प्रेरक सुविचार

92 सुविचार

आज का विचार

कर्म करो, फल की चिंता मत करो — यही जीवन जीने की सच्ची कला है।

श्रीमद्भगवद्गीता

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत — सफलता और असफलता सबसे पहले मन में तय होती है।

अज्ञात

जो बीत गई सो बात गई, आगे की सुध लो।

हरिवंश राय बच्चन

सत्य बोलना सबसे बड़ा तप है, सत्य से बढ़कर कोई धर्म नहीं।

महाभारत

क्रोध पर विजय पाना ही सबसे बड़ी विजय है।

गौतम बुद्ध

जैसा बीज बोओगे, वैसा ही फल पाओगे — यही प्रकृति का नियम है।

संत कबीर

खुद पर विश्वास रखो, क्योंकि जिस दिन तुम खुद पर भरोसा खो दोगे, दुनिया भी तुम पर भरोसा नहीं करेगी।

स्वामी विवेकानंद

निंदा करने वाले को अपने पास ही रखो, वह तुम्हारे दोष बिना साबुन-पानी के धो देता है।

संत कबीर

सेवा परमो धर्मः — दूसरों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।

अज्ञात

धैर्य कड़वा होता है, पर उसका फल सदा मीठा होता है।

अज्ञात

जो व्यक्ति अपने काम में ईमानदार है, वह कभी असफल नहीं होता।

चाणक्य

मूर्ख और गुणी की संगति से मनुष्य वैसा ही बन जाता है, जैसी संगति करता है।

चाणक्य

जिस प्रकार दीपक अंधकार को दूर करता है, उसी प्रकार ज्ञान अज्ञान को दूर करता है।

श्रीमद्भगवद्गीता

परिवर्तन ही संसार का शाश्वत नियम है, इसे स्वीकार करना ही बुद्धिमानी है।

श्रीमद्भगवद्गीता

आत्मा न कभी जन्मती है न मरती है — यह शाश्वत और अविनाशी है।

श्रीमद्भगवद्गीता

विनम्रता वह गुण है जो व्यक्ति को महान बनाता है, अहंकार वह जो उसे गिरा देता है।

अज्ञात

जो अपने मन को जीत लेता है, वही संसार को जीत लेता है।

गुरु नानक देव

श्रम करने वाले के लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

अज्ञात

सच्चा सुख बाहर नहीं, अपने भीतर की शांति में छिपा है।

गौतम बुद्ध

जो हो रहा है अच्छा हो रहा है, जो होगा वो भी अच्छा ही होगा — इस विश्वास में ही शांति है।

