Narasimha Avatar Katha – Chapter 7: Peace Established, Dharma Established
नरसिंह अवतार कथा का अध्याय 7 — शांति स्थापित, धर्म स्थापित। नरसिंह हिरण्यकशिपु का वध करके संसार में धर्म की स्थापना करते हैं, और प्रह्लाद को आशीर्वाद देते हैं।
नरसिंह अवतार कथा का अध्याय 7 — शांति स्थापित, धर्म स्थापित। नरसिंह हिरण्यकशिपु का वध करके संसार में धर्म की स्थापना करते हैं, और प्रह्लाद को आशीर्वाद देते हैं।

कालिया नाग दमन कथा का अध्याय 1 — वृन्दावन का विषैला जल। कालिया नाग के विष से वृन्दावन की यमुना का पानी जहरीला हो जाता है, जिससे लोगों और पशुओं को परेशानी होती है।

शनि देव की आरती – सम्पूर्ण आरती बोल, अर्थ और आरती करने की विधि। शनि की आरती हिंदी में।

सुदामा और कृष्ण कथा का अध्याय 3 — सुदामा की गरीबी और प्रेरणा। सुदामा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गरीबी से जूझ रहे हैं, और उसकी पत्नी उसे कृष्ण से मदद मांगने के लिए प्रेरित करती है।

लंका विजय कथा का अध्याय 9 — विजय और वापसी। राम, सीता को वापस लेकर अयोध्या लौटते हैं और उनका राज्याभिषेक होता है।

गोवर्धन पर्वत कथा का अध्याय 1 — गोकुल: इंद्र का वैदिक अभिमान। गोकुल के निवासी इंद्र की पूजा करते हैं, जिससे कृष्ण को उनके अभिमान के बारे में पता चलता है।

सावित्री सत्यवान कथा का अध्याय 7 — सत्यवान का पुनर्जन्म। सावित्री के वचन और यमराज के वरदान के कारण, सत्यवान जीवित हो उठता है और दोनों खुशी से अपना जीवन व्यतीत करते हैं, यह कहानी सत्य और प्रेम की विजय का प्रतीक है।

कुरुक्षेत्र युद्ध कथा का अध्याय 8 — अंतिम युद्ध और विजय। अंतिम युद्ध में दुर्योधन का वध होता है और पांडव विजयी होते हैं, लेकिन उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ती है।

गणेश चतुर्थी व्रत कथा का अध्याय 5 — व्रत और उद्धार की कथा। राजा ने गणेश चतुर्थी का व्रत विधिपूर्वक किया और गणेश जी की कृपा से उसे अपने कष्टों से मुक्ति मिली, जिससे व्रत का महत्व स्थापित हुआ।

राम सेतु निर्माण कथा का अध्याय 4 — सेतु निर्माण का आरंभ। नल और नील के मार्गदर्शन में वानर सेना राम सेतु का निर्माण आरंभ करती है, पत्थर समुद्र में डाले जाते हैं और राम नाम के जप से तैरने लगते है।

ध्रुव भक्त कथा का अध्याय 2 — नारद का मार्गदर्शन और मंत्र। देवर्षि नारद ध्रुव को दर्शन देते हैं, विष्णु मंत्र प्रदान करते हैं और तपस्या करने का मार्गदर्शन करते हैं।
नरसिंह अवतार कथा का अध्याय 6 — नरसिंह का अवतार। विष्णु नरसिंह के रूप में खंभे से प्रकट होते हैं, आधा मनुष्य और आधा सिंह, और हिरण्यकशिपु पर आक्रमण करते हैं।