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Tilak Kathayein

1017 articles
Chapter 9 : Rajavidya Rajaguhya Yoga – अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग
Bhagavad Gita

Chapter 9 : Rajavidya Rajaguhya Yoga – अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग

इदं तु ते गुहातमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे। ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥ श्रीभगवान् बोले- तुझ दोषदृष्टिरहित भक्तके लिये इस परम गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञानको पुनः भलीभाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसारसे मुक्त…

05 Feb 2025135
Chamunda mata mandir – Chotila | चामुंडा माता मंदिर – चोटील
Mandir

Chamunda mata mandir – Chotila | चामुंडा माता मंदिर – चोटील

चोटिला में स्थित चामुंडा माता मंदिर गुजरात, भारत में स्थित है। यहाँ पर चामुंडा देवी की पूजा और भक्तों का आदर किया जाता है। मंदिर का स्थान पहाड़ी क्षेत्र में है जहाँ से आसपास के सुंदर दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।

04 Feb 2025834
Chapter 8 : Aksara Brahma Yoga – अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग
Bhagavad Gita

Chapter 8 : Aksara Brahma Yoga – अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग

अर्जुन उवाच किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम। अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते ॥ अर्जुनने कहा- हे पुरुषोत्तम ! वह ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? कर्म क्या है? अधिभूत…

03 Feb 2025100
Chapter 7 : Gyaan Vigyaan Yoga – अध्याय ७: ज्ञानविज्ञानयोग
Bhagavad Gita

Chapter 7 : Gyaan Vigyaan Yoga – अध्याय ७: ज्ञानविज्ञानयोग

श्रीभगवानुवाच मव्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः । असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ॥ श्रीभगवान् बोले- हे पार्थ! अनन्यप्रेमसे मुझमें आसक्तचित्त तथा अनन्यभावसे मेरे परायण होकर योगमें लगा हुआ तू जिस…

02 Feb 2025156
Tryambkeshwar Jyotirling – त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
Mandir

Tryambkeshwar Jyotirling – त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

त्र्यंबकेश्‍वरज्योर्तिलिंग में ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश तीनों ही विराजित हैं यही इस ज्‍योतिर्लिंग की सबसे बड़ी विशेषता है। अन्‍य सभी ज्‍योतिर्लिंगों में केवल भगवान शिव ही विराजित हैं। पौराणिक कथा…

01 Feb 2025206
Chapter 6 : Dhyana Yoga – अध्याय ६: ध्यानयोग
Bhagavad Gita

Chapter 6 : Dhyana Yoga – अध्याय ६: ध्यानयोग

श्रीभगवानुवाच: अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः । स सन्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः ॥ श्रीभगवान् बोले- जो पुरुष कर्मफलका आश्रय न लेकर करनेयोग्य कर्म करता है, वह सन्यासी है और योगी भी है, केवल अग्निहोत्र न करनेवाला या कर्म न करनेवाला सन्यासी नहीं है।

31 Jan 2025125
Somnath Jyotirlinga – सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
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Somnath Jyotirlinga – सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

सोमनाथ मंदिर की पौराणिक कथा जब प्रजापति दक्ष ने अपनी सभी सत्ताइस पुत्रियों का विवाह चन्द्रमा के साथ कर दिया, तो वे बहुत प्रसन्न हुए। पत्नी के रूप में दक्ष…

31 Jan 2025295
Mirabai Jayanti – मीराबाई जयंती
Festival

Mirabai: The Greatest Devotee of Lord Krishna

मीराबाई को भगवान कृष्ण का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। मीराबाई ने जीवन भर भगवान कृष्ण की भक्ति की और कहा जाता है कि उनकी मृत्यु भी…

31 Jan 2025172
Maha Shivratri Vrat Katha – महाशिवरात्रि व्रत कथा
Shiv Kathayen

Maha Shivratri Vrat Katha – महाशिवरात्रि व्रत कथा

महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को किया जाता है। इस दिन व्रत रखकर भक्त भगवान शिव की आराधना करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।...

18 Jan 2025257
Santoshi Vrat – संतोषी व्रत
Devi Ki Kathaye

Santoshi Mata Vrat and Katha

संतोषी माता व्रत और कथा का पालन भारत में बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। यह व्रत मुख्यतः शुक्रवार को किया जाता है और इसे करने से...

18 Jan 2025238