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द्वादशी तिथि

द्वादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की द्वादशी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।

शुक्ल पक्ष

स्वामी देव
भगवान विष्णु (वामन)
व्रत / त्योहार
वैकुंठ द्वादशी, गोविंद द्वादशी, एकादशी पारण
महत्व
द्वादशी भगवान विष्णु के वामन अवतार को समर्पित है। एकादशी व्रत का पारण इसी तिथि में किया जाता है।
क्या करें
व्रत पारण, विष्णु पूजा, ब्राह्मण भोजन, दान
क्या न करें
व्रत पारण में देरी करना
पूजा मंत्र
ॐ नमो भगवते वामनाय नमः

कृष्ण पक्ष

स्वामी देव
भगवान विष्णु
व्रत / त्योहार
एकादशी पारण
महत्व
कृष्ण द्वादशी में एकादशी व्रत का पारण होता है। समय पर पारण करना अत्यंत आवश्यक है।
क्या करें
व्रत पारण, ब्राह्मण भोजन, विष्णु पूजा
क्या न करें
पारण में अनुचित देरी
पूजा मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।