Tilak Kathayein – पंचांग, हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा और मंत्र

omkareshwar-jyotirlinga-history-katha-darshan-guide
12 Jyotirlingas

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: Omkareshwar Temple History & Guide

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में चतुर्थ (चौथा) स्थान रखता है। इस पावन तीर्थ का भौगोलिक आकार प्राकृतिक रूप से ॐ (प्रणव) जैसा बना हुआ है, जिसे शिवपुरी या मान्धाता द्वीप कहा जाता है। शिव पुराण के अनुसार, इक्ष्वाकु वंश के चक्रवर्ती राजा मान्धाता की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव यहाँ ज्योति रूप में प्रकट हुए थे। ओंकारेश्वर के साथ नर्मदा पार स्थित 'ममलेश्वर' लिंग के दर्शन करने पर ही संपूर्ण ज्योतिर्लिंग यात्रा का फल पूर्ण माना जाता है।

Tilak Kathayein06 Sep 2026
आत्मा और परमात्मा – Atma aur Paramatma
ब्लॉग

Atma aur Paramatma | आत्मा और परमात्मा – सम्पूर्ण जानकारी 2026

आत्मा और परमात्मा – सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में 2026। TilakKathayein।

Tilak Kathayein05 Apr 2026

नवीनतम लेख

Chaitanya Mahaprabhu Biography in Hindi | सम्पूर्ण जीवन कथा
भक्तमाल

Chaitanya Mahaprabhu Biography in Hindi | सम्पूर्ण जीवन कथा

चैतन्य महाप्रभु 15वीं–16वीं शताब्दी के महान संत, समाज सुधारक और गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के प्रवर्तक थे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के नाम-संकीर्तन और प्रेम-भक्ति का संदेश पूरे भारत में फैलाया। इस लेख में जानें चैतन्य महाप्रभु का जीवन परिचय, जन्म, आध्यात्मिक यात्रा, प्रमुख शिक्षाएं, धार्मिक योगदान और कृष्ण भक्ति आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका।

11 Jul 2026268
Prambanan Temple in Hindi | इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर की सम्पूर्ण जानकारी
मंदिर

Prambanan Temple in Hindi | इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर की सम्पूर्ण जानकारी

प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा और भव्य हिंदू मंदिर परिसर है, जो मुख्य रूप से भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला, प्राचीन इतिहास और धार्मिक महत्व के लिए विश्वभर में जाना जाता है। इस लेख में जानें प्रम्बानन मंदिर का इतिहास, पौराणिक कथाएं, स्थापत्य कला, यात्रा मार्ग और इससे जुड़े रोचक तथ्य।

10 Jul 2026178
पंढरपुर वारी 2026: तिथि, पालखी मार्ग, यात्रा कार्यक्रम और संपूर्ण यात्रा गाइड
ब्लॉग

पंढरपुर वारी 2026: तिथि, पालखी मार्ग, यात्रा कार्यक्रम और संपूर्ण यात्रा गाइड

पंढरपुर वारी 2026 महाराष्ट्र की सबसे पवित्र और ऐतिहासिक तीर्थयात्राओं में से एक है। जानें वारी 2026 की तिथियां, आषाढ़ी एकादशी, पालखी मार्ग, यात्रा कार्यक्रम, प्रमुख पड़ाव, भगवान विठ्ठल के दर्शन, यात्रा की तैयारी और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक जानकारी।

08 Jul 2026474
गरुड़ पुराण के 28 प्रमुख नरक | नाम, पाप और दंड की सम्पूर्ण जानकारी
गरुड़ पुराण

गरुड़ पुराण के 28 प्रमुख नरक | नाम, पाप और दंड की सम्पूर्ण जानकारी

गरुड़ पुराण में वर्णित 28 प्रमुख नरक मनुष्य के पापों और उनके कर्मों के अनुसार मिलने वाले दंड का विस्तृत वर्णन करते हैं। प्रत्येक नरक किसी विशेष पाप के लिए निर्धारित है, जहाँ आत्मा अपने कर्मों का फल भोगती है। इस लेख में जानें गरुड़ पुराण के सभी 28 प्रमुख नरकों के नाम, उनमें जाने के कारण, मिलने वाले दंड और उनका धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व।

08 Jul 2026318
गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि, कथा और गुरु का आध्यात्मिक महत्व
ब्लॉग

गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि, कथा और गुरु का आध्यात्मिक महत्व

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है? जानें गुरु पूर्णिमा 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, महर्षि वेदव्यास का महत्व, गुरु पूजा विधि, धार्मिक मान्यता, शुभ कार्य, क्या करें और क्या न करें। पढ़ें गुरु पूर्णिमा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।

