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पंचमी तिथि

पंचमी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की पंचमी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।

शुक्ल पक्ष

स्वामी देव
नागदेवता / लक्ष्मी माँ
व्रत / त्योहार
नाग पंचमी (श्रावण), श्री पंचमी
महत्व
पंचमी तिथि नागदेवता और माता लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन सर्प पूजा और दूध का अर्पण करने से कुल की रक्षा होती है।
क्या करें
नाग पूजा, दूध का अर्पण, माता लक्ष्मी की स्तुति
क्या न करें
जमीन खोदना, सांप को हानि पहुंचाना
पूजा मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

कृष्ण पक्ष

स्वामी देव
नागदेवता
व्रत / त्योहार
नागपंचमी (श्रावण)
महत्व
कृष्ण पंचमी नाग पूजा के लिए शुभ है। नागों की पूजा से घर में सुख-शांति और कुल की रक्षा होती है।
क्या करें
नाग पूजा, दूध का अर्पण, शांतिपाठ
क्या न करें
जमीन खोदना, सांप को हानि
पूजा मंत्र
ॐ नागेभ्यो नमः

⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।