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Tilak Kathayein

1017 articles
ऋषि पंचमी ( सामा पाचंम )
Shiv Kathayen

Radha Vallabh Sampradaya: Significance and Rituals

हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन इस व्रत को धारण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्त्रियों को रसवालाममें पूजा पाठ और धार्मिक…

30 Jul 2021115
Vishnu Chalisa – विष्णु चालीसा
Chalisa

Vishnu Stuti: A Prayer for Knowledge and Grace

॥ दोहा॥ विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय । ॥ चौपाई ॥ नमो विष्णु भगवान खरारी । कष्ट नशावन अखिल बिहारी ॥ प्रबल…

30 Jul 2021129
श्री शनि चालीसा । Shri Shani Chalisa
Chalisa

Shri Shani Chalisa: A Devotional Prayer

दोहा श्री शनि चालीसा एक प्रसिद्ध हिन्दू धार्मिक ग्रंथ है। यह चालीसा 40 श्लोकों का समूह है जो शनिवार के दिन उनकी पूजा के अवसर पर उतारा जाता है। ||…

30 Jul 2021122
What is the reason behind applying tilak? – तिलक लगाने के पीछे क्या कारण है?
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The Significance of Tilak in Hindu Tradition

तिलक लगाना हिंदू परंपरा में इस्तेमाल की जाने वाली एक विशेष रस्म है। बिना तिलक लगाए न तो पूजा करने की अनुमति मिलती है और न ही पूजा पूरी होती…

30 Jul 202188
Shiv Tandav Stotram – शिव तांडव स्तोत्रम्
Mantra

Translation of the Shiv Tandav Stotram

रावण ने अपनी भक्ति और समर्पण के साथ शिव तांडव स्तोत्र को रचा था। यह स्तोत्र एक उत्कृष्ट काव्य है जिसमें शिव की महिमा, शक्ति और विनाशकारी स्वरूप का वर्णन है।

30 Jul 2021107
Annapurna Vrat – अन्नपूर्णा माता व्रत
Devi Ki Kathaye

Maa Annapurna Vrat: Significance and Rituals

माँ अन्नपूर्णा माता का महाव्रत मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष पंचमी से प्रारम्भ होता है और मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी को समाप्त होता है। यह उत्तमोत्तम व्रत सत्रह दिनों का होता है…

30 Jul 2021100
Choti Choti Gaiyan Chote Chote Gwal – छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल
Bhajan

Choti Choti Gaiya: A Krishna Bhajan

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ आगे आगे गैया पीछे पीछे…

30 Jul 202191
Chapter 1 : Arjuna Vishada Yoga – अध्याय १: अर्जुनविषादयोग
Bhagavad Gita

Chapter 1 : Arjuna Vishada Yoga – अध्याय १: अर्जुनविषादयोग

धृतराष्ट्र उवाच: धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः । मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय ।। धृतराष्ट्र बोले- हे संजय ! धर्मभूमि कुरुक्षेत्रमें एकत्रित, युद्धकी इच्छावाले मेरे और पाण्डुके पुत्रोंने क्या किया ? ॥१॥…

29 Jul 2021148
Gita Jayanti –  गीता जयंती
Festival

Gita Jayanti: Celebrating the Divine Message

गीता जयंती एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हिन्दू धर्म में भगवद् गीता के महत्वपूर्ण सन्देशों की महिमा को मनाता है। यह पर्व भगवद् गीता के आदिवासियों के रूप में भगवान...

29 Jul 2021205