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सप्तमी तिथि
सप्तमी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की सप्तमी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।
शुक्ल पक्ष
स्वामी देव
भगवान सूर्य
व्रत / त्योहार
रथ सप्तमी, भानु सप्तमी, सप्तमी व्रत
महत्व
सप्तमी सूर्यदेव की प्रिय तिथि है। इस दिन सूर्य उपासना से आरोग्य, ऊर्जा, यश और सफलता प्राप्त होती है।
क्या करें
सूर्य को अर्घ्य, आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ, लाल फूल अर्पण
क्या न करें
तेल व नमक का सेवन (व्रत में)
पूजा मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
कृष्ण पक्ष
स्वामी देव
भगवान सूर्य
व्रत / त्योहार
सप्तमी व्रत
महत्व
कृष्ण सप्तमी सूर्य उपासना की तिथि है। आरोग्य और ऊर्जा के लिए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना शुभ होता है।
क्या करें
सूर्य अर्घ्य, आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ
क्या न करें
अहंकार, निराशा
पूजा मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।