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अमावस्या तिथि

अमावस्या तिथि हिंदू पंचांग की एक चंद्र तिथि है। नीचे शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष की अमावस्या तिथि का स्वामी देव, व्रत, धार्मिक महत्व और इस दिन क्या करें–क्या न करें दिया गया है।

कृष्ण पक्ष

स्वामी देव
पितृदेव / भगवान शिव
व्रत / त्योहार
अमावस्या व्रत, पितृ तर्पण, दर्श अमावस्या
महत्व
अमावस्या पितरों की तिथि है। इस दिन पितृ तर्पण और श्राद्ध करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है।
क्या करें
पितृ तर्पण, गंगा स्नान, श्राद्ध, दान, शिव पूजा
क्या न करें
शुभ कार्यों का आरंभ, विवाह, गृहप्रवेश, मांसाहार
पूजा मंत्र
ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः

⚠️ यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य पंडित या आचार्य से मुहूर्त की पुष्टि अवश्य करें। शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त बदलने से समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।