
देवी की कथाएँ
माँ अन्नपूर्णा व्रत: महत्व और अनुष्ठान
माँ अन्नपूर्णा माता का महाव्रत मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष पंचमी से प्रारम्भ होता है और मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी को समाप्त होता है। यह उत्तमोत्तम व्रत सत्रह दिनों का होता है…
30 Jul 202145

माँ अन्नपूर्णा माता का महाव्रत मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष पंचमी से प्रारम्भ होता है और मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी को समाप्त होता है। यह उत्तमोत्तम व्रत सत्रह दिनों का होता है…

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ आगे आगे गैया पीछे पीछे…

धृतराष्ट्र उवाच: धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः । मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय ।। धृतराष्ट्र बोले- हे संजय ! धर्मभूमि कुरुक्षेत्रमें एकत्रित, युद्धकी इच्छावाले मेरे और पाण्डुके पुत्रोंने क्या किया ? ॥१॥…

गीता जयंती एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हिन्दू धर्म में भगवद् गीता के महत्वपूर्ण सन्देशों की महिमा को मनाता है। यह पर्व भगवद् गीता के आदिवासियों के रूप में भगवान...