदजी बोले, ‘हे प्रभो! जब विष्णु बैकुण्ठ चले गये तब फिर…'

12 Jan 2025237
Purushottam Mas Katha: Adhyaya 9 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 9
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 9

कन्या अपने दुखों से व्यथित थी, और दुर्वासा मुनि ने उसे सांत्वना दी। फिर, कन्या ने शंकर से दुःख निवारण की प्रार्थना की, जिससे मुनि ने उसे समाधान दिया। सूतजी…

12 Jan 2025259
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 10 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 10
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 10 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 10

दुर्वासा मुनि ने कन्या को पुरुषोत्तम मास का महत्व बताया, लेकिन उसने उसे नकारा। फिर दुर्वासा ने उसे शाप देने के बजाय, शिव की तपस्या करने की सलाह दी। नारद…

12 Jan 2025307
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 11 |  पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 11
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 11 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 11

कथा में एक तपस्विनी कन्या ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की। शिवजी ने उसे पाँच पति का वर दिया, लेकिन कन्या ने इसे अस्वीकार कर दिया, और पुरुषोत्तम मास…

12 Jan 2025403
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 12 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 12
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 12 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 12

यह कथा पुरुषोत्तम मास के महात्म्य और भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों पर आधारित है। नारदजी ने भगवान से पूछा कि जब शिवजी गए, तो तपस्विनी कन्या पर क्या बीती। श्री…

12 Jan 2025466
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 13  | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 13
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 13

इस अंश में ऋषि राजा दृढधन्वा की कथा सुनाते हैं, जो अपनी समृद्धि पर चिंतन करते हुए आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए दिव्य उपदेशों से एक बदलाव का अनुभव करते हैं।

12 Jan 2025407
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 14 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 14
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 14 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 14

राजा दृढ़धन्वा ने वाल्मीकि मुनि से शुक पक्षी के वचन के बारे में पूछा, जिससे वह अपने जीवन की सफलता और समृद्धि का कारण समझना चाहते थे। वाल्मीकि मुनि ने…

12 Jan 2025588
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 15 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 15
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 15 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 15

सुदेव शर्मा ब्राह्मण ने भगवान विष्णु से पुत्र की प्रार्थना की। उनकी भक्ति से प्रभावित होकर भगवान विष्णु ने गरुड़ के माध्यम से उसे सुंदर पुत्र प्रदान किया। श्रीनारायण बोले, …

12 Jan 2025559
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 16 |  पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 16
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 16

श्री नारायण ने नारद को बाल्मीकि ऋषि द्वारा राजा दृढ़धन्वा को सुनाई अद्भुत कथा बताई। गरुड़ ने सुदेव शर्मा को पुत्र सुख का वरदान दिया लेकिन चेताया कि बारहवें वर्ष…

12 Jan 2025437
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 17 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 17
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 17 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 17

राजा दृढ़धन्वा ने पूर्वजन्म की कथा सुनने के बाद बाल्मीकि से और सुनने की इच्छा जताई। बाल्मीकि ने सुदेव शर्मा के पुत्र शोक की कथा सुनाई, जिसमें पुत्र शुकदेव की…

12 Jan 2025316
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 18  |  पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 18
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 18

नारद जी से दृढ़धन्वा ने पूर्वजन्म की कथा सुनी। बाल्मीकि ने पुत्र-शोक, पुरुषोत्तम मास की महिमा, और ब्राह्मण की तपस्या से श्रीहरि की कृपा का वर्णन किया। नारद जी बोले, …

12 Jan 2025359
Purushottam Maas Katha: Adhyaya 19 |  पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 19
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा

Purushottam Maas Katha: Adhyaya 19 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 19

श्रीसूत जी ने नारद मुनि द्वारा श्रीहरि से पूछे प्रश्न और सुदेव ब्राह्मण के पुरुषोत्तम मास सेवन से हुए अद्भुत फल का वर्णन किया। भगवान विष्णु ने सुदेव को इस...

