
Rama Ekadashi | रमा एकादशी – व्रत कथा, विधि और लाभ 2026
रमा एकादशी 2026 – व्रत कथा, विधि, क्या खाएं, शुभ मुहूर्त और लाभ। भगवान विष्णु की कृपा पाएं।
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रमा एकादशी 2026 – व्रत कथा, विधि, क्या खाएं, शुभ मुहूर्त और लाभ। भगवान विष्णु की कृपा पाएं।

पापांकुशा एकादशी 2026 – व्रत कथा, विधि, क्या खाएं, शुभ मुहूर्त और लाभ। भगवान विष्णु की कृपा पाएं।

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

अंबरनाथ शिव मंदिर एक प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर है, जहाँ दर्शन का समय सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक है; मुंबई से रेल द्वारा आसानी से पहुँचें और शिवरात्रि पर इसका विशेष महत्व है।

सांरगपुर हनुमान मंदिर एक ऐतिहासिक तीर्थस्थल है, जहाँ कष्टभंजन हनुमान भक्तों के दुःख दूर करते हैं; दर्शन समय सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक है, और यहाँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है, जिसका विशेष महत्व है। यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और हनुमान जी की चमत्कारिक मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है, जो भक

नीलकंठ महादेव मंदिर पौराणिक कथाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है; यहाँ दर्शन का समय सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक है, जो ऋषिकेश से 32 कि.मी. दूर स्थित है और सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और हिंदू धर्म में इसका गहरा आध्यात्मिक महत्व है।

वैभव लक्ष्मी व्रत कथा माँ लक्ष्मी को समर्पित है, जो सुख, समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करती है। यह व्रत रखने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशहाली आती है।

शिव खोड़ी मंदिर रियासी, जम्मू कश्मीर 2026: आरती समय, दर्शन समय, प्रवेश शुल्क, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

घृष्णेश्वर मंदिर औरंगाबाद, महाराष्ट्र 2026: आरती समय, दर्शन समय, प्रवेश शुल्क, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

पातंजल योगसूत्र का अध्याय 5 — विरासत: मिलन और मुक्ति। यह अध्याय पतंजलि की विरासत, योग के माध्यम से मिलन और मुक्ति के मार्ग, और उनके दर्शन के शाश्वत महत्व को दर्शाता है।

गरुड़ पुराण का अध्याय 5 — मोक्ष और भक्ति। यह अध्याय मोक्ष प्राप्त करने के मार्ग, भगवान विष्णु की भक्ति के महत्व और ज्ञान की प्राप्ति पर जोर देकर गरुड़ पुराण का समापन करता है।