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चतुर्दशी तिथि
चतुर्दशी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की चतुर्दशी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।
शुक्ल पक्ष
स्वामी देव
भगवान शिव (महाकाल)
व्रत / त्योहार
मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि (फाल्गुन)
महत्व
चतुर्दशी मासिक शिवरात्रि की तिथि है। भगवान शिव की आराधना से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
क्या करें
शिवलिंग अभिषेक, रात्रि जागरण, महामृत्युंजय जाप, बेलपत्र अर्पण
क्या न करें
मांसाहार, मदिरा, तामसिक भोजन
पूजा मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
कृष्ण पक्ष
स्वामी देव
भगवान शिव (महाकाल)
व्रत / त्योहार
मासिक शिवरात्रि
महत्व
कृष्ण चतुर्दशी मासिक शिवरात्रि है। रात्रि जागरण और शिव उपासना से पापों का नाश तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
क्या करें
रात्रि जागरण, शिवलिंग अभिषेक, महामृत्युंजय जाप
क्या न करें
मांसाहार, मदिरा
पूजा मंत्र
ॐ महाकालाय नमः
⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।