
Devi Bhagwat Purana – Chapter 6: Defeat of Shumbha-Nishumbha
देवी भागवत पुराण का अध्याय 6 — शुम्भ-निशुम्भ की पराजय। देवी कौशिकी चण्ड-मुण्ड और रक्तबीज जैसे असुरों का वध करती हैं और अंत में शुम्भ और निशुम्भ को भी पराजित करती हैं।
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देवी भागवत पुराण का अध्याय 6 — शुम्भ-निशुम्भ की पराजय। देवी कौशिकी चण्ड-मुण्ड और रक्तबीज जैसे असुरों का वध करती हैं और अंत में शुम्भ और निशुम्भ को भी पराजित करती हैं।

मंगेशी मंदिर गोवा, Goa 2026: आरती समय, दर्शन समय, प्रवेश शुल्क, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

शिव पुराण का अध्याय 6 — लिंगम और शिव पूजा का महत्व। यह अध्याय लिंगम के महत्व और शिव की पूजा विधि के बारे में विस्तार से बताता है।

सुंदरकांड का अध्याय 2 — लंका में प्रवेश। हनुमान लंका पहुंचते हैं, लंकिनी से मुठभेड़ करते हैं, और शहर में प्रवेश करते हैं।

देवी भागवत पुराण का अध्याय 5 — कौशिकी का प्राकट्य। देवी पार्वती अपने दिव्य तेज से कौशिकी के रूप में प्रकट होती हैं, जो शुम्भ और निशुम्भ के लिए चुनौती बनती हैं।

रामचरितमानस का अध्याय 7 — उत्तरकाण्ड: राज्याभिषेक व शासन। यह काण्ड राम के अयोध्या लौटने, राज्याभिषेक और आदर्श शासन का वर्णन करता है।

शिव पुराण का अध्याय 5 — शिव और उनके गणों की कथा। यह अध्याय शिव के गणों, जैसे नंदी, वीरभद्र, और भैरव, और उनके पराक्रम की कहानियों का संग्रह है।

सुंदरकांड का अध्याय 1 — हनुमान की विशाल छलांग। जामवंत के प्रोत्साहन से हनुमान लंका की ओर विशाल छलांग लगाते हैं।

देवी भागवत पुराण का अध्याय 4 — शुम्भ-निशुम्भ का शासन। महिषासुर के वध के बाद, शुम्भ और निशुम्भ नामक दो असुरों का अत्याचार देवताओं पर बढ़ता है।

रामचरितमानस का अध्याय 6 — लंकाकाण्ड: युद्ध और विजय। यह काण्ड राम और रावण के बीच युद्ध, रावण के वध और सीता की अग्नि परीक्षा का वर्णन करता है।

शिव पुराण का अध्याय 4 — शिव की शक्तियों की कथाएँ। यह अध्याय शिव की विभिन्न शक्तियों और उनके अद्भुत कार्यों से संबंधित कहानियों का वर्णन करता है।

रामायण का अध्याय 7 — अयोध्या वापसी एवं शासन। राम, सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटते हैं जहाँ उनका भव्य स्वागत होता है और राम एक आदर्श राजा बनते हैं।