Tilak Kathayein – पंचांग, हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा और मंत्र

omkareshwar-jyotirlinga-history-katha-darshan-guide
12 Jyotirlingas

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: Omkareshwar Temple History & Guide

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में चतुर्थ (चौथा) स्थान रखता है। इस पावन तीर्थ का भौगोलिक आकार प्राकृतिक रूप से ॐ (प्रणव) जैसा बना हुआ है, जिसे शिवपुरी या मान्धाता द्वीप कहा जाता है। शिव पुराण के अनुसार, इक्ष्वाकु वंश के चक्रवर्ती राजा मान्धाता की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव यहाँ ज्योति रूप में प्रकट हुए थे। ओंकारेश्वर के साथ नर्मदा पार स्थित 'ममलेश्वर' लिंग के दर्शन करने पर ही संपूर्ण ज्योतिर्लिंग यात्रा का फल पूर्ण माना जाता है।

Tilak Kathayein06 Sep 2026
आत्मा और परमात्मा – Atma aur Paramatma
ब्लॉग

Atma aur Paramatma | आत्मा और परमात्मा – सम्पूर्ण जानकारी 2026

आत्मा और परमात्मा – सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में 2026। TilakKathayein।

Tilak Kathayein05 Apr 2026

नवीनतम लेख

कर्ण दानवीर कथा
कथाएँ

कर्ण दानवीर कथा – अध्याय 3: कर्ण का योद्धा प्रशिक्षण

कर्ण दानवीर कथा का अध्याय 3 — कर्ण का योद्धा प्रशिक्षण। कर्ण द्रोणाचार्य से शिक्षा प्राप्त करने का प्रयास करता है, लेकिन सूतपुत्र होने के कारण उसे अस्वीकार कर दिया जाता है, फिर उसे परशुराम शिक्षा देते हैं।

12 Apr 2026161
परशुराम अवतार कथा
कथाएँ

परशुराम अवतार कथा – अध्याय 1: परशुराम का जन्म

परशुराम अवतार कथा का अध्याय 1 — परशुराम का जन्म। ऋषि जमदग्नि और रेणुका के पुत्र, परशुराम का जन्म और उनके प्रारंभिक जीवन का वर्णन किया गया है।

12 Apr 2026164
वामन अवतार कथा
कथाएँ

वामन अवतार कथा – अध्याय 1: महाबली का राज्य और इंद्रभय

वामन अवतार कथा का अध्याय 1 — महाबली का राज्य और इंद्रभय। राजा महाबली की शक्ति से स्वर्गलोक में देवताओं को भय होता है और वे विष्णु से सहायता मांगते हैं।

12 Apr 2026187
द्रौपदी वस्त्रहरण कथा
कथाएँ

द्रौपदी वस्त्रहरण कथा – अध्याय 4: कृष्ण का हस्तक्षेप और चमत्कारी वस्त्र

द्रौपदी वस्त्रहरण कथा का अध्याय 4 — कृष्ण का हस्तक्षेप और चमत्कारी वस्त्र। कृष्ण भगवान द्रौपदी की प्रार्थना सुनते हैं और एक चमत्कारिक ढंग से उसका चीर बढ़ाते हैं, जिससे दुशासन का प्रयास विफल हो जाता है।

12 Apr 2026199
कर्ण दानवीर कथा
कथाएँ

कर्ण दानवीर कथा – अध्याय 2: अधिरथ को कर्ण का मिलना

कर्ण दानवीर कथा का अध्याय 2 — अधिरथ को कर्ण का मिलना। अधिरथ और राधा नामक दंपत्ति को नदी में तैरता हुआ कर्ण मिलता है और वे उसे अपने पुत्र के रूप में स्वीकार करते हैं।

12 Apr 2026166
द्रौपदी वस्त्रहरण कथा
कथाएँ

द्रौपदी वस्त्रहरण कथा – अध्याय 3: सभा का मौन और भीष्म की दुविधा

द्रौपदी वस्त्रहरण कथा का अध्याय 3 — सभा का मौन और भीष्म की दुविधा। द्रौपदी की दुर्दशा पर सभा मौन रहती है, और भीष्म पितामह धर्म संकट में फंस जाते हैं।

12 Apr 2026151
कर्ण दानवीर कथा
कथाएँ

कर्ण दानवीर कथा – अध्याय 1: सूर्य का आशीर्वाद और कुंती

कर्ण दानवीर कथा का अध्याय 1 — सूर्य का आशीर्वाद और कुंती। सूर्य देव कुंती को पुत्र कर्ण का वरदान देते हैं, लेकिन कुंती लोक लाज के डर से उसे त्याग देती है।

