Tilak Kathayein – पंचांग, हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा और मंत्र

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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: Omkareshwar Temple History & Guide

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में चतुर्थ (चौथा) स्थान रखता है। इस पावन तीर्थ का भौगोलिक आकार प्राकृतिक रूप से ॐ (प्रणव) जैसा बना हुआ है, जिसे शिवपुरी या मान्धाता द्वीप कहा जाता है। शिव पुराण के अनुसार, इक्ष्वाकु वंश के चक्रवर्ती राजा मान्धाता की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव यहाँ ज्योति रूप में प्रकट हुए थे। ओंकारेश्वर के साथ नर्मदा पार स्थित 'ममलेश्वर' लिंग के दर्शन करने पर ही संपूर्ण ज्योतिर्लिंग यात्रा का फल पूर्ण माना जाता है।

Tilak Kathayein06 Sep 2026
आत्मा और परमात्मा – Atma aur Paramatma
ब्लॉग

Atma aur Paramatma | आत्मा और परमात्मा – सम्पूर्ण जानकारी 2026

आत्मा और परमात्मा – सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में 2026। TilakKathayein।

Tilak Kathayein05 Apr 2026

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देवी की कथाएँ

बहुचराजी माता कथा – अध्याय 1: बहुचराजी का जन्म और प्रारंभिक जीवन

बहुचराजी माता कथा का अध्याय 1 — बहुचराजी का जन्म और प्रारंभिक जीवन। इस अध्याय में बहुचराजी के जन्म की कहानी, उनके पिता बरैया दान और प्रारंभिक जीवन का वर्णन है।

13 Apr 2026171
यदागिरिगुट्टा लक्ष्मी नरसिम्हा - Yadadri, Telangana
मंदिर

Yadagirigutta Lakshmi Narasimha | यदागिरिगुट्टा लक्ष्मी नरसिम्हा 2026 – दर्शन समय, इतिहास, कैसे पहुंचें | संपूर्ण जानकारी

यदागिरिगुट्टा लक्ष्मी नरसिम्हा, Telangana 2026: आरती समय, दर्शन समय, प्रवेश शुल्क, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

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13 Apr 2026148
बगलामुखी माता कथा
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बगलामुखी माता कथा – अध्याय 2: वाक् स्तम्भन की शक्ति

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13 Apr 2026147
नैना देवी कथा
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नैना देवी कथा – अध्याय 1: ग्वाले की अद्भुत खोज

नैना देवी कथा का अध्याय 1 — ग्वाले की अद्भुत खोज। नैना नामक एक ग्वाले ने अनजाने में देवी नैना देवी के दिव्य नेत्रों की खोज की, जो बाद में शक्तिपीठ बन गया।

13 Apr 2026174
त्रिपुर सुंदरी कथा
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त्रिपुर सुंदरी कथा – अध्याय 3: भण्डासुर राक्षस का उदय

त्रिपुर सुंदरी कथा का अध्याय 3 — भण्डासुर राक्षस का उदय। यह अध्याय भण्डासुर नामक शक्तिशाली राक्षस के उदय और उसके देवताओं पर अत्याचार करने की कहानी प्रस्तुत करता है।

13 Apr 2026180
कामाख्या देवी कथा
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कामाख्या देवी कथा – अध्याय 4: नरकासुर का उदय और पतन

कामाख्या देवी कथा का अध्याय 4 — नरकासुर का उदय और पतन। नरकासुर कामाख्या देवी के क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लेता है और अत्याचार करता है, अंततः भगवान कृष्ण द्वारा उसका वध किया जाता है।

13 Apr 2026170
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तुलसी माता कथा का अध्याय 7 — तुलसी का महत्व और आशीर्वाद। भगवान विष्णु तुलसी को आशीर्वाद देते हैं और घोषणा करते हैं कि उनकी पूजा के बिना कोई भी पूजा पूरी नहीं होगी, और तुलसी की महिमा का वर्णन होता है।

13 Apr 2026167
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13 Apr 2026182
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अंबा माता कथा – अध्याय 4: महाभारत में शिखंडी की भूमिका

अंबा माता कथा का अध्याय 4 — महाभारत में शिखंडी की भूमिका। शिखंडी महाभारत युद्ध में अर्जुन के लिए भीष्म को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

13 Apr 2026237
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'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026311
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026334
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026451
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 2026226
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026393
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन

"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026344
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धनतेरस पर यम का दीया क्यों जलाते हैं? जानिए सही विधि व रहस्य

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (धनतेरस) की शाम को दक्षिण दिशा में मृत्यु के देवता यमराज के निमित्त जो विशेष दीपक प्रज्वलित किया जाता है, उसे 'यमदीप' (यम का दीया) कहते हैं। स्कंद पुराण और पद्म पुराण के अनुसार, धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त चार मुखी दीपदान करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु, दुर्घटना और यम यातनाओं के भय से मुक्ति मिलती है। यह दीपक घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अन्न की ढेरी पर रखा जाता है।

