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अष्टमी तिथि

अष्टमी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की अष्टमी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।

शुक्ल पक्ष

स्वामी देव
माँ दुर्गा (भवानी)
व्रत / त्योहार
मासिक दुर्गाष्टमी, जन्माष्टमी (कृष्ण अष्टमी)
महत्व
अष्टमी माँ दुर्गा की तिथि है। इस दिन दुर्गा पूजा से शत्रुओं पर विजय, सुख-समृद्धि और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
क्या करें
दुर्गा माँ की पूजा, दुर्गा चालीसा, कन्या पूजन, दुर्गा सप्तशती
क्या न करें
मांसाहार, व्यसन, झूठ
पूजा मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः

कृष्ण पक्ष

स्वामी देव
माँ दुर्गा / भैरव
व्रत / त्योहार
कालाष्टमी, भैरव अष्टमी
महत्व
कृष्ण अष्टमी कालाष्टमी है। इस दिन काल भैरव और माँ दुर्गा की उपासना से रक्षा और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
क्या करें
दुर्गा पूजा, भैरव पूजा, हनुमान चालीसा, तिल दान
क्या न करें
तामसिक भोजन, रात्रि बाहर एकांत घूमना
पूजा मंत्र
ॐ कालभैरवाय नमः

⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।