दुर्गा सप्तशती कथा – अध्याय 6: चण्ड मुण्ड का संहार

चण्ड मुण्ड का संहार
असुरों का आक्रमण
देवी का भयंकर रूप
चण्ड-मुण्ड का विनाश
अध्याय 6 का सार: इस अध्याय में हमने देखा कि कैसे चण्ड और मुण्ड नामक असुरों का देवी दुर्गा ने विनाश किया। अहंकार और अत्याचार का अंत निश्चित है, और भगवती हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। यह अध्याय हमें सिखाता है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती है। अब अगला अध्याय रक्तबीज के विनाश की ओर अग्रसर होगा।
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