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गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि, कथा और गुरु का आध्यात्मिक महत्व
ब्लॉग

गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि, कथा और गुरु का आध्यात्मिक महत्व

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है? जानें गुरु पूर्णिमा 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, महर्षि वेदव्यास का महत्व, गुरु पूजा विधि, धार्मिक मान्यता, शुभ कार्य, क्या करें और क्या न करें। पढ़ें गुरु पूर्णिमा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।

Tilak Kathayein07 Jul 2026
हरियाली तीज 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और महत्व
देवी की कथाएँ

हरियाली तीज 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और धार्मिक महत्व

हरियाली तीज 2026 का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। जानें हरियाली तीज की तिथि, पूजा विधि, व्रत कथा, शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और इस पावन पर्व से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।

Tilak Kathayein17 Jul 2026

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पातंजल योगसूत्र
ग्रंथ

पातंजल योगसूत्र – अध्याय 5: विरासत: मिलन और मुक्ति

पातंजल योगसूत्र का अध्याय 5 — विरासत: मिलन और मुक्ति। यह अध्याय पतंजलि की विरासत, योग के माध्यम से मिलन और मुक्ति के मार्ग, और उनके दर्शन के शाश्वत महत्व को दर्शाता है।

13 Apr 2026118
गरुड़ पुराण
ग्रंथ

गरुड़ पुराण – अध्याय 5: मोक्ष और भक्ति

गरुड़ पुराण का अध्याय 5 — मोक्ष और भक्ति। यह अध्याय मोक्ष प्राप्त करने के मार्ग, भगवान विष्णु की भक्ति के महत्व और ज्ञान की प्राप्ति पर जोर देकर गरुड़ पुराण का समापन करता है।

13 Apr 2026444
पातंजल योगसूत्र
ग्रंथ

पातंजल योगसूत्र – अध्याय 4: व्याख्याएँ और प्रभाव

पातंजल योगसूत्र का अध्याय 4 — व्याख्याएँ और प्रभाव। यह अध्याय पतंजलि के योग सूत्रों पर लिखी गई विभिन्न टीकाओं और उनके योग दर्शन के प्रभाव पर केंद्रित है।

13 Apr 2026109
गरुड़ पुराण
ग्रंथ

गरुड़ पुराण – अध्याय 4: पुनर्जन्म और कर्म

गरुड़ पुराण का अध्याय 4 — पुनर्जन्म और कर्म। यह अध्याय कर्म के सिद्धांत और पुनर्जन्म के चक्र पर केंद्रित है, जिसमें अच्छे और बुरे कर्मों के परिणाम विस्तार से बताए गए हैं।

13 Apr 2026316
पातंजल योगसूत्र
ग्रंथ

पातंजल योगसूत्र – अध्याय 3: योग सूत्र: संकलन

पातंजल योगसूत्र का अध्याय 3 — योग सूत्र: संकलन। यह अध्याय पतंजलि द्वारा योग सूत्रों के संकलन और योग के सिद्धांतों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को दर्शाता है।

13 Apr 2026113
गरुड़ पुराण
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गरुड़ पुराण – अध्याय 3: मृतकों के लिए कर्मकाण्ड

गरुड़ पुराण का अध्याय 3 — मृतकों के लिए कर्मकाण्ड। यह अध्याय मृतकों के लिए किए जाने वाले विभिन्न अनुष्ठानों, जैसे कि श्राद्ध और पिंडदान के महत्व पर प्रकाश डालता है, जिससे आत्मा को शांति मिलती है।

13 Apr 2026313
पातंजल योगसूत्र
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पातंजल योगसूत्र – अध्याय 2: प्रारंभिक शिक्षाएँ और व्याकरण

पातंजल योगसूत्र का अध्याय 2 — प्रारंभिक शिक्षाएँ और व्याकरण। इस अध्याय में, पतंजलि की बाल्यवस्था, उनकी विलक्षण प्रतिभा, और उनके संस्कृत व्याकरण पर किए गए कार्यों का वर्णन है।

