भगवान शिव को समर्पित यह व्रत विशेष रूप से विवाह, संतान सुख, मनोकामना पूर्ति और सौभाग्य के लिए किया जाता है। यह व्रत 16 लगातार सोमवार तक नियमपूर्वक किया जाता …
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दशामाता व्रत (या दशा माता व्रत) मुख्यतः गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत में महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक पवित्र व्रत है। यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि, दसों दिशाओं की …
रामायण का आरंभ तपस्वी वाल्मीकि जी ने तपस्या और ध्यान में लीन होकर मुनिवर नारद जी से पूछा—॥ १ ॥ [मुने!] इस समय इस संसार में गुणवान्, वीर्यवान्, धर्म, उपकार …
परिचय (Introduction) ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भारत के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के बीच एक द्वीप पर स्थित है। इस मंदिर …
परिचय (Introduction) वैष्णो देवी मंदिर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जो जम्मू और कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर माता वैष्णो देवी को …
परिचय (Introduction) ललिता देवी मंदिर, प्रयागराज में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर माता सती के दाहिने हाथ …
भगवान नारायण के नामों का महत्व (Importance of Lord Narayan’s Names) भगवान नारायण, जिन्हें भगवान विष्णु के रूप में भी जाना जाता है, सृष्टि के पालनहार हैं। उनके 108 पवित्र …
परिचय (Introduction) मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग भारत के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे दक्षिण का काशी भी कहा जाता है। यह आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित है …
अर्जुन उवाच: सन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम् । त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ।। अर्जुन बोले- हे महाबाहो ! हे अन्तर्यामिन् ! हे वासुदेव ! मैं संन्यास और त्यागके तत्त्वको पृथक्- पृथक् …
परिचय – Introduction भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित, भारत के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर घने जंगलों और सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित …