Tilak Kathayein – Panchang, Hindu Stories, Aarti, Chalisa & Mantras

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Why is Lord Ganesha Called 'Pratham Pujya'? Know the Complete Mythological Story and Mystery

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य या पूजा की शुरुआत अक्सर **भगवान गणेश के स्मरण** से की जाती है। इसके पीछे गणेश जी और उनके भाई कार्तिकेय से जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है, जिसमें दोनों के बीच संसार की परिक्रमा करने की प्रतियोगिता हुई थी। गणेश जी ने बुद्धि और माता-पिता के प्रति अपनी श्रद्धा का परिचय देते हुए शिव-पार्वती की परिक्रमा की और विजयी हुए। प्रसन्न होकर उन्हें प्रथम पूज्य होने का वरदान मिला। इस लेख में जानें गणेश जी की प्रथम पूजा का कारण, पूरी पौराणिक कथा और इसके पीछे छिपा गहरा आध्यात्मिक संदेश।

Tilak Kathayein11 Sep 2026
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Kahaniya

How was Lord Ganesha born? The complete mythological story of Mother Parvati and Shiva

भगवान गणेश के जन्म की कथा हिंदू धर्म की सबसे प्रसिद्ध पौराणिक कथाओं में से एक है। मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से गणेश जी की रचना की और उन्हें अपने द्वार की रक्षा का दायित्व सौंपा। भगवान शिव के आने पर गणेश जी ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया, जिसके बाद भयंकर संघर्ष हुआ और शिव जी ने उनका सिर काट दिया। माता पार्वती के आग्रह पर भगवान शिव ने हाथी का सिर लगाकर उन्हें पुनर्जीवित किया और प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया। इस लेख में जानें गणेश जी के जन्म से लेकर उनके प्रथम पूज्य बनने तक की सम्पूर्ण कथा।

Tilak Kathayein22 Aug 2026

Latest Articles

Vaishno Devi Temple – वैष्णो देवी मंदिर
Mandir

Vaishno Devi Temple – वैष्णो देवी मंदिर

वैष्णो देवी मंदिर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जो जम्मू और कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर माता वैष्णो देवी को समर्पित है और हर साल लाखों भक्तों को आकर्षित करता है। यह मंदिर अपनी अलौकिक शक्ति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहाँ की यात्रा को एक आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है, जहाँ भक्त माँ के दर्शन के लिए कठिन चढ़ाई करते हैं।

08 Mar 2025
Lalita Devi Temple Prayagraj – ललिता देवी मंदिर प्रयागराज
Mandir

Lalita Devi Temple Prayagraj – ललिता देवी मंदिर प्रयागराज

परिचय (Introduction) ललिता देवी मंदिर, प्रयागराज में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर माता सती के दाहिने हाथ…

26 Feb 2025
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12 Jyotirlingas

Mallikarjuna Jyotirlinga: Mallikarjuna Temple Guide & Katha

आंध्र प्रदेश के नंदयाल जिले में कृष्णा नदी (पाताल गंगा) के तट पर श्रीशैल पर्वत पर स्थित मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में द्वितीय ज्योतिर्लिंग है. यह पावन तीर्थ ज्योतिर्लिंग के साथ-साथ माता सती के 18 महाशक्तिपीठों (माँ भ्रमरांबा देवी) में से एक होने का अद्वितीय गौरव रखता है. शिव पुराण के अनुसार, कार्तिकेय जी के रुष्ट होकर क्रौंच पर्वत जाने पर उन्हें मनाने हेतु भगवान शिव 'अर्जुन' और माता पार्वती 'मल्लिका' स्वरूप में यहाँ ज्योति रूप में प्रकट हुए थे. यहाँ किए जाने वाले स्पर्श दर्शन और पाताल गंगा स्नान से जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति मिलती है.

24 Feb 2025
Chapter 18 : Moksha Sanyasa Yoga – अध्याय १८: मोक्षसंन्यासयोगः
Bhagavad Gita

Chapter 18 : Moksha Sanyasa Yoga – अध्याय १८: मोक्षसंन्यासयोगः

अर्जुन उवाच: सन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम् । त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ।। अर्जुन बोले- हे महाबाहो ! हे अन्तर्यामिन् ! हे वासुदेव ! मैं संन्यास और त्यागके तत्त्वको पृथक्- पृथक्…

