
Sita Katha – Chapter 2: Sita's Childhood
सीता कथा का अध्याय 2 — सीता का बाल्यकाल। सीता जनकपुर में बड़ी होती हैं और अपनी बुद्धि और सुंदरता से सबका मन मोह लेती हैं।
Tilak Kathayein is the editorial team behind TilakKathayein, publishing Hindu kathas, aarti, chalisa, mantras and panchang sourced from authentic scriptures and reviewed for accuracy.

सीता कथा का अध्याय 2 — सीता का बाल्यकाल। सीता जनकपुर में बड़ी होती हैं और अपनी बुद्धि और सुंदरता से सबका मन मोह लेती हैं।

दुर्गा सप्तशती कथा का अध्याय 6 — चण्ड मुण्ड का संहार। शुम्भ और निशुम्भ के आदेश पर चण्ड और मुण्ड नामक असुर देवी दुर्गा पर आक्रमण करते हैं, लेकिन देवी द्वारा उनका संहार कर दिया जाता है।

सीता कथा का अध्याय 1 — सीता का दिव्य जन्म। सीता का जन्म जनक के यज्ञभूमि में होता है, जो उनकी दिव्यता का प्रतीक है।

दुर्गा सप्तशती कथा का अध्याय 5 — शुम्भ-निशुम्भ की चुनौती। शुम्भ और निशुम्भ नामक दो शक्तिशाली असुर स्वर्ग पर आक्रमण करते हैं और देवी दुर्गा से युद्ध करने की चुनौती देते हैं।

दुर्गा सप्तशती कथा का अध्याय 4 — महिषासुर का अंत। महिषासुर नामक असुर देवताओं को पराजित कर स्वर्ग पर अधिकार कर लेता है, जिसके बाद सभी देवता मिलकर देवी दुर्गा का आह्वान करते हैं और देवी महिषासुर का वध करती हैं।

दुर्गा सप्तशती कथा का अध्याय 3 — मधुकैटभ का वध। भगवान विष्णु की योगनिद्रा से मधु और कैटभ नामक दो राक्षस उत्पन्न होते हैं, जो ब्रह्मा जी को मारने के लिए उद्यत होते हैं, तब देवी महामाया प्रकट होकर उनका वध करती हैं।

दुर्गा सप्तशती कथा का अध्याय 2 — देवी माहात्म्य: ज्ञान की खोज। राजा सुरथ और समाधि मुनि से संसार की माया और ज्ञान के बारे में प्रश्न पूछते हैं, जिसके उत्तर में मुनि देवी महात्म्य का वर्णन करते हैं।

दुर्गा सप्तशती कथा का अध्याय 1 — महामाया की महिमा: परिचय। राजा सुरथ और समाधि नामक व्यापारी की कहानी से दुर्गा सप्तशती की महिमा का परिचय होता है, जो अपनी समस्याओं के समाधान के लिए देवी की शरण में जाते हैं।

सांवरिया सेठ मंदिर चित्तौड़गढ़, राजस्थान 2026: आरती समय, दर्शन समय, प्रवेश शुल्क, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

रणछोडराय मंदिर डाकोर, गुजरात 2026: आरती समय, दर्शन समय, प्रवेश शुल्क, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

कालिया नाग दमन कथा का अध्याय 5 — क्षमा और पुनर्स्थापना। कालिया नाग कृष्ण से क्षमा मांगता है, और कृष्ण उसे यमुना छोड़ने और समुद्र में जाने की आज्ञा देते हैं, जिससे यमुना फिर से शुद्ध हो जाती है।

गोवर्धन पर्वत कथा का अध्याय 5 — इंद्र की विनम्रता: सीखा सबक। इंद्र को अपनी गलती का एहसास होता है, कृष्ण से क्षमा मांगते हैं, और गोवर्धन पर्वत की श्रेष्ठता को स्वीकार करते हैं।