
राधा वल्लभ सम्प्रदाय: महत्व और अनुष्ठान
हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन इस व्रत को धारण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्त्रियों को रसवालाममें पूजा पाठ और धार्मिक…

हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन इस व्रत को धारण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्त्रियों को रसवालाममें पूजा पाठ और धार्मिक…

॥ दोहा॥ विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय । ॥ चौपाई ॥ नमो विष्णु भगवान खरारी । कष्ट नशावन अखिल बिहारी ॥ प्रबल…

दोहा श्री शनि चालीसा एक प्रसिद्ध हिन्दू धार्मिक ग्रंथ है। यह चालीसा 40 श्लोकों का समूह है जो शनिवार के दिन उनकी पूजा के अवसर पर उतारा जाता है। ||…

तिलक लगाना हिंदू परंपरा में इस्तेमाल की जाने वाली एक विशेष रस्म है। बिना तिलक लगाए न तो पूजा करने की अनुमति मिलती है और न ही पूजा पूरी होती…

रावण ने अपनी भक्ति और समर्पण के साथ शिव तांडव स्तोत्र को रचा था। यह स्तोत्र एक उत्कृष्ट काव्य है जिसमें शिव की महिमा, शक्ति और विनाशकारी स्वरूप का वर्णन है।

माँ अन्नपूर्णा माता का महाव्रत मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष पंचमी से प्रारम्भ होता है और मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी को समाप्त होता है। यह उत्तमोत्तम व्रत सत्रह दिनों का होता है…

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ आगे आगे गैया पीछे पीछे…

धृतराष्ट्र उवाच: धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः । मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय ।। धृतराष्ट्र बोले- हे संजय ! धर्मभूमि कुरुक्षेत्रमें एकत्रित, युद्धकी इच्छावाले मेरे और पाण्डुके पुत्रोंने क्या किया ? ॥१॥…

गीता जयंती एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हिन्दू धर्म में भगवद् गीता के महत्वपूर्ण सन्देशों की महिमा को मनाता है। यह पर्व भगवद् गीता के आदिवासियों के रूप में भगवान...