5 दिसम्बर 2026 का पंचांग

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5 दिसम्बर 2026 की तिथि — द्वादशी

कृष्ण पक्ष

5 दिसम्बर 2026 • शनिवार • कार्तिक मास

आज 5 दिसम्बर 2026 (शनिवार) को द्वादशी, कृष्ण पक्ष है। चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में है, योग सौभाग्य और करण कौलव है। यह कार्तिक मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

⏰ महत्वपूर्ण समय

⏳ लोकेशन खोज रहे हैं...

🌙

तिथि प्रारंभ

11:45 PM

🌙

तिथि समाप्ति

12:52 AM

🌅

सूर्योदय

07:00 AM

🌙

चंद्रोदय

01:29 AM

🕉

आज का विशेष मंत्र

द्वादशी — भगवान विष्णु

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
द्वादशी (कृष्ण पक्ष)
📅
मास
कार्तिक मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
शनिवार
⭐
नक्षत्र
चित्रा
🌿
योग
सौभाग्य
🔁
करण
कौलव
🌙
चंद्र राशि
तुला
☀️
सूर्य राशि
वृश्चिक
🌟
नक्षत्र देवता
त्वष्टा

🌒 द्वादशी तिथि का महत्व

🌒

अधिष्ठाता देव

भगवान विष्णु

कृष्ण द्वादशी में एकादशी व्रत का पारण होता है। समय पर पारण करना अत्यंत आवश्यक है।

🙏 व्रत / पर्व

एकादशी पारण

✅ आज क्या करें

व्रत पारण, ब्राह्मण भोजन, विष्णु पूजा

⚠️ आज से बचें

पारण में अनुचित देरी

📅 5 दिसम्बर 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
5 दिसम्बर 2026चुनाशनिवार🌒 द्वादशी
6 दिसम्बर 2026रविवार🌒 त्रयोदशी
7 दिसम्बर 2026सोमवार🌒 चतुर्दशी
8 दिसम्बर 2026मंगलवार🌑 अमावस्याअमावस्या
9 दिसम्बर 2026बुधवार🌒 प्रतिपदा
10 दिसम्बर 2026गुरुवार🌒 प्रतिपदा
11 दिसम्बर 2026शुक्रवार🌒 द्वितीया
12 दिसम्बर 2026शनिवार🌓 तृतीया
13 दिसम्बर 2026रविवार🌓 चतुर्थीविशेष
14 दिसