🌗

त्रयोदशी तिथि

त्रयोदशी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की त्रयोदशी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।

शुक्ल पक्ष

स्वामी देव
भगवान शिव (प्रदोष)
व्रत / त्योहार
प्रदोष व्रत (शिव पूजा सूर्यास्त समय)
महत्व
त्रयोदशी प्रदोष व्रत की तिथि है। सूर्यास्त के समय शिव-पार्वती की उपासना से मनोवांछित फल और मोक्ष प्राप्त होता है।
क्या करें
शिव-पार्वती पूजा, प्रदोष काल में रुद्राभिषेक, सफेद फूल अर्पण
क्या न करें
तामसिक भोजन, व्यसन
पूजा मंत्र
ॐ नमः शिवाय

कृष्ण पक्ष

स्वामी देव
भगवान शिव
व्रत / त्योहार
प्रदोष व्रत
महत्व
कृष्ण त्रयोदशी प्रदोष व्रत की तिथि है। शिव-पार्वती की आराधना से संसार के सभी कष्ट दूर होते हैं।
क्या करें
शिव पूजा, प्रदोष काल में अभिषेक, बेलपत्र अर्पण
क्या न करें
तामसिक भोजन
पूजा मंत्र
ॐ नमः शिवाय

⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।