13 Apr 202696
गरुड़ पुराण
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गरुड़ पुराण – अध्याय 2: मृत्यु के बाद की यात्रा

गरुड़ पुराण का अध्याय 2 — मृत्यु के बाद की यात्रा। इस अध्याय में मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा का वर्णन है, जिसमें यमलोक का मार्ग और विभिन्न प्रकार की यातनाएँ शामिल हैं।

13 Apr 2026331
पातंजल योगसूत्र
ग्रंथ

पातंजल योगसूत्र – अध्याय 1: पतंजलि: दिव्य अवतार

पातंजल योगसूत्र का अध्याय 1 — पतंजलि: दिव्य अवतार। यह अध्याय पतंजलि के दिव्य जन्म और शैव अवतार के रूप में धरती पर आने की कहानी का वर्णन करता है।

13 Apr 2026114
देवी भागवत पुराण
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देवी भागवत पुराण – अध्याय 7: महिमा और सीख

देवी भागवत पुराण का अध्याय 7 — महिमा और सीख। देवी दुर्गा की महिमा का वर्णन, उनकी भक्ति का महत्व, और इस कथा से मिलने वाली नैतिक शिक्षाओं का उल्लेख किया गया है।

13 Apr 2026105
ऐसे हुई थी स्थापना जगन्नाथ पूरी धाम की

Jagannath Puri Temple History in Hindi | स्थापना और महत्व, जगन्नाथ पुरी धाम का इतिहास

जगन्नाथ पुरी धाम भारत के चार पवित्र धामों में से एक है और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा देवी सुभद्रा को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिव्य धाम की स्थापना राजा इंद्रद्युम्न ने भगवान विष्णु की आज्ञा से करवाई थी। इस लेख में जानें जगन्नाथ पुरी धाम की स्थापना की अद्भुत कथा, इसका इतिहास, धार्मिक महत्व और इससे जुड़े रोचक रहस्यों के बारे में।

04 Jul 202688
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026154
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026169
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026197
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

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श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 202650
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

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हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026161
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

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"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026137
श्रीजगन्नाथ सहस्रनाम स्तोत्रम्: संपूर्ण पाठ, अर्थ, महत्व और लाभ

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श्रीजगन्नाथ सहस्रनाम स्तोत्रम् भगवान जगन्नाथ के दिव्य हजार नामों का पवित्र स्तोत्र है। जानें इसके पाठ की विधि, धार्मिक महत्व, आध्यात्मिक लाभ और संपूर्ण स्तोत्र।

14 Jul 202683
पंढरपुर वारी 2026: तिथि, पालखी मार्ग, यात्रा कार्यक्रम और संपूर्ण यात्रा गाइड

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पंढरपुर वारी 2026 महाराष्ट्र की सबसे पवित्र और ऐतिहासिक तीर्थयात्राओं में से एक है। जानें वारी 2026 की तिथियां, आषाढ़ी एकादशी, पालखी मार्ग, यात्रा कार्यक्रम, प्रमुख पड़ाव, भगवान विठ्ठल के दर्शन, यात्रा की तैयारी और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक जानकारी।

08 Jul 2026189
गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि, कथा और गुरु का आध्यात्मिक महत्व

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गुरु पूर्णिमा 2026 कब है? जानें गुरु पूर्णिमा 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, महर्षि वेदव्यास का महत्व, गुरु पूजा विधि, धार्मिक मान्यता, शुभ कार्य, क्या करें और क्या न करें। पढ़ें गुरु पूर्णिमा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।

07 Jul 202683
भारत के चार धाम | Char Dham Yatra in India in Hindi

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हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है। इसमें **बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम** शामिल हैं, जिन्हें मोक्ष प्रदान करने वाले चार प्रमुख धाम माना जाता है। इस लेख में जानें भारत के चार धाम का इतिहास, धार्मिक महत्व, पौराणिक कथाएं, यात्रा मार्ग और दर्शन से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

05 Jul 202681