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Tilak Kathayein

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1059 articles
Ambaji maa Vrat Katha – अम्बाजी माँ का व्रत
Devi Ki Kathaye

Ambaji maa Vrat Katha – अम्बाजी माँ का व्रत

अंबाजी माता को शक्ति, साहस, और समृद्धि की देवी माना जाता है। उनकी पूजा और व्रत करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है।

13 Feb 2025449
Chapter 13 : Kshetra Kshetrajna Vibhaga Yoga – अध्याय १३: क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभागयोग
Bhagavad Gita

Chapter 13 : Kshetra Kshetrajna Vibhaga Yoga – अध्याय १३: क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभागयोग

श्रीभगवानुवाच: इदं शरीरं कौन्तेय क्षेत्रमित्यभिधीयते । एतद्यो वेत्ति तं प्राहुः क्षेत्रज्ञ इति तद्विदः ॥ श्रीभगवान् बोले- हे अर्जुन ! यह शरीर ‘क्षेत्र’ इस नामसे कहा जाता है और इसको जो…

12 Feb 2025286
Shankaracharya – आदि शंकराचार्य
Bhaktamal

Shankaracharya – आदि शंकराचार्य

पूरा नाम: आदि शंकराचार्यजन्म: 788 ई. (अनुमानित)जन्म स्थान: कालड़ी, केरल, भारतमाता-पिता: माता – आर्यम्बा, पिता – शिवगुरुसंप्रदाय: अद्वैत वेदांतगुरु: गोविंद भगवत्पादमुख्य ग्रंथ: ब्रह्मसूत्र भाष्य, भगवद गीता भाष्य, उपनिषद भाष्यनिधन: 820…

11 Feb 2025360
Chapter 12 : Bhakti Yoga – अध्याय १२: भक्तियोग
Bhagavad Gita

Chapter 12 : Bhakti Yoga – अध्याय १२: भक्तियोग

अर्जुन उवाच: एवं सततयुक्ता ये भक्तास्त्वां पर्युपासते। ये चाप्यक्षरमव्यक्तं तेषां के योगवित्तमाः ।। अर्जुन बोले- जो अनन्यप्रेमी भक्तजन पूर्वोक्त प्रकारसे निरन्तर आपके भजन ध्यानमें लगे रहकर आप सगुणरूप परमेश्वरको और…।

10 Feb 2025255
Holi Katha: The Spiritual Significance – होली कथा: आध्यात्मिक महत्व
Festival

Holi Katha: The Spiritual Significance – होली कथा: आध्यात्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होली का पावन पर्व मनाया जाता है। भारतवर्ष में होली का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

09 Feb 2025345
Chapter 11 : Vishvarupa Darshana Yoga – अध्याय ११: विश्वरूपदर्शनयोग
Bhagavad Gita

Chapter 11 : Vishvarupa Darshana Yoga – अध्याय ११: विश्वरूपदर्शनयोग

अर्जुन उवाच मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसञ्जितम् । यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम ॥ अर्जुन बोले- मुझपर अनुग्रह करनेके लिये आपने जो परम गोपनीय अध्यात्मविषयक वचन अर्थात् उपदेश कहा, उससे मेरा यह…

08 Feb 2025277
108 Names of Lord Ganesha – श्री गणेश के 108 नाम
Shatanamavali

108 Names of Lord Ganesha – श्री गणेश के 108 नाम

भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि के दाता के रूप में जाना जाता है, उनके 108 नाम अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। हर नाम भगवान गणेश के विभिन्न गुणों, शक्तियों और लीलाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इन नामों का जाप करने से भक्तों को ज्ञान, सफलता और बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है। यह लेख भगवान गणेश के 108 नामों के अर्थ और उनके महत्व पर प्रकाश डालता है, जिससे भक्तों को उनकी पूजा में गहराई लाने में मदद मिलती है।

08 Feb 2025412
Shani Shingnapur – शनि शिंगणापुर
Mandir

Shani Shingnapur – शनि शिंगणापुर

परिचय भारत में कई धार्मिक स्थल अपनी अनोखी मान्यताओं और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर की विशेषता इसे…

07 Feb 2025258
Chapter 9 : Rajavidya Rajaguhya Yoga – अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग
Bhagavad Gita

Chapter 9 : Rajavidya Rajaguhya Yoga – अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग

इदं तु ते गुहातमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे। ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥ श्रीभगवान् बोले- तुझ दोषदृष्टिरहित भक्तके लिये इस परम गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञानको पुनः भलीभाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसारसे मुक्त…

05 Feb 2025246
Chamunda mata mandir – Chotila | चामुंडा माता मंदिर – चोटील
Mandir

Chamunda mata mandir – Chotila | चामुंडा माता मंदिर – चोटील

चोटिला में स्थित चामुंडा माता मंदिर गुजरात, भारत में स्थित है। यहाँ पर चामुंडा देवी की पूजा और भक्तों का आदर किया जाता है। मंदिर का स्थान पहाड़ी क्षेत्र में है जहाँ से आसपास के सुंदर दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।

04 Feb 20251,181
Chapter 8 : Aksara Brahma Yoga – अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग
Bhagavad Gita

Chapter 8 : Aksara Brahma Yoga – अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग

अर्जुन उवाच किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम। अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते ॥ अर्जुनने कहा- हे पुरुषोत्तम ! वह ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? कर्म क्या है? अधिभूत…

03 Feb 2025190