आज का राहु काल
सप्ताह के अनुसार राहु काल (सामान्य समय)
नीचे दी गई तालिका सूर्योदय 6:00 बजे मानकर बनाई गई है। आपके शहर में सूर्योदय-सूर्यास्त अलग होने पर समय थोड़ा बदल सकता है — ऊपर आज का सटीक समय देखें।
| दिन | राहु काल |
|---|---|
| सोमवार | 7:30 AM – 9:00 AM |
| मंगलवार | 3:00 PM – 4:30 PM |
| बुधवार | 12:00 PM – 1:30 PM |
| गुरुवार | 1:30 PM – 3:00 PM |
| शुक्रवार | 10:30 AM – 12:00 PM |
| शनिवार | 9:00 AM – 10:30 AM |
| रविवार | 4:30 PM – 6:00 PM |
राहु काल क्या है?
राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे (90 मिनट) का वह समय है जिसे वैदिक ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना गया है। इस दौरान नया व्यापार, यात्रा आरंभ, विवाह की रस्में, गृह प्रवेश, पूजा-अनुष्ठान या कोई भी नया शुभ कार्य शुरू करने से बचा जाता है।
राहु काल की गणना कैसे होती है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है। हर वार के लिए इनमें से एक भाग राहु का होता है। इसीलिए राहु काल हर दिन और हर शहर में थोड़ा अलग होता है, क्योंकि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय बदलता रहता है।
किस वार को राहु काल कब
सोमवार, शनिवार और शुक्रवार को राहु काल प्रायः सुबह रहता है; बुधवार और गुरुवार को दोपहर में; मंगलवार को दोपहर बाद; और रविवार को शाम के समय। रविवार को राहु काल सबसे अंत में आने के कारण उसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम माना जाता है।
राहु काल में क्या करें, क्या न करें
राहु काल में दैनिक कार्य, नौकरी, पढ़ाई, खाना बनाना, पहले से चल रहे काम जारी रखना — सब किया जा सकता है। केवल नए और मांगलिक कार्यों का आरंभ टालें। यदि यात्रा अनिवार्य हो तो घर से कुछ कदम पहले निकलकर थोड़ा रुककर फिर प्रस्थान करने की परंपरा है।
राहु काल के उपाय
इस समय हनुमान चालीसा या राहु के बीज मंत्र "ॐ रां राहवे नमः" का जाप शुभ माना जाता है। सबसे सरल उपाय है — महत्वपूर्ण कार्य के लिए राहु काल बीत जाने तक प्रतीक्षा कर लेना।
⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।