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ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
देवता: सूर्यदेव / गायत्री माता
आज का मंत्र
अर्थ
गायत्री मंत्र — हम उस दिव्य प्रकाश (सूर्य) का ध्यान करते हैं, वह हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे।
जप का लाभ
बुद्धि तीव्र होती है, मन शुद्ध होता है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी
WhatsApp पर शेयर करें📿 जाप विधि
- 1सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और शांत, पवित्र स्थान पर सूर्यदेव / गायत्री माता का ध्यान करते हुए बैठें।
- 2पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें और सूर्यदेव / गायत्री माता को जल का अर्घ्य अर्पित करें।
- 3रुद्राक्ष या तुलसी की माला से «ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥» मंत्र का 108 बार (एक माला) जाप करें।
- 4मन को एकाग्र रखते हुए, सूर्यदेव / गायत्री माता के प्रति श्रद्धा और भक्ति भाव से उच्चारण करें।
- 5नियमित रूप से रोज़ जाप करने से सूर्यदेव / गायत्री माता की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।