Tilak Kathayein – लेखक | TilakKathayein
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Tilak Kathayein

988 posts
Tryambkeshwar Jyotirling – त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
मंदिर

Tryambkeshwar Jyotirling – त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

त्र्यंबकेश्‍वरज्योर्तिलिंग में ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश तीनों ही विराजित हैं यही इस ज्‍योतिर्लिंग की सबसे बड़ी विशेषता है। अन्‍य सभी ज्‍योतिर्लिंगों में केवल भगवान शिव ही विराजित हैं। पौराणिक कथा…

01 Feb 2025106
Chapter 6 : Dhyana Yoga – अध्याय ६: ध्यानयोग
भागवद गीता

Chapter 6 : Dhyana Yoga – अध्याय ६: ध्यानयोग

श्रीभगवानुवाच: अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः । स सन्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः ॥ श्रीभगवान् बोले- जो पुरुष कर्मफलका आश्रय न लेकर करनेयोग्य कर्म करता है, वह सन्यासी है और योगी भी है, केवल अग्निहोत्र न करनेवाला या कर्म न करनेवाला सन्यासी नहीं है।

31 Jan 202560
Somnath Jyotirlinga – सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
मंदिर

Somnath Jyotirlinga – सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

सोमनाथ मंदिर की पौराणिक कथा जब प्रजापति दक्ष ने अपनी सभी सत्ताइस पुत्रियों का विवाह चन्द्रमा के साथ कर दिया, तो वे बहुत प्रसन्न हुए। पत्नी के रूप में दक्ष…

31 Jan 202575
Maha Shivratri Vrat Katha – महाशिवरात्रि व्रत कथा
शिव कथाएँ

महाशिवरात्रि व्रत: महत्व और अनुष्ठान

महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को किया जाता है। इस दिन व्रत रखकर भक्त भगवान शिव की आराधना करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।...

18 Jan 202597
Santoshi Vrat – संतोषी व्रत
देवी की कथाएँ

संतोषी माता व्रत और कथा | Santoshi Mata Vrat Katha in Hindi

संतोषी माता व्रत और कथा का पालन भारत में बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। यह व्रत मुख्यतः शुक्रवार को किया जाता है और इसे करने से...

18 Jan 202584
Chapter 5 : Sannyasa Yoga – अध्याय ५: कर्म संन्यास योग
भागवद गीता

Chapter 5 : Sannyasa Yoga – अध्याय ५: कर्म संन्यास योग

अर्जुन उवाच: सन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि । यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्चितम् ॥ अर्जुन बोले- हे कृष्ण! आप कर्मोंके संन्यासकी और फिर कर्मयोगकी प्रशंसा करते हैं। इसलिये इन…

18 Jan 202556
Chapter 4 : Gnana Karma Sanyasa Yoga – अध्याय ४: ज्ञानकर्मसंन्यासयोग
भागवद गीता

भगवद गीता अध्याय 4: ज्ञान कर्म संन्यास योग

भगवद गीता का चौथा अध्याय “ज्ञान कर्म संन्यास योग” है। इसमें श्री कृष्ण ने आत्मज्ञान, निष्काम कर्म और दिव्य ज्ञान के माध्यम से कर्तव्यों के निर्वहन को समझाया है। श्रीभगवानुवाच:…

16 Jan 202563
Chapter 3 : Karma Yoga – अध्याय ३: कर्मयोग
भागवद गीता

Chapter 3 : Karma Yoga – अध्याय ३: कर्मयोग

भगवद गीता का तीसरा अध्याय “कर्म योग” पर आधारित है, जिसमें श्री कृष्ण ने कर्म करने, बिना फल की चिंता किए, अपने धर्म का पालन करने और आत्म-निर्भरता की महत्ता…

14 Jan 202533
Khatu Shyam Aarti –  खाटू श्याम आरती
आरती

Khatu Shyam Aarti – खाटू श्याम आरती

खाटू श्याम की आरती एक प्रसिद्ध हिंदी आरती है जो खाटू श्याम जी की पूजा में उतारी जाती है। यह आरती उनकी भक्ति में उत्साह और आनंद को अभिव्यक्त करती…

14 Jan 202567