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दशमी तिथि
दशमी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की दशमी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।
शुक्ल पक्ष
स्वामी देव
यमराज / भगवान विष्णु
व्रत / त्योहार
विजया दशमी (दशहरा), दशमी श्राद्ध
महत्व
दशमी विजय और धर्म की स्थापना की तिथि है। दशहरा पर इसी तिथि को बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव मनाया जाता है।
क्या करें
शस्त्र पूजा, विजय यात्रा, दान-दक्षिणा, तुलसी पूजा
क्या न करें
अहंकार, अन्याय
पूजा मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
कृष्ण पक्ष
स्वामी देव
यमराज
व्रत / त्योहार
दशमी श्राद्ध
महत्व
कृष्ण दशमी श्राद्ध और पितृ कार्य की तिथि है। पितरों की संतुष्टि से घर में समृद्धि आती है।
क्या करें
पितृ तर्पण, दान, ब्राह्मण सेवा
क्या न करें
नए शुभ कार्य
पूजा मंत्र
ॐ यमाय नमः
⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।