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25 अगस्त 2026 का पंचांग - तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

द्वादशी | शुक्ल पक्ष | श्रावण

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तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
🌿
योग
आयुष्मान
📿
करण
बालव
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🌅 06:07 AM   🌇 06:52 PM

📅 पंचांग25 अगस्त 2026

तिथिद्वादशी (शुक्ल पक्ष)
मासश्रावण (वि.सं. 2083)
वारमंगलवार
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा (विश्वेदेव)
योगआयुष्मान
करणबालव
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिसिंह
🌅 सूर्योदय06:07 AM
🌇 सूर्यास्त06:52 PM

🪐 ग्रह दशा25 अगस्त 2026

☀️सूर्यसिंह7.6°
🌙चंद्रमकर1.5°
मंगलवृष1.4°
बुधकर्क7.2°
गुरुकर्क8.8°
शुक्रमकर0.5°
शनिमीन21.1°
राहुकुंभ5.5°
केतुसिंह5.5°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं


🌖

🌙 आज की तिथि का महत्व

द्वादशी · शुक्ल पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: वैकुंठ द्वादशी, गोविंद द्वादशी, एकादशी पारण

द्वादशी भगवान विष्णु के वामन अवतार को समर्पित है। एकादशी व्रत का पारण इसी तिथि में किया जाता है।

✅ आज क्या करें

व्रत पारण, विष्णु पूजा, ब्राह्मण भोजन, दान

⚠️ आज से बचें

व्रत पारण में देरी करना

⭐ आज का नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

देवता: विश्वेदेव

उत्तराषाढ़ा अंतिम विजय का नक्षत्र है। इसमें शुरू किए गए कार्य स्थायी और दीर्घकालिक होते हैं।

✅ आज क्या करें

विजय, स्थायी कार्य, गृहप्रवेश

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: द्वादशी (शुक्ल पक्ष)
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२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: मंगलवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: उत्तराषाढ़ा
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: आयुष्मान
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: बालव

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न