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10 जुलाई 2026 का पंचांग - तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

दशमी | कृष्ण पक्ष | ज्येष्ठ

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तिथि
दशमी
नक्षत्र
भरणी
🌿
योग
धृति
📿
करण
विष्टि
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🌅 05:48 AM   🌇 07:16 PM

📅 पंचांग10 जुलाई 2026

तिथिदशमी (कृष्ण पक्ष)
मासज्येष्ठ (वि.सं. 2083)
वारशुक्रवार
नक्षत्रभरणी (यम)
योगधृति
करणविष्टि
चंद्र राशिमेष
सूर्य राशिमिथुन
🌅 सूर्योदय05:48 AM
🌇 सूर्यास्त07:16 PM

🪐 ग्रह दशा10 जुलाई 2026

☀️सूर्यमिथुन23.6°
🌙चंद्रमेष22.2°
मंगलमेष7.3°
बुधधनु28.9°
गुरुकर्क5°
शुक्रतुला16.8°
शनिमीन19.5°
राहुकुंभ7.9°
केतुसिंह7.9°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को शुक्रवार की हार्दिक शुभकामनाएं


🌑

🌙 आज की तिथि का महत्व

दशमी · कृष्ण पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: दशमी श्राद्ध

कृष्ण दशमी श्राद्ध और पितृ कार्य की तिथि है। पितरों की संतुष्टि से घर में समृद्धि आती है।

✅ आज क्या करें

पितृ तर्पण, दान, ब्राह्मण सेवा

⚠️ आज से बचें

नए शुभ कार्य

⭐ आज का नक्षत्र: भरणी

देवता: यम

भरणी कड़ी मेहनत और परिवर्तन का नक्षत्र है। सब्र के साथ किए गए कार्य दीर्घकालिक फल देते हैं।

✅ आज क्या करें

कृषि, परिश्रम, पौधारोपण

⚠️ आज से बचें

शुभ संस्कार, विवाह

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: दशमी (कृष्ण पक्ष)
📅
२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: शुक्रवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: भरणी
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: धृति
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: विष्टि

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न