07 Jul 2026263
भारत के चार धाम | Char Dham Yatra in India in Hindi
ब्लॉग

भारत के चार धाम | Char Dham Yatra in India in Hindi

हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है। इसमें **बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम** शामिल हैं, जिन्हें मोक्ष प्रदान करने वाले चार प्रमुख धाम माना जाता है। इस लेख में जानें भारत के चार धाम का इतिहास, धार्मिक महत्व, पौराणिक कथाएं, यात्रा मार्ग और दर्शन से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

05 Jul 2026187
ऐसे हुई थी स्थापना जगन्नाथ पूरी धाम की
कहानियाँ

Jagannath Puri Temple History in Hindi | स्थापना और महत्व, जगन्नाथ पुरी धाम का इतिहास

जगन्नाथ पुरी धाम भारत के चार पवित्र धामों में से एक है और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा देवी सुभद्रा को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिव्य धाम की स्थापना राजा इंद्रद्युम्न ने भगवान विष्णु की आज्ञा से करवाई थी। इस लेख में जानें जगन्नाथ पुरी धाम की स्थापना की अद्भुत कथा, इसका इतिहास, धार्मिक महत्व और इससे जुड़े रोचक रहस्यों के बारे में।

04 Jul 2026196
अमरनाथ यात्रा 2026 की 3 जुलाई से शुरुआत: तीर्थयात्रियों के लिए सभी तैयारियां पूरी
ब्लॉग

अमरनाथ यात्रा 2026 की 3 जुलाई से शुरुआत: तीर्थयात्रियों के लिए सभी तैयारियां पूरी

श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ 3 जुलाई से होने जा रहा है। जानें यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियां, पंजीकरण, पहलगाम और बालटाल मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था तथा बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।

02 Jul 2026289
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व
कथाएँ

भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026552
स्वाहा
ब्लॉग

हवन के दौरान हम "स्वाहा" क्यों कहते हैं? | Why Do we Say " Swaha" during havan?

स्वाहा हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण मंत्र है, जो यज्ञ में आहुति की पूर्णता का प्रतीक है। यह देवी स्वधा का एक रूप है और पितरों को तृप्त करने व देवताओं को प्रसन्न करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

28 Jun 2026356
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व
भजन

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026398
तुकाराम
भक्तमाल

संत तुकाराम की जीवनी | Sant Tukaram Biography in Hindi

संत तुकाराम महाराष्ट्र के महान संत, कवि और भगवान विट्ठल के परम भक्त थे। उन्होंने अपने अभंगों के माध्यम से भक्ति, समानता और मानवता का संदेश दिया। उनका नाम भारत के महान संतों और भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में लिया जाता है।

24 Jun 2026387
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026314
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026338
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026455
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 2026228
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026398
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन

"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026346
krishna-16108-wives

कृष्ण की 16,108 पत्नियाँ क्यों थीं? असली कहानी और शास्त्रों में वर्णित रहस्य

**श्रीकृष्ण की 16,108 पत्नियों** की कथा हिंदू धर्म की सबसे चर्चित और अक्सर गलत समझी जाने वाली कथाओं में से एक है। शास्त्रीय परंपरा के अनुसार, नारकासुर के वध के बाद कृष्ण ने उसकी कैद से मुक्त हुई **16,100 महिलाओं** को सामाजिक अपमान से बचाने के लिए स्वीकार किया। इसके अतिरिक्त उनकी **8 प्रमुख रानियाँ** थीं, जिन्हें अष्टभार्या कहा जाता है। इस लेख में जानें 16,108 संख्या का रहस्य, नारकासुर की पूरी कथा और श्रीकृष्ण के इन विवाहों का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व।

31 Oct 20269
dhanteras-yam-ka-diya-katha-vidhi-niam

धनतेरस पर यम का दीया क्यों जलाते हैं? जानिए सही विधि व रहस्य

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (धनतेरस) की शाम को दक्षिण दिशा में मृत्यु के देवता यमराज के निमित्त जो विशेष दीपक प्रज्वलित किया जाता है, उसे 'यमदीप' (यम का दीया) कहते हैं। स्कंद पुराण और पद्म पुराण के अनुसार, धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त चार मुखी दीपदान करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु, दुर्घटना और यम यातनाओं के भय से मुक्ति मिलती है। यह दीपक घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अन्न की ढेरी पर रखा जाता है।

27 Oct 202635
sharad-purnima-kheer-puja-vidhi-katha

शरद पूनम: खीर रखने का समय, पूजा विधि व पौराणिक कथा

हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल पूर्णिमा को 'शरद पूर्णिमा' या 'शरद पूनम' (कोजागरी पूर्णिमा) कहा जाता है। मान्यता है कि इस पावन रात्रि को चंद्रमा पृथ्वी के सर्वाधिक निकट होता है और अपनी संपूर्ण 16 कलाओं से अमृत की किरणें बरसाता है। इस रात खुले आकाश के नीचे गाय के दूध और चावल से बनी खीर (गुजरात में दूध-पौंआ) रखने की परंपरा है। मध्यरात्रि में धन की देवी माता लक्ष्मी "को जागर्ति" (कौन जाग रहा है?) पूछते हुए पृथ्वी पर विचरण करती हैं और जागरण करने वाले भक्तों को अखंड ऐश्वर्य का वरदान देती हैं।

