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चतुर्थी तिथि

चतुर्थी तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की चतुर्थी तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।

शुक्ल पक्ष

स्वामी देव
भगवान गणेश
व्रत / त्योहार
गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, विनायक चतुर्थी
महत्व
चतुर्थी गणपति बप्पा की प्रिय तिथि है। इस दिन गणेश पूजा से सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
क्या करें
गणेश पूजा, मोदक अर्पण, दूर्वा अर्पण, गणेश चालीसा
क्या न करें
चंद्र दर्शन, झूठ बोलना
पूजा मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः

कृष्ण पक्ष

स्वामी देव
भगवान गणेश
व्रत / त्योहार
संकष्टी चतुर्थी व्रत (चंद्र दर्शन के साथ)
महत्व
कृष्ण चतुर्थी में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद व्रत तोड़ा जाता है।
क्या करें
गणेश पूजा, रात को चंद्र दर्शन, मोदक भोग
क्या न करें
क्रोध, असत्य वचन
पूजा मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः

⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।