
Purushottam Mas Katha: Adhyaya 1 | पुरुषोत्तम मास कथा: अध्याय 1
नैमिषारण्य में ऋषियों का यज्ञ हेतु संगम, सूतजी और शुकदेवजी का स्वागत, उनकी दिव्यता, भक्ति, ज्ञान और तीर्थयात्रा के महत्व पर आधारित आध्यात्मिक संवाद का वर्णन। कल्पवृक्ष के समान भक्तजनों…
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नैमिषारण्य में ऋषियों का यज्ञ हेतु संगम, सूतजी और शुकदेवजी का स्वागत, उनकी दिव्यता, भक्ति, ज्ञान और तीर्थयात्रा के महत्व पर आधारित आध्यात्मिक संवाद का वर्णन। कल्पवृक्ष के समान भक्तजनों…

सूतजी ने ऋषियों को नारायण द्वारा नारद को सुनाई गई पुरुषोत्तम मास की महिमा बताई। यह मास भगवान के प्रति भक्ति, व्रत, और दान से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति का उत्तम अवसर है।

अधिमास, निंदित और असहाय होकर भगवान विष्णु की शरण में गया। उसने अपनी व्यथा सुनाई, और भगवान ने उसे धैर्य बंधाते हुए सम्मानित करने का आश्वासन दिया। ऋषिगण बोले, ‘हे…

अधिक मास के दुःख से व्यथित, भगवान विष्णु अधिक मास को लेकर श्रीकृष्ण के गोलोक पहुंचे। श्रीकृष्ण ने अधिक मास को स्वीकारते हुए उसे “पुरुषोत्तम मास” का सम्मान दिया, उसका दुःख हर लिया।…

भगवान विष्णु अधिमास के दुःख को लेकर गोलोक में श्रीकृष्ण के पास गए। श्रीकृष्ण ने अधिमास के दुःख को दूर कर इसे सर्वोत्तम “पुरुषोत्तम मास” का दर्जा दिया। नारदजी बोले…

भगवान श्रीकृष्ण ने मलमास को “पुरुषोत्तम मास” नाम देकर सर्वोच्च स्थान दिया। इस मास में जप, दान, स्नान और पूजा से भक्तों को असीम पुण्य व मोक्ष प्राप्त होता है।…

सूतजी बोले, ‘हे तपोधन! विष्णु और श्रीकृष्ण के संवाद को सुन सन्तुष्टमन नारद, नारायण से पुनः प्रश्न करने लगे। नारदजी बोले, ‘हे प्रभो! जब विष्णु बैकुण्ठ चले गये तब फिर…'

यह कथा पुरुषोत्तम मास के महात्म्य और भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों पर आधारित है। नारदजी ने भगवान से पूछा कि जब शिवजी गए, तो तपस्विनी कन्या पर क्या बीती। श्री…

इस अंश में ऋषि राजा दृढधन्वा की कथा सुनाते हैं, जो अपनी समृद्धि पर चिंतन करते हुए आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए दिव्य उपदेशों से एक बदलाव का अनुभव करते हैं।

राजा दृढ़धन्वा ने वाल्मीकि मुनि से शुक पक्षी के वचन के बारे में पूछा, जिससे वह अपने जीवन की सफलता और समृद्धि का कारण समझना चाहते थे। वाल्मीकि मुनि ने…

श्री नारायण ने नारद को बाल्मीकि ऋषि द्वारा राजा दृढ़धन्वा को सुनाई अद्भुत कथा बताई। गरुड़ ने सुदेव शर्मा को पुत्र सुख का वरदान दिया लेकिन चेताया कि बारहवें वर्ष…