22 Feb 2025
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12 Jyotirlingas

Bhimashankar Jyotirlinga: Bhimashankar Temple Guide & Katha

महाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के घने जंगलों में स्थित भीमाशंकर महादेव मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में छठा स्थान रखता है। यह पवित्र स्थल पापनाशिनी भीमा (चंद्रभागा) नदी का उद्गम स्थल भी है। शिव पुराण के अनुसार, कुंभकर्ण के पराक्रमी पुत्र भीम नामक असुर के अत्याचारों से भक्तों व संतों की रक्षा करने हेतु भगवान शिव ने यहाँ प्रकट होकर उसका संहार किया था। देवताओं और ऋषियों की प्रार्थना पर महादेव सदैव के लिए 'भीमाशंकर' ज्योतिर्लिंग के रूप में यहाँ विराजमान हो गए।

22 Feb 2025
Chapter 17 : Shraddha Traya Vibhaga Yoga – अध्याय १७: श्रद्धात्रयविभागयोग
Bhagavad Gita

Chapter 17 : Shraddha Traya Vibhaga Yoga – अध्याय १७: श्रद्धात्रयविभागयोग

अर्जुन उवाच: ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः । तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ।। अर्जुन बोले- हे कृष्ण ! जो मनुष्य शास्त्रविधिको त्यागकर श्रद्धासे युक्त हुए देवादिका पूजन करते…

20 Feb 2025
Chapter 16 : Daivasura Sampad Vibhaga Yoga – अध्याय १६: दैवासुरसम्पद्विभागयोग
Bhagavad Gita

Chapter 16 : Daivasura Sampad Vibhaga Yoga – अध्याय १६: दैवासुरसम्पद्विभागयोग

श्रीभगवानुवाच: अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः । दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम् ॥ श्रीभगवान् बोले- भयका सर्वथा अभाव, अन्तःकरणकी पूर्ण निर्मलता, तत्त्वज्ञानके लिये ध्यानयोगमें निरन्तर दृढ़ स्थिति और सात्त्विक दान, इन्द्रियोंका दमन, भगवान्,…

18 Feb 2025
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12 Jyotirlingas

Mahakaleshwar Jyotirlinga: Mahakaleshwar Temple Guide

मध्य प्रदेश के उज्जैन (प्राचीन अवंतिका नगरी) में पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में तृतीय (तीसरा) स्थान रखता है। यह विश्व का एकमात्र स्वयंभू दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, जहाँ काल के अधिपति महादेव अकाल मृत्यु और भय से मुक्ति प्रदान करते हैं। प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त में होने वाली दिव्य भस्म आरती, त्रि-स्तरीय मंदिर रचना (महाकाल, ओंकारेश्वर और नागचंद्रेश्वर) तथा भव्य 'श्री महाकाल लोक' इस पावन धाम को विश्वभर में अद्वितीय बनाते हैं।

18 Feb 2025
Chapter 15 : Purushottama Yoga – अध्याय १५: पुरुषोत्तमयोग
Bhagavad Gita

Chapter 15 : Purushottama Yoga – अध्याय १५: पुरुषोत्तमयोग

श्रीभगवानुवाच ऊर्ध्वमूलमधः शाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम् । छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित् ॥ श्रीभगवान् बोले- आदिपुरुष परमेश्वररूप मूलवाले और ब्रह्मारूप मुख्य शाखावाले’ जिस संसाररूप पीपलके वृक्षको अविनाशी कहते हैं, तथा...

16 Feb 2025
Gayatri Vrat Katha  – गायत्री व्रत
Devi Ki Kathaye

Gayatri Vrat Katha – गायत्री व्रत

गायत्री माता को वेदों की जननी और ज्ञान, प्रकाश, और सद्गुणों की देवी माना जाता है। उनकी आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होती…

15 Feb 2025
Chapter 14 : Guna Traya Vibhaga Yoga – अध्याय १४: गुणत्रयविभागयोग
Bhagavad Gita

Chapter 14 : Guna Traya Vibhaga Yoga – अध्याय १४: गुणत्रयविभागयोग

श्रीभगवानुवाच: परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् । यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ॥ श्रीभगवान् बोले- ज्ञानोंमें भी अति उत्तम उस परम ज्ञानको मैं फिर कहूँगा, जिसको जानकर सब मुनिजन…

14 Feb 2025
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare Aarti

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

Shri Ram Stuti: Shri Ramchandra Kripalu Bhajman – Full Text, Simple Meaning, and Spiritual Significance

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 2026
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan | Hanuman Bhajan Lyrics and Significance

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

Wake Up Sleepers, Dawn Has Broken | Inspiring Patriotic Bhajan by Vanshidhar Shukla

"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026
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7 Verses from the Bhagavad Gita That Teach Self-Confidence and Self-Reliance

