28 जुलाई 2026 का पंचांग – चतुर्दशी शुक्ल पक्ष | शुभ मुहूर्त और राशिफल - Tilak Kathayein
🕉

28 जुलाई 2026 का पंचांग

चतुर्दशी | शुक्ल पक्ष | श्रावण

🌙
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
🌿
योग
विष्कुम्भ
📿
करण
वणिज
शहर चुनें:
🌅 05:55 AM   🌇 07:11 PM

📅 पंचांग28 जुलाई 2026

तिथिचतुर्दशी (शुक्ल पक्ष)
मासश्रावण (वि.सं. 2083)
वारमंगलवार
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा (जल)
योगविष्कुम्भ
करणवणिज
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिकर्क
🌅 सूर्योदय05:55 AM
🌇 सूर्यास्त07:11 PM

🪐 ग्रह दशा28 जुलाई 2026

☀️सूर्यकर्क10.8°
🌙चंद्रधनु23°
मंगलमेष16.7°
बुधमीन12.6°
गुरुकर्क6.5°
शुक्रवृश्चिक15.7°
शनिमीन20.1°
राहुकुंभ6.9°
केतुसिंह6.9°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं


🌘

🌙 आज की तिथि का महत्व

चतुर्दशी · शुक्ल पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि (फाल्गुन)

चतुर्दशी मासिक शिवरात्रि की तिथि है। भगवान शिव की आराधना से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

✅ आज क्या करें

शिवलिंग अभिषेक, रात्रि जागरण, महामृत्युंजय जाप, बेलपत्र अर्पण

⚠️ आज से बचें

मांसाहार, मदिरा, तामसिक भोजन

⭐ आज का नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा

देवता: जल

पूर्वाषाढ़ा अजेयता का नक्षत्र है। जल तत्व से जुड़े कार्य और यात्रा शुभ।

✅ आज क्या करें

जल कार्य, कृषि, यात्रा

⚠️ आज से बचें

स्थायी कार्य

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

🌙
१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष)
📅
२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: मंगलवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: पूर्वाषाढ़ा
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: विष्कुम्भ
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: वणिज

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न