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एकादशी तिथि

एकादशी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की एकादशी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।

शुक्ल पक्ष

स्वामी देव
भगवान विष्णु
व्रत / त्योहार
एकादशी व्रत (निर्जला / फलाहारी) — अत्यंत पुण्यदायी
महत्व
एकादशी भगवान विष्णु की सबसे प्रिय तिथि है। इस दिन व्रत रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी पाप नष्ट होते हैं।
क्या करें
व्रत रखें, विष्णु सहस्रनाम, भागवत पाठ, तुलसी अर्पण
क्या न करें
चावल खाना, तामसिक भोजन, क्रोध, झूठ बोलना
पूजा मंत्र
ॐ नमो नारायणाय

कृष्ण पक्ष

स्वामी देव
भगवान विष्णु
व्रत / त्योहार
कृष्ण एकादशी व्रत — विष्णु आराधना
महत्व
कृष्ण एकादशी (निर्जला, योगिनी आदि) भी शुक्ल एकादशी के समान ही अत्यंत पुण्यदायी है। भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।
क्या करें
व्रत रखें, विष्णु सहस्रनाम, तुलसी पूजा, भागवत पाठ
क्या न करें
चावल खाना, तामसिक भोजन, झूठ
पूजा मंत्र
ॐ नमो नारायणाय

⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।