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प्रतिपदा तिथि

प्रतिपदा तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की प्रतिपदा तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।

शुक्ल पक्ष

स्वामी देव
चंद्रदेव
व्रत / त्योहार
चंद्र दर्शन / गुड़ी पड़वा (चैत्र शुक्ल)
महत्व
शुक्ल प्रतिपदा से शुभ मास का आरंभ होता है। यह नए कार्यों और यात्रा के लिए अत्यंत शुभ तिथि है।
क्या करें
नए कार्य प्रारंभ करें, चंद्र दर्शन करें, पूजा-अर्चना करें
क्या न करें
विवाद, नकारात्मक विचार
पूजा मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः

कृष्ण पक्ष

स्वामी देव
चंद्रदेव
व्रत / त्योहार
पितृ कार्य, श्राद्ध (अश्विन कृष्ण पक्ष)
महत्व
कृष्ण प्रतिपदा से कृष्ण पक्ष का आरंभ होता है। पूर्णिमा के बाद चंद्रमा घटने लगते हैं। पितृ कार्य के लिए यह अच्छी तिथि है।
क्या करें
पितृ तर्पण, श्राद्ध कर्म, दान, पूजा
क्या न करें
नए शुभ कार्यों का आरंभ
पूजा मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः

⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।