12 Jan 2025294
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026197
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026217
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026280
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 202694
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026251
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन

"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026206
नाग पंचमी 2026: नाग देवता को क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पूजा के 7 जरूरी नियम

नाग पंचमी 2026: नाग देवता को क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पूजा के 7 जरूरी नियम

नाग पंचमी 2026 हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें नाग देवता की पूजा कर सुख-समृद्धि, परिवार की रक्षा और भगवान शिव की कृपा की कामना की जाती है। इस दिन पूजा में क्या अर्पित करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए, इसे लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं। इस लेख में जानें नाग पंचमी की पूजा विधि, पूजा सामग्री, 7 जरूरी नियम, क्या करें और क्या न करें, शुभ मुहूर्त और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व।

16 Aug 202673
श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। जानिए सावन सोमवार व्रत की कथा, पूजा विधि, नियम, महत्व, शिवलिंग अभिषेक, व्रत में क्या खाएं और उद्यापन की संपूर्ण विधि।

13 Aug 202689
shravan-maas-ka-mahatva-bhagwan-shiv-ki-kripa

श्रावण अमावस्या पूजा विधि | पितृ तर्पण, दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और सम्पूर्ण जानकारी

**श्रावण अमावस्या** हिंदू धर्म में पितरों की शांति, भगवान शिव की कृपा और पुण्य प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन **पितृ तर्पण, स्नान, दान और विधिपूर्वक पूजा** का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण और दान से पितृ प्रसन्न होते हैं तथा परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इस लेख में जानें श्रावण अमावस्या की पूजा विधि, पितृ तर्पण की सही प्रक्रिया, दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

13 Aug 202676
माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप और उनका महत्व | Maa Lakshmi Forms in Hindi

माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप और उनका महत्व | Maa Lakshmi Forms in Hindi

**माता लक्ष्मी** केवल धन और वैभव की देवी ही नहीं, बल्कि सुख, समृद्धि, ज्ञान, साहस, संतान, विजय और आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रतीक हैं। शास्त्रों में उनके अनेक दिव्य स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें **आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी** विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इस लेख में जानें माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूप, उनका धार्मिक महत्व, प्रत्येक स्वरूप की विशेष कृपा और उनसे जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

09 Aug 202679
char-yugon-ki-rachna-kaise-hui

4 Yugas Explained in Hindi | चार युगों की उत्पत्ति और रहस्य

हिंदू धर्मग्रंथों में समय को एक चक्र के रूप में समझाया गया है, जिसमें **सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग** क्रम से आते हैं। प्रत्येक युग में धर्म, मानव जीवन और नैतिक मूल्यों की स्थिति अलग बताई गई है। पुराणों में इन युगों की अवधि, विशेषताओं और एक युग से दूसरे युग में परिवर्तन का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस लेख में जानें चारों युगों की उत्पत्ति, उनका क्रम, अवधि, धर्म के क्रमिक परिवर्तन और इस रहस्यमयी युगचक्र से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

26 Aug 20268
asur-bhi-bhagwan-shiv-ke-bhakt-kyon-the

असुरों ने भगवान शिव की भक्ति क्यों की? 4 शक्तिशाली कारण और पौराणिक कथाएं

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 202641
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026384
माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

Dhumavati Utpatti Katha | माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

धूमावती उत्पत्ति कथा, पाठ विधि और लाभों को जानकर आप इस देवी के रहस्यमय स्वरूप को समझ सकते हैं और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं। संपूर्ण कथा, विधि और लाभों का विस्तृत विवरण आपको माँ धूमावती की कृपा प्राप्त करने का मार्ग दिखाएगा।

23 Jun 2026153

🕉 पंचांग ज्ञान

🕉

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कालगणना की प्राचीन पद्धति है, जो तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन पाँच अंगों पर आधारित है। इससे शुभ मुहूर्त, व्रत-त्योहार और दैनिक ग्रह स्थिति का पता चलता है।

और जानें
🌙

तिथि क्या है?

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर से तय होती है। एक माह में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत-पूजा के लिए सही तिथि जानना आवश्यक है।

और जानें

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र आकाश में चंद्रमा के पथ के 27 भाग हैं। चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र बदलता है, और प्रत्येक नक्षत्र का अपना देवता व स्वभाव होता है जो दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।

और जानें
⚠️

राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का वह अशुभ समयखंड है जब नया कार्य, विवाह, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लेने चाहिए। यह हर दिन और हर शहर में अलग समय पर आता है।

और जानें

शुभ मुहूर्त क्या है?

शुभ मुहूर्त वह समय है जब तिथि, नक्षत्र, योग और करण अनुकूल स्थिति में हों। ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित और गोधूलि मुहूर्त इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

और जानें
🌞

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटकर शुभ-अशुभ समय बताने की पद्धति है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया सबसे शुभ माने जाते हैं।

और जानें