12 Apr 2026199
द्रौपदी वस्त्रहरण कथा
कथाएँ

द्रौपदी वस्त्रहरण कथा – अध्याय 2: द्रौपदी की पुकार और दुशासन का अपमान

द्रौपदी वस्त्रहरण कथा का अध्याय 2 — द्रौपदी की पुकार और दुशासन का अपमान। युधिष्ठिर के हारने के बाद दुशासन द्रौपदी को सभा में घसीट कर लाता है और उसका चीर हरण करने की कोशिश करता है।

12 Apr 2026167
द्रौपदी वस्त्रहरण कथा
कथाएँ

द्रौपदी वस्त्रहरण कथा – अध्याय 1: इंद्रप्रस्थ की महिमा और युधिष्ठिर का पतन

द्रौपदी वस्त्रहरण कथा का अध्याय 1 — इंद्रप्रस्थ की महिमा और युधिष्ठिर का पतन। युधिष्ठिर गौरवशाली इंद्रप्रस्थ में राजसूय यज्ञ करते हैं, लेकिन जुए के खेल में अपना सब कुछ हार जाते हैं, जिससे द्रौपदी का अपमान होता है।

12 Apr 2026177
अरुणाचलेश्वर मंदिर तिरुवन्नामलाई - Tiruvannamalai, Tamil Nadu
मंदिर

Arunachaleswarar Mandir Tiruvannamalai | अरुणाचलेश्वर मंदिर तिरुवन्नामलाई 2026 – दर्शन समय, इतिहास, कैसे पहुंचें | संपूर्ण जानकारी

अरुणाचलेश्वर मंदिर तिरुवन्नामलाई, तमिलनाडु 2026: आरती समय, दर्शन समय, प्रवेश शुल्क, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

12 Apr 2026242
सरस्वती माता कथा
देवी की कथाएँ

सरस्वती माता कथा – अध्याय 5: पूजा और नैतिक शिक्षा

सरस्वती माता कथा का अध्याय 5 — पूजा और नैतिक शिक्षा। सरस्वती माता की पूजा का महत्व बताया जाता है, और ज्ञान, कला और वाणी के प्रति श्रद्धा रखने की नैतिक शिक्षा दी जाती है।

12 Apr 2026165
अंबाजी माता कथा
देवी की कथाएँ

अंबाजी माता कथा – अध्याय 5: विरासत और नीति

अंबाजी माता कथा का अध्याय 5 — विरासत और नीति। यह अध्याय अंबाजी माता की कथा के पीछे की विरासत, नैतिकता और शिक्षाओं का सार प्रस्तुत करता है।

12 Apr 2026168
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026311
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026334
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026451
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 2026226
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026393
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन

"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026344
dhanteras-yam-ka-diya-katha-vidhi-niam

धनतेरस पर यम का दीया क्यों जलाते हैं? जानिए सही विधि व रहस्य

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (धनतेरस) की शाम को दक्षिण दिशा में मृत्यु के देवता यमराज के निमित्त जो विशेष दीपक प्रज्वलित किया जाता है, उसे 'यमदीप' (यम का दीया) कहते हैं। स्कंद पुराण और पद्म पुराण के अनुसार, धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त चार मुखी दीपदान करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु, दुर्घटना और यम यातनाओं के भय से मुक्ति मिलती है। यह दीपक घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अन्न की ढेरी पर रखा जाता है।

27 Oct 202621
sharad-purnima-kheer-puja-vidhi-katha

शरद पूनम: खीर रखने का समय, पूजा विधि व पौराणिक कथा

हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल पूर्णिमा को 'शरद पूर्णिमा' या 'शरद पूनम' (कोजागरी पूर्णिमा) कहा जाता है। मान्यता है कि इस पावन रात्रि को चंद्रमा पृथ्वी के सर्वाधिक निकट होता है और अपनी संपूर्ण 16 कलाओं से अमृत की किरणें बरसाता है। इस रात खुले आकाश के नीचे गाय के दूध और चावल से बनी खीर (गुजरात में दूध-पौंआ) रखने की परंपरा है। मध्यरात्रि में धन की देवी माता लक्ष्मी "को जागर्ति" (कौन जाग रहा है?) पूछते हुए पृथ्वी पर विचरण करती हैं और जागरण करने वाले भक्तों को अखंड ऐश्वर्य का वरदान देती हैं।

