
Chapter 10 : Vibhuti Yoga – अध्याय १०: विभूतियोग
श्रीभगवान् बोले- हे महाबाहो ! फिर भी मेरे परम रहस्य और प्रभावयुक्त वचनको सुन, जिसे मैं तेरे हितकी इच्छासे कहूँगा…

श्रीभगवान् बोले- हे महाबाहो ! फिर भी मेरे परम रहस्य और प्रभावयुक्त वचनको सुन, जिसे मैं तेरे हितकी इच्छासे कहूँगा…

इदं तु ते गुहातमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे। ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥ श्रीभगवान् बोले- तुझ दोषदृष्टिरहित भक्तके लिये इस परम गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञानको पुनः भलीभाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसारसे मुक्त…

चोटिला में स्थित चामुंडा माता मंदिर गुजरात, भारत में स्थित है। यहाँ पर चामुंडा देवी की पूजा और भक्तों का आदर किया जाता है। मंदिर का स्थान पहाड़ी क्षेत्र में है जहाँ से आसपास के सुंदर दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।

अर्जुन उवाच किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम। अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते ॥ अर्जुनने कहा- हे पुरुषोत्तम ! वह ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? कर्म क्या है? अधिभूत…

श्रीभगवानुवाच मव्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः । असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ॥ श्रीभगवान् बोले- हे पार्थ! अनन्यप्रेमसे मुझमें आसक्तचित्त तथा अनन्यभावसे मेरे परायण होकर योगमें लगा हुआ तू जिस…

त्र्यंबकेश्वरज्योर्तिलिंग में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही विराजित हैं यही इस ज्योतिर्लिंग की सबसे बड़ी विशेषता है। अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों में केवल भगवान शिव ही विराजित हैं। पौराणिक कथा…

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो । पायो जी मैंने राम रतन धन पायो । वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु । कृपा कर अपनायो ॥ पायो जी मैंने राम रतन...

श्रीभगवानुवाच: अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः । स सन्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः ॥ श्रीभगवान् बोले- जो पुरुष कर्मफलका आश्रय न लेकर करनेयोग्य कर्म करता है, वह सन्यासी है और योगी भी है, केवल अग्निहोत्र न करनेवाला या कर्म न करनेवाला सन्यासी नहीं है।

सोमनाथ मंदिर की पौराणिक कथा जब प्रजापति दक्ष ने अपनी सभी सत्ताइस पुत्रियों का विवाह चन्द्रमा के साथ कर दिया, तो वे बहुत प्रसन्न हुए। पत्नी के रूप में दक्ष…

मीराबाई को भगवान कृष्ण का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। मीराबाई ने जीवन भर भगवान कृष्ण की भक्ति की और कहा जाता है कि उनकी मृत्यु भी…

महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को किया जाता है। इस दिन व्रत रखकर भक्त भगवान शिव की आराधना करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।...

संतोषी माता व्रत और कथा का पालन भारत में बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। यह व्रत मुख्यतः शुक्रवार को किया जाता है और इसे करने से...