25 जुलाई 2026 का पंचांग – एकादशी शुक्ल पक्ष | शुभ मुहूर्त और राशिफल - Tilak Kathayein
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25 जुलाई 2026 का पंचांग

एकादशी | शुक्ल पक्ष | श्रावण

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तिथि
एकादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
🌿
योग
ब्रह्म
📿
करण
विष्टि
शहर चुनें:
🌅 05:54 AM   🌇 07:12 PM

📅 पंचांग25 जुलाई 2026

तिथिएकादशी (शुक्ल पक्ष)
मासश्रावण (वि.सं. 2083)
वारशनिवार
नक्षत्रज्येष्ठा (इंद्र)
योगब्रह्म
करणविष्टि
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकर्क
🌅 सूर्योदय05:54 AM
🌇 सूर्यास्त07:12 PM

🪐 ग्रह दशा25 जुलाई 2026

☀️सूर्यकर्क7.9°
🌙चंद्रवृश्चिक17.3°
मंगलमेष15.1°
बुधमीन0.3°
गुरुकर्क6.2°
शुक्रवृश्चिक10.9°
शनिमीन20°
राहुकुंभ7.1°
केतुसिंह7.1°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को शनिवार की हार्दिक शुभकामनाएं


🌖

🌙 आज की तिथि का महत्व

एकादशी · शुक्ल पक्ष

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व्रत / पर्व: एकादशी व्रत (निर्जला / फलाहारी) — अत्यंत पुण्यदायी

एकादशी भगवान विष्णु की सबसे प्रिय तिथि है। इस दिन व्रत रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी पाप नष्ट होते हैं।

✅ आज क्या करें

व्रत रखें, विष्णु सहस्रनाम, भागवत पाठ, तुलसी अर्पण

⚠️ आज से बचें

चावल खाना, तामसिक भोजन, क्रोध, झूठ बोलना

⭐ आज का नक्षत्र: ज्येष्ठा

देवता: इंद्र

ज्येष्ठा शक्ति और वरिष्ठता का नक्षत्र है। नेतृत्व और साहसिक कार्य सफल होते हैं।

✅ आज क्या करें

नेतृत्व, सुरक्षा, साहसिक कार्य

⚠️ आज से बचें

विवाह (प्रवेश तिथि)

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: एकादशी (शुक्ल पक्ष)
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२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: शनिवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: ज्येष्ठा
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: ब्रह्म
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: विष्टि

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न