25 Oct 202649
सभी पापों के बाद भी शकुनि को स्वर्ग क्यों मिला? जानिए रहस्य

सभी पापों के बाद भी शकुनि को स्वर्ग क्यों मिला? जानिए रहस्य

महाभारत के 'स्वर्गारोहण पर्व' के अनुसार, शकुनि को स्वर्ग मिलने के तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, उसने कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए सहदेव के विरुद्ध सम्मुख लड़कर वीरगति प्राप्त की थी। दूसरा, कर्मफल के शास्त्रीय नियम के अनुसार, जिस जीव के पाप अधिक और पुण्य बहुत कम होते हैं, उसे अपने अल्प पुण्यों का भोग करने के लिए पहले कुछ समय के लिए स्वर्ग प्राप्त होता है, जिसके समाप्त होने पर वह दीर्घकालीन नरक में जाता है। तीसरा, यह युधिष्ठिर के अहंकार और द्वेष की शुद्धि के लिए देवराज इंद्र और धर्मराज द्वारा रची गई एक मायावी परीक्षा थी।

25 Oct 202640
why-garuda-purana-story-still-matters-today

गरुड़ पुराण की कथाएं आज क्यों जरूरी हैं? जानिए महत्व व सीख

गरुड़ पुराण केवल मृत्यु उपरांत की यात्रा या नरक की यातनाओं का विवरण नहीं है, बल्कि यह वर्तमान जीवन में नैतिकता, दया, और सदाचार से जीने का एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। आधुनिक युग में जब भौतिक सुखों के पीछे भागते हुए लोग नैतिक मूल्य भूल रहे हैं, तब गरुड़ पुराण का 'कर्मफल का सिद्धांत' मनुष्य को जिम्मेदार, संवेदनशील और न्यायप्रिय बनने की गहरी सीख देता है।

30 Sep 202686
bhishma-pitamah-ichha-mrityu-varadan

भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान कैसे मिला? जानें महाभारत की कथा

**भीष्म पितामह**, जिन्हें जन्म के समय देवव्रत कहा जाता था, अपनी महान प्रतिज्ञा और त्याग के लिए प्रसिद्ध हैं। जब उन्होंने अपने पिता राजा शांतनु के सुख और सत्यवती से उनके विवाह के लिए आजीवन ब्रह्मचर्य तथा हस्तिनापुर के सिंहासन पर अपना अधिकार छोड़ने की भयंकर प्रतिज्ञा ली, तब शांतनु उनसे अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने देवव्रत को ऐसा वरदान दिया कि **मृत्यु उनकी इच्छा के अधीन रहेगी**। इसी कारण भीष्म युद्धभूमि में बाणों की शय्या पर पड़े रहने के बाद भी अपनी इच्छानुसार प्राण त्याग सके। इस लेख में जानें इच्छामृत्यु के वरदान की पूरी कथा और इसका महाभारत में महत्व।

18 Oct 202674
char-yugon-ki-rachna-kaise-hui

4 Yugas Explained in Hindi | चार युगों की उत्पत्ति और रहस्य

हिंदू धर्मग्रंथों में समय को एक चक्र के रूप में समझाया गया है, जिसमें **सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग** क्रम से आते हैं। प्रत्येक युग में धर्म, मानव जीवन और नैतिक मूल्यों की स्थिति अलग बताई गई है। पुराणों में इन युगों की अवधि, विशेषताओं और एक युग से दूसरे युग में परिवर्तन का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस लेख में जानें चारों युगों की उत्पत्ति, उनका क्रम, अवधि, धर्म के क्रमिक परिवर्तन और इस रहस्यमयी युगचक्र से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

26 Aug 2026166
asur-bhi-bhagwan-shiv-ke-bhakt-kyon-the

असुरों ने भगवान शिव की भक्ति क्यों की? 4 शक्तिशाली कारण और पौराणिक कथाएं

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 2026208
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026546

🕉 पंचांग ज्ञान

🕉

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कालगणना की प्राचीन पद्धति है, जो तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन पाँच अंगों पर आधारित है। इससे शुभ मुहूर्त, व्रत-त्योहार और दैनिक ग्रह स्थिति का पता चलता है।

और जानें →
🌙

तिथि क्या है?

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर से तय होती है। एक माह में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत-पूजा के लिए सही तिथि जानना आवश्यक है।

और जानें →
⭐

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र आकाश में चंद्रमा के पथ के 27 भाग हैं। चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र बदलता है, और प्रत्येक नक्षत्र का अपना देवता व स्वभाव होता है जो दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।

और जानें →
⚠️

राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का वह अशुभ समयखंड है जब नया कार्य, विवाह, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लेने चाहिए। यह हर दिन और हर शहर में अलग समय पर आता है।

और जानें →
✨

शुभ मुहूर्त क्या है?

शुभ मुहूर्त वह समय है जब तिथि, नक्षत्र, योग और करण अनुकूल स्थिति में हों। ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित और गोधूलि मुहूर्त इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

और जानें →
🌞

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटकर शुभ-अशुभ समय बताने की पद्धति है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया सबसे शुभ माने जाते हैं।

और जानें →