**भगवद्गीता** केवल आध्यात्मिक ज्ञान का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में सही मार्ग दिखाने वाला दिव्य संदेश है। कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ऐसे अनेक उपदेश दिए, जो आज भी आत्मविश्वास, कर्म, धैर्य और स्वयं पर विश्वास रखने की प्रेरणा देते हैं। इस लेख में जानें **भगवद्गीता के 7 शक्तिशाली श्लोक**, उनके सरल हिंदी अर्थ और जीवन में मिलने वाली ऐसी सीखें, जो कठिन समय में अपने निर्णय और क्षमता पर भरोसा करना सिखाती हैं।

17 Sep 2026
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Why is Lord Ganesha Called 'Pratham Pujya'? Know the Complete Mythological Story and Mystery

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य या पूजा की शुरुआत अक्सर **भगवान गणेश के स्मरण** से की जाती है। इसके पीछे गणेश जी और उनके भाई कार्तिकेय से जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है, जिसमें दोनों के बीच संसार की परिक्रमा करने की प्रतियोगिता हुई थी। गणेश जी ने बुद्धि और माता-पिता के प्रति अपनी श्रद्धा का परिचय देते हुए शिव-पार्वती की परिक्रमा की और विजयी हुए। प्रसन्न होकर उन्हें प्रथम पूज्य होने का वरदान मिला। इस लेख में जानें गणेश जी की प्रथम पूजा का कारण, पूरी पौराणिक कथा और इसके पीछे छिपा गहरा आध्यात्मिक संदेश।

11 Sep 2026
shitala-satam-2026-date-muhurat-puja-vidhi-katha

Shitala Satam 2026: Date, Muhurat & Guide

सनातन धर्म में शीतला सातम (शीतला सप्तमी) आरोग्य, स्वच्छता और संक्रामक रोगों से रक्षा का पावन लोकपर्व है, जो मुख्य रूप से गुजरात और पश्चिमी भारत में श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में शीतला सातम 3 सितंबर 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी, जबकि इससे एक दिन पूर्व 2 सितंबर 2026 को रांधण छठ पर भोजन पकाया जाएगा। इस दिन घर में अग्नि या चूल्हा जलाना वर्जित होता है और माता शीतला को एक दिन पूर्व बना ठंडा (बासोड़ा) भोजन अर्पित कर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है।

02 Sep 2026
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7 Powerful Nagas and Their Divine Connections | Mysterious Mythological Tales of Serpent Deities

हिंदू धर्म और पुराणों में नागों को केवल सर्प नहीं, बल्कि शक्तिशाली दिव्य प्राणियों के रूप में वर्णित किया गया है। **शेषनाग, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक और अन्य प्रमुख नागों** का संबंध भगवान विष्णु, भगवान शिव, समुद्र मंथन और अनेक पौराणिक घटनाओं से जुड़ा है। प्रत्येक नाग की अपनी अलग शक्ति, कथा और धार्मिक महत्व है। इस लेख में जानें **7 शक्तिशाली नागों** की अद्भुत कहानियां, उनके दिव्य संबंध और हिंदू धर्म में उनके विशेष स्थान से जुड़े रोचक पौराणिक रहस्य।

28 Aug 2026
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4 Yugas Explained in Hindi | Origin and Mystery of the Four Yugas

हिंदू धर्मग्रंथों में समय को एक चक्र के रूप में समझाया गया है, जिसमें **सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग** क्रम से आते हैं। प्रत्येक युग में धर्म, मानव जीवन और नैतिक मूल्यों की स्थिति अलग बताई गई है। पुराणों में इन युगों की अवधि, विशेषताओं और एक युग से दूसरे युग में परिवर्तन का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस लेख में जानें चारों युगों की उत्पत्ति, उनका क्रम, अवधि, धर्म के क्रमिक परिवर्तन और इस रहस्यमयी युगचक्र से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

26 Aug 2026
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Why Did Asuras Worship Lord Shiva? 4 Powerful Reasons and Mythological Stories

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 2026
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

Introduction to Lord Jagannath | History, Mythology, Form, and Significance

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026
माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

Dhumavati Origin Story | The Origin Story of Mother Dhumavati

धूमावती उत्पत्ति कथा, पाठ विधि और लाभों को जानकर आप इस देवी के रहस्यमय स्वरूप को समझ सकते हैं और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं। संपूर्ण कथा, विधि और लाभों का विस्तृत विवरण आपको माँ धूमावती की कृपा प्राप्त करने का मार्ग दिखाएगा।

23 Jun 2026