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8 जुलाई 2026 का पंचांग - तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

अष्टमी | कृष्ण पक्ष | ज्येष्ठ

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तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
रेवती
🌿
योग
अतिगण्ड
📿
करण
कौलव
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🌅 05:47 AM   🌇 07:17 PM

📅 पंचांग8 जुलाई 2026

तिथिअष्टमी (कृष्ण पक्ष)
मासज्येष्ठ (वि.सं. 2083)
वारबुधवार
नक्षत्ररेवती (पूषा)
योगअतिगण्ड
करणकौलव
चंद्र राशिमीन
सूर्य राशिमिथुन
🌅 सूर्योदय05:47 AM
🌇 सूर्यास्त07:17 PM

🪐 ग्रह दशा8 जुलाई 2026

☀️सूर्यमिथुन21.7°
🌙चंद्रमीन24.2°
मंगलमेष6.2°
बुधधनु20.7°
गुरुकर्क4.8°
शुक्रतुला13.6°
शनिमीन19.5°
राहुकुंभ8°
केतुसिंह8°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को बुधवार की हार्दिक शुभकामनाएं


🌑

🌙 आज की तिथि का महत्व

अष्टमी · कृष्ण पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: कालाष्टमी, भैरव अष्टमी

कृष्ण अष्टमी कालाष्टमी है। इस दिन काल भैरव और माँ दुर्गा की उपासना से रक्षा और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

✅ आज क्या करें

दुर्गा पूजा, भैरव पूजा, हनुमान चालीसा, तिल दान

⚠️ आज से बचें

तामसिक भोजन, रात्रि बाहर एकांत घूमना

⭐ आज का नक्षत्र: रेवती

देवता: पूषा

रेवती पोषण और समापन का नक्षत्र है — 27 नक्षत्रों में अंतिम और पूर्ण। यात्रा और नई शुरुआत के लिए शुभ।

✅ आज क्या करें

यात्रा, गृहप्रवेश, नई शुरुआत

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: अष्टमी (कृष्ण पक्ष)
📅
२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: बुधवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: रेवती
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: अतिगण्ड
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: कौलव

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न