25 Oct 202657
सभी पापों के बाद भी शकुनि को स्वर्ग क्यों मिला? जानिए रहस्य

सभी पापों के बाद भी शकुनि को स्वर्ग क्यों मिला? जानिए रहस्य

महाभारत के 'स्वर्गारोहण पर्व' के अनुसार, शकुनि को स्वर्ग मिलने के तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, उसने कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए सहदेव के विरुद्ध सम्मुख लड़कर वीरगति प्राप्त की थी। दूसरा, कर्मफल के शास्त्रीय नियम के अनुसार, जिस जीव के पाप अधिक और पुण्य बहुत कम होते हैं, उसे अपने अल्प पुण्यों का भोग करने के लिए पहले कुछ समय के लिए स्वर्ग प्राप्त होता है, जिसके समाप्त होने पर वह दीर्घकालीन नरक में जाता है। तीसरा, यह युधिष्ठिर के अहंकार और द्वेष की शुद्धि के लिए देवराज इंद्र और धर्मराज द्वारा रची गई एक मायावी परीक्षा थी।

25 Oct 202654
bhishma-pitamah-ichha-mrityu-varadan

भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान कैसे मिला? जानें महाभारत की कथा

**भीष्म पितामह**, जिन्हें जन्म के समय देवव्रत कहा जाता था, अपनी महान प्रतिज्ञा और त्याग के लिए प्रसिद्ध हैं। जब उन्होंने अपने पिता राजा शांतनु के सुख और सत्यवती से उनके विवाह के लिए आजीवन ब्रह्मचर्य तथा हस्तिनापुर के सिंहासन पर अपना अधिकार छोड़ने की भयंकर प्रतिज्ञा ली, तब शांतनु उनसे अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने देवव्रत को ऐसा वरदान दिया कि **मृत्यु उनकी इच्छा के अधीन रहेगी**। इसी कारण भीष्म युद्धभूमि में बाणों की शय्या पर पड़े रहने के बाद भी अपनी इच्छानुसार प्राण त्याग सके। इस लेख में जानें इच्छामृत्यु के वरदान की पूरी कथा और इसका महाभारत में महत्व।

18 Oct 202680
char-yugon-ki-rachna-kaise-hui

4 Yugas Explained in Hindi | चार युगों की उत्पत्ति और रहस्य

हिंदू धर्मग्रंथों में समय को एक चक्र के रूप में समझाया गया है, जिसमें **सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग** क्रम से आते हैं। प्रत्येक युग में धर्म, मानव जीवन और नैतिक मूल्यों की स्थिति अलग बताई गई है। पुराणों में इन युगों की अवधि, विशेषताओं और एक युग से दूसरे युग में परिवर्तन का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस लेख में जानें चारों युगों की उत्पत्ति, उनका क्रम, अवधि, धर्म के क्रमिक परिवर्तन और इस रहस्यमयी युगचक्र से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

26 Aug 2026169
asur-bhi-bhagwan-shiv-ke-bhakt-kyon-the

असुरों ने भगवान शिव की भक्ति क्यों की? 4 शक्तिशाली कारण और पौराणिक कथाएं

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 2026217
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026552

🕉 पंचांग ज्ञान

🕉

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कालगणना की प्राचीन पद्धति है, जो तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन पाँच अंगों पर आधारित है। इससे शुभ मुहूर्त, व्रत-त्योहार और दैनिक ग्रह स्थिति का पता चलता है।

और जानें →
🌙

तिथि क्या है?

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर से तय होती है। एक माह में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत-पूजा के लिए सही तिथि जानना आवश्यक है।

और जानें →
⭐

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र आकाश में चंद्रमा के पथ के 27 भाग हैं। चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र बदलता है, और प्रत्येक नक्षत्र का अपना देवता व स्वभाव होता है जो दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।

और जानें →
⚠️

राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का वह अशुभ समयखंड है जब नया कार्य, विवाह, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लेने चाहिए। यह हर दिन और हर शहर में अलग समय पर आता है।

और जानें →
✨

शुभ मुहूर्त क्या है?

शुभ मुहूर्त वह समय है जब तिथि, नक्षत्र, योग और करण अनुकूल स्थिति में हों। ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित और गोधूलि मुहूर्त इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

और जानें →
🌞

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटकर शुभ-अशुभ समय बताने की पद्धति है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया सबसे शुभ माने जाते हैं।

और जानें →