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30 अगस्त 2026 का पंचांग - तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

द्वितीया | कृष्ण पक्ष | श्रावण

🌙
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
🌿
योग
शूल
📿
करण
गर
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🌅 06:08 AM   🌇 06:47 PM

📅 पंचांग30 अगस्त 2026

तिथिद्वितीया (कृष्ण पक्ष)
मासश्रावण (वि.सं. 2083)
वाररविवार
नक्षत्रउत्तरा भाद्रपद (अहिर्बुध्न्य)
योगशूल
करणगर
चंद्र राशिमीन
सूर्य राशिसिंह
🌅 सूर्योदय06:08 AM
🌇 सूर्यास्त06:47 PM

🪐 ग्रह दशा30 अगस्त 2026

☀️सूर्यसिंह12.5°
🌙चंद्रमीन4.7°
मंगलवृष4°
बुधकर्क27.7°
गुरुकर्क9.2°
शुक्रमकर8.5°
शनिमीन21.3°
राहुकुंभ5.2°
केतुसिंह5.2°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को रविवार की हार्दिक शुभकामनाएं


🌗

🌙 आज की तिथि का महत्व

द्वितीया · कृष्ण पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: भाई दूज (कार्तिक)

कृष्ण द्वितीया शांत और स्थिर कार्यों के लिए उपयुक्त है। पारिवारिक मेल-मिलाप और ध्यान के लिए यह तिथि शुभ है।

✅ आज क्या करें

पारिवारिक कार्य, ध्यान, पूजा-अर्चना

⚠️ आज से बचें

विवाद, झूठ

⭐ आज का नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद

देवता: अहिर्बुध्न्य

उत्तरा भाद्रपद गहन ज्ञान और करुणा का नक्षत्र है। धार्मिक और परोपकार के कार्य शुभ।

✅ आज क्या करें

धर्म, दान, ध्यान, पारिवारिक कार्य

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: द्वितीया (कृष्ण पक्ष)
📅
२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: रविवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: उत्तरा भाद्रपद
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: शूल
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: गर

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न