
Shiva Purana – Chapter 1: The Origin and Glory of Shiva
शिव पुराण का अध्याय 1 — शिव का उद्भव और महिमा। यह अध्याय शिव के निराकार ब्रह्म से साकार रूप में प्रकट होने और उनकी महिमा का वर्णन करता है।

शिव पुराण का अध्याय 1 — शिव का उद्भव और महिमा। यह अध्याय शिव के निराकार ब्रह्म से साकार रूप में प्रकट होने और उनकी महिमा का वर्णन करता है।

रामायण का अध्याय 4 — सीता का अपहरण। रावण छल से सीता का अपहरण करता है, जिससे राम और लक्ष्मण सीता को खोजने के लिए व्याकुल हो जाते हैं।

नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर, राजस्थान 2026: आरती समय, दर्शन समय, प्रवेश शुल्क, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

महाभारत का अध्याय 8 — कुरुक्षेत्र युद्ध। कुरुक्षेत्र के मैदान में 18 दिनों तक चलने वाले भयंकर युद्ध और कृष्ण की रणनीति का वर्णन इसमें है।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 6 — राम अवतार: धर्म की विजय। भगवान विष्णु राम अवतार लेकर रावण का वध करते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं।

रामचरितमानस का अध्याय 2 — अयोध्याकाण्ड: राजसी हानि। यह काण्ड राम के राज्याभिषेक की तैयारी, कैकेयी का वरदान और राम के वनवास की कहानी बताता है।

भगवद गीता का अध्याय 9 — भक्ति योग: समर्पण का मार्ग। कृष्ण भक्ति योग को सर्वोच्च मार्ग बताते हैं, अर्जुन को पूरी तरह से समर्पित होने और सभी कर्मों को उन्हें समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, समर्पण के सार को समझाते हैं।

रामायण का अध्याय 3 — वनवास और वन जीवन। कैकेयी के कारण राम, सीता और लक्ष्मण को वनवास होता है, जहाँ वे ऋषि-मुनियों से मिलते हैं।

महाभारत का अध्याय 7 — भगवत गीता। अर्जुन का मोह और कुरुक्षेत्र के मैदान में कृष्ण द्वारा दिए गए भगवत गीता के उपदेशों का वर्णन इसमें है।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 5 — मत्स्य और कूर्म अवतार कथा। प्रलय के समय मत्स्य अवतार में विष्णु द्वारा मनु की रक्षा और कूर्म अवतार में समुद्र मंथन में सहायता।

रामचरितमानस का अध्याय 1 — बालकाण्ड: दिव्य प्रारम्भ। यह काण्ड राम के जन्म, बचपन और विश्वामित्र के साथ वन गमन की कथा का वर्णन करता है।

भगवद गीता का अध्याय 8 — विश्वरूप दर्शन: ब्रह्मांडीय दृष्टि। कृष्ण अर्जुन को अपने विराट रूप का दर्शन कराते हैं, जिससे अर्जुन को ब्रह्मांडीय वास्तविकता और पूर्णता का अनुभव होता है।