27 Oct 202620
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शरद पूनम: खीर रखने का समय, पूजा विधि व पौराणिक कथा

हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल पूर्णिमा को 'शरद पूर्णिमा' या 'शरद पूनम' (कोजागरी पूर्णिमा) कहा जाता है। मान्यता है कि इस पावन रात्रि को चंद्रमा पृथ्वी के सर्वाधिक निकट होता है और अपनी संपूर्ण 16 कलाओं से अमृत की किरणें बरसाता है। इस रात खुले आकाश के नीचे गाय के दूध और चावल से बनी खीर (गुजरात में दूध-पौंआ) रखने की परंपरा है। मध्यरात्रि में धन की देवी माता लक्ष्मी "को जागर्ति" (कौन जाग रहा है?) पूछते हुए पृथ्वी पर विचरण करती हैं और जागरण करने वाले भक्तों को अखंड ऐश्वर्य का वरदान देती हैं।

25 Oct 202648
सभी पापों के बाद भी शकुनि को स्वर्ग क्यों मिला? जानिए रहस्य

सभी पापों के बाद भी शकुनि को स्वर्ग क्यों मिला? जानिए रहस्य

महाभारत के 'स्वर्गारोहण पर्व' के अनुसार, शकुनि को स्वर्ग मिलने के तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, उसने कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए सहदेव के विरुद्ध सम्मुख लड़कर वीरगति प्राप्त की थी। दूसरा, कर्मफल के शास्त्रीय नियम के अनुसार, जिस जीव के पाप अधिक और पुण्य बहुत कम होते हैं, उसे अपने अल्प पुण्यों का भोग करने के लिए पहले कुछ समय के लिए स्वर्ग प्राप्त होता है, जिसके समाप्त होने पर वह दीर्घकालीन नरक में जाता है। तीसरा, यह युधिष्ठिर के अहंकार और द्वेष की शुद्धि के लिए देवराज इंद्र और धर्मराज द्वारा रची गई एक मायावी परीक्षा थी।

25 Oct 202640
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गरुड़ पुराण की कथाएं आज क्यों जरूरी हैं? जानिए महत्व व सीख

गरुड़ पुराण केवल मृत्यु उपरांत की यात्रा या नरक की यातनाओं का विवरण नहीं है, बल्कि यह वर्तमान जीवन में नैतिकता, दया, और सदाचार से जीने का एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। आधुनिक युग में जब भौतिक सुखों के पीछे भागते हुए लोग नैतिक मूल्य भूल रहे हैं, तब गरुड़ पुराण का 'कर्मफल का सिद्धांत' मनुष्य को जिम्मेदार, संवेदनशील और न्यायप्रिय बनने की गहरी सीख देता है।

30 Sep 202686
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भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान कैसे मिला? जानें महाभारत की कथा

**भीष्म पितामह**, जिन्हें जन्म के समय देवव्रत कहा जाता था, अपनी महान प्रतिज्ञा और त्याग के लिए प्रसिद्ध हैं। जब उन्होंने अपने पिता राजा शांतनु के सुख और सत्यवती से उनके विवाह के लिए आजीवन ब्रह्मचर्य तथा हस्तिनापुर के सिंहासन पर अपना अधिकार छोड़ने की भयंकर प्रतिज्ञा ली, तब शांतनु उनसे अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने देवव्रत को ऐसा वरदान दिया कि **मृत्यु उनकी इच्छा के अधीन रहेगी**। इसी कारण भीष्म युद्धभूमि में बाणों की शय्या पर पड़े रहने के बाद भी अपनी इच्छानुसार प्राण त्याग सके। इस लेख में जानें इच्छामृत्यु के वरदान की पूरी कथा और इसका महाभारत में महत्व।

18 Oct 202674
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4 Yugas Explained in Hindi | चार युगों की उत्पत्ति और रहस्य

हिंदू धर्मग्रंथों में समय को एक चक्र के रूप में समझाया गया है, जिसमें **सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग** क्रम से आते हैं। प्रत्येक युग में धर्म, मानव जीवन और नैतिक मूल्यों की स्थिति अलग बताई गई है। पुराणों में इन युगों की अवधि, विशेषताओं और एक युग से दूसरे युग में परिवर्तन का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस लेख में जानें चारों युगों की उत्पत्ति, उनका क्रम, अवधि, धर्म के क्रमिक परिवर्तन और इस रहस्यमयी युगचक्र से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

26 Aug 2026166
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असुरों ने भगवान शिव की भक्ति क्यों की? 4 शक्तिशाली कारण और पौराणिक कथाएं

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 2026207
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026546

🕉 पंचांग ज्ञान

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पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कालगणना की प्राचीन पद्धति है, जो तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन पाँच अंगों पर आधारित है। इससे शुभ मुहूर्त, व्रत-त्योहार और दैनिक ग्रह स्थिति का पता चलता है।

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तिथि क्या है?

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर से तय होती है। एक माह में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत-पूजा के लिए सही तिथि जानना आवश्यक है।

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नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र आकाश में चंद्रमा के पथ के 27 भाग हैं। चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र बदलता है, और प्रत्येक नक्षत्र का अपना देवता व स्वभाव होता है जो दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।

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राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का वह अशुभ समयखंड है जब नया कार्य, विवाह, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लेने चाहिए। यह हर दिन और हर शहर में अलग समय पर आता है।

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शुभ मुहूर्त क्या है?

शुभ मुहूर्त वह समय है जब तिथि, नक्षत्र, योग और करण अनुकूल स्थिति में हों। ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित और गोधूलि मुहूर्त इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

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चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटकर शुभ-अशुभ समय बताने की पद्धति है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया सबसे शुभ माने जाते हैं।

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