श्रीमद्भगवद्गीता

क्षमा वीरों का आभूषण है, कमजोर कभी क्षमा नहीं कर सकते।

महात्मा गांधी

अच्छे विचार वही हैं जो अच्छे कर्मों में बदल जाएं।

अज्ञात

जीवन में कठिनाइयाँ इसलिए आती हैं ताकि हम अपनी असली शक्ति पहचान सकें।

अज्ञात

जो मनुष्य निष्काम भाव से कर्म करता है, वही वास्तव में योगी कहलाता है।

श्रीमद्भगवद्गीता

संतोष सबसे बड़ा धन है।

संत तुलसीदास

दूसरों की भलाई में ही अपनी भलाई छिपी है।

संत रविदास

ईश्वर उन्हीं की सहायता करते हैं जो स्वयं अपनी सहायता करते हैं।

स्वामी विवेकानंद

सच्चा ज्ञान वही है जो अहंकार को मिटाकर विनम्रता लाए।

अज्ञात

जिस घर में सुबह-शाम भजन होता है, वहाँ लक्ष्मी सदा वास करती हैं।

अज्ञात

हर परिस्थिति में मुस्कुराना सीखो, यही जीवन की सबसे बड़ी कला है।

अज्ञात

जो समय का सम्मान करता है, समय भी उसका सम्मान करता है।

अज्ञात

माता-पिता की सेवा से बड़ी कोई पूजा नहीं है।

अज्ञात

सच्ची भक्ति में दिखावे की कोई जगह नहीं होती।

संत मीराबाई

जो बोलने से पहले सोचता है, वह कभी पछताता नहीं।

चाणक्य

जीवन एक यात्रा है, मंजिल नहीं — इसलिए हर पल का आनंद लो।

अज्ञात

अहंकार त्यागकर ही मनुष्य ईश्वर के करीब पहुँच सकता है।

संत कबीर

सत्संग से बड़ा कोई तीर्थ नहीं है।

अज्ञात

जो आज कर सकते हो, उसे कल पर मत टालो।

अज्ञात

शांत मन ही ईश्वर का सबसे सुंदर मंदिर है।

अज्ञात

प्रेम और करुणा से बढ़कर कोई साधना नहीं है।

गौतम बुद्ध

जो स्वयं को जीत लेता है, वह त्रिलोक को जीत लेता है।

अज्ञात

विश्वास वह शक्ति है जो असंभव को भी संभव बना देती है।

स्वामी विवेकानंद

सच्चा गुरु वह है जो शिष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए।

संत कबीर

दान वही सच्चा है जो बिना दिखावे के दिया जाए।

अज्ञात

जो प्रकृति के नियमों का सम्मान करता है, वह सदा सुखी रहता है।

अज्ञात

भगवान भाव के भूखे हैं, दिखावे के नहीं।

संत सूरदास

जो हार मानकर बैठ जाता है, वह कभी विजयी नहीं होता।

अज्ञात

सुख-दुख धूप-छाँव के समान हैं, दोनों में समभाव रखो।

श्रीमद्भगवद्गीता

जो आत्मनिरीक्षण करता है, वही सच्चा ज्ञानी है।

अज्ञात

हर सुबह एक नई शुरुआत का अवसर है, उसे व्यर्थ मत जाने दो।

अज्ञात

सच्ची पूजा वह है जो मन, वचन और कर्म से एक समान हो।

अज्ञात

जो दूसरों में दोष ढूँढता है, वह अपने भीतर के गुण खो देता है।

अज्ञात

नम्रता ज्ञान का श्रृंगार है।

अज्ञात

हर मुश्किल के बाद आसानी आती है, बस धैर्य रखना सीखो।

अज्ञात

श्रद्धा और विश्वास से किया गया छोटा-सा कर्म भी महान फल देता है।

श्रीमद्भगवद्गीता

जो अपनी गलतियों से सीखता है, वही सच्चा विद्यार्थी है।

अज्ञात

संयम और अनुशासन ही सफलता की नींव हैं।

चाणक्य

जो आज बोया है, वही कल काटोगे — इसलिए अच्छे कर्म करो।

अज्ञात

ईश्वर हर परीक्षा उन्हीं की लेते हैं जिन्हें वे विशेष बनाना चाहते हैं।

अज्ञात

जो निर्भय है, वही जीवन के हर संघर्ष में विजयी होता है।

स्वामी विवेकानंद

अच्छे कर्मों की छाया कभी पीछा नहीं छोड़ती।

अज्ञात

जो हर प्राणी में ईश्वर देखता है, वही सच्चा भक्त है।

श्रीमद्भगवद्गीता

मौन कई बार शब्दों से अधिक शक्तिशाली होता है।

अज्ञात

जो वर्तमान में जीना सीख लेता है, उसे कभी पछतावा नहीं होता।

गौतम बुद्ध

सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति में साथ न छोड़े।

अज्ञात

जितना बाँटोगे, उतना ही भर जाएगा — यह प्रेम और ज्ञान दोनों पर लागू होता है।

अज्ञात

ईमानदारी सबसे कठिन रास्ता है, पर वही सबसे सुरक्षित भी है।

अज्ञात

जो नित्य स्नान कर पवित्र मन से ईश्वर का स्मरण करता है, उसका दिन शुभ होता है।

अज्ञात

दूसरों को माफ करना खुद को मुक्त करना है।

गौतम बुद्ध

बड़प्पन पद से नहीं, स्वभाव से आता है।

अज्ञात

जिस मन में भय नहीं, वह मन ही सच्ची स्वतंत्रता का अनुभव करता है।

रवींद्रनाथ टैगोर

हर संकट के भीतर एक अवसर छिपा होता है, उसे पहचानना सीखो।

अज्ञात

जो स्वयं को पहचानता है, वही ईश्वर को पहचानता है।

संत कबीर

भक्ति में शर्तें नहीं होतीं, केवल समर्पण होता है।

संत मीराबाई

सत्कर्म का बीज कभी व्यर्थ नहीं जाता।

अज्ञात

जो निरंतर प्रयास करता है, भाग्य भी अंततः उसका साथ देता है।

अज्ञात

बड़ों का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है।

अज्ञात

जिसने अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण पा लिया, उसने सच्चा राज्य पा लिया।

चाणक्य

प्रकृति से जुड़ा जीवन ही सबसे स्वस्थ और सुखी जीवन है।

अज्ञात

हर दिन भगवान का दिया एक नया उपहार है, उसे कृतज्ञता से स्वीकार करो।

अज्ञात

जो निःस्वार्थ भाव से सेवा करता है, वह ईश्वर के सबसे निकट होता है।

श्रीमद्भगवद्गीता

आशा वह दीपक है जो सबसे घने अंधकार में भी राह दिखाती है।

अज्ञात

सच्ची शिक्षा वह है जो चरित्र का निर्माण करे।

स्वामी विवेकानंद

जिस हृदय में प्रेम है, वहाँ ईश्वर का सदा वास होता है।

अज्ञात

जो वचन दे उसे निभाए, यही सच्चे पुरुषार्थ की पहचान है।

अज्ञात

विपत्ति में धैर्य और संपत्ति में विनम्रता — यही सच्चे मनुष्य के गुण हैं।

चाणक्य

जो हर कार्य में ईश्वर का स्मरण रखता है, वह कभी भटकता नहीं।

अज्ञात

आत्मविश्वास और परिश्रम से बड़ा कोई साथी नहीं होता।

अज्ञात

जो जितना झुकता है, उतना ही ऊँचा उठता है — विनम्रता की यही शक्ति है।

अज्ञात

सच्ची पूजा हृदय की पवित्रता से होती है, बाहरी आडंबर से नहीं।

संत कबीर

जो समय पर जागता है, वही जीवन की हर दौड़ में आगे रहता है।

अज्ञात

जीवन में संतुलन ही सच्ची सफलता की कुंजी है।

श्रीमद्भगवद्गीता

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