🙏
लेखक

Tilak Kathayein

Tilak Kathayein TilakKathayein की संपादकीय टीम है, जो प्रामाणिक शास्त्रों पर आधारित हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा, मंत्र और पंचांग प्रकाशित करती है।

1059 लेख
Vaishno Devi Temple – वैष्णो देवी मंदिर
मंदिर

Vaishno Devi Temple – वैष्णो देवी मंदिर

वैष्णो देवी मंदिर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जो जम्मू और कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर माता वैष्णो देवी को समर्पित है और हर साल लाखों भक्तों को आकर्षित करता है। यह मंदिर अपनी अलौकिक शक्ति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहाँ की यात्रा को एक आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है, जहाँ भक्त माँ के दर्शन के लिए कठिन चढ़ाई करते हैं।

08 Mar 2025627
Lalita Devi Temple Prayagraj – ललिता देवी मंदिर प्रयागराज
मंदिर

Lalita Devi Temple Prayagraj – ललिता देवी मंदिर प्रयागराज

परिचय (Introduction) ललिता देवी मंदिर, प्रयागराज में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर माता सती के दाहिने हाथ…

26 Feb 2025783
भगवान नारायण के 108 नाम
शतनामावली

108 Names of Lord Narayana – भगवान नारायण के 108 नाम

भगवान नारायण के नामों का महत्व (Importance of Lord Narayan Names) भगवान नारायण, जिन्हें भगवान विष्णु के रूप में भी जाना जाता है, सृष्टि के पालनहार हैं। उनके 108 पवित्र

25 Feb 20251,828
mallikarjuna-jyotirlinga-guide
12 Jyotirlingas

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग: Mallikarjuna Temple Guide & Katha

आंध्र प्रदेश के नंदयाल जिले में कृष्णा नदी (पाताल गंगा) के तट पर श्रीशैल पर्वत पर स्थित मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में द्वितीय ज्योतिर्लिंग है. यह पावन तीर्थ ज्योतिर्लिंग के साथ-साथ माता सती के 18 महाशक्तिपीठों (माँ भ्रमरांबा देवी) में से एक होने का अद्वितीय गौरव रखता है. शिव पुराण के अनुसार, कार्तिकेय जी के रुष्ट होकर क्रौंच पर्वत जाने पर उन्हें मनाने हेतु भगवान शिव 'अर्जुन' और माता पार्वती 'मल्लिका' स्वरूप में यहाँ ज्योति रूप में प्रकट हुए थे. यहाँ किए जाने वाले स्पर्श दर्शन और पाताल गंगा स्नान से जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति मिलती है.

24 Feb 2025534
Chapter 18 : Moksha Sanyasa Yoga – अध्याय १८: मोक्षसंन्यासयोगः
भागवद गीता

Chapter 18 : Moksha Sanyasa Yoga – अध्याय १८: मोक्षसंन्यासयोगः

अर्जुन उवाच: सन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम् । त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ।। अर्जुन बोले- हे महाबाहो ! हे अन्तर्यामिन् ! हे वासुदेव ! मैं संन्यास और त्यागके तत्त्वको पृथक्- पृथक्…

22 Feb 2025364
bhimashankar-jyotirlinga-guide
12 Jyotirlingas

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग: Bhimashankar Temple Guide & Katha

महाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के घने जंगलों में स्थित भीमाशंकर महादेव मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में छठा स्थान रखता है। यह पवित्र स्थल पापनाशिनी भीमा (चंद्रभागा) नदी का उद्गम स्थल भी है। शिव पुराण के अनुसार, कुंभकर्ण के पराक्रमी पुत्र भीम नामक असुर के अत्याचारों से भक्तों व संतों की रक्षा करने हेतु भगवान शिव ने यहाँ प्रकट होकर उसका संहार किया था। देवताओं और ऋषियों की प्रार्थना पर महादेव सदैव के लिए 'भीमाशंकर' ज्योतिर्लिंग के रूप में यहाँ विराजमान हो गए।

22 Feb 2025598
Chapter 17 : Shraddha Traya Vibhaga Yoga – अध्याय १७: श्रद्धात्रयविभागयोग
भागवद गीता

Chapter 17 : Shraddha Traya Vibhaga Yoga – अध्याय १७: श्रद्धात्रयविभागयोग

अर्जुन उवाच: ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः । तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ।। अर्जुन बोले- हे कृष्ण ! जो मनुष्य शास्त्रविधिको त्यागकर श्रद्धासे युक्त हुए देवादिका पूजन करते…

20 Feb 2025303
Chapter 16 : Daivasura Sampad Vibhaga Yoga – अध्याय १६: दैवासुरसम्पद्विभागयोग
भागवद गीता

Chapter 16 : Daivasura Sampad Vibhaga Yoga – अध्याय १६: दैवासुरसम्पद्विभागयोग

श्रीभगवानुवाच: अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः । दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम् ॥ श्रीभगवान् बोले- भयका सर्वथा अभाव, अन्तःकरणकी पूर्ण निर्मलता, तत्त्वज्ञानके लिये ध्यानयोगमें निरन्तर दृढ़ स्थिति और सात्त्विक दान, इन्द्रियोंका दमन, भगवान्,…

18 Feb 2025258
mahakaleshwar-jyotirlinga-guide
12 Jyotirlingas

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग: Mahakaleshwar Temple Guide

मध्य प्रदेश के उज्जैन (प्राचीन अवंतिका नगरी) में पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में तृतीय (तीसरा) स्थान रखता है। यह विश्व का एकमात्र स्वयंभू दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, जहाँ काल के अधिपति महादेव अकाल मृत्यु और भय से मुक्ति प्रदान करते हैं। प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त में होने वाली दिव्य भस्म आरती, त्रि-स्तरीय मंदिर रचना (महाकाल, ओंकारेश्वर और नागचंद्रेश्वर) तथा भव्य 'श्री महाकाल लोक' इस पावन धाम को विश्वभर में अद्वितीय बनाते हैं।

18 Feb 2025414
Chapter 15 : Purushottama Yoga – अध्याय १५: पुरुषोत्तमयोग
भागवद गीता

Chapter 15 : Purushottama Yoga – अध्याय १५: पुरुषोत्तमयोग

श्रीभगवानुवाच ऊर्ध्वमूलमधः शाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम् । छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित् ॥ श्रीभगवान् बोले- आदिपुरुष परमेश्वररूप मूलवाले और ब्रह्मारूप मुख्य शाखावाले’ जिस संसाररूप पीपलके वृक्षको अविनाशी कहते हैं, तथा...

16 Feb 2025294
Gayatri Vrat Katha  – गायत्री व्रत
देवी की कथाएँ

Gayatri Vrat Katha – गायत्री व्रत

गायत्री माता को वेदों की जननी और ज्ञान, प्रकाश, और सद्गुणों की देवी माना जाता है। उनकी आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होती…

15 Feb 2025951
Chapter 14 : Guna Traya Vibhaga Yoga – अध्याय १४: गुणत्रयविभागयोग
भागवद गीता

Chapter 14 : Guna Traya Vibhaga Yoga – अध्याय १४: गुणत्रयविभागयोग

श्रीभगवानुवाच: परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् । यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ॥ श्रीभगवान् बोले- ज्ञानोंमें भी अति उत्तम उस परम ज्ञानको मैं फिर कहूँगा, जिसको जानकर सब मुनिजन…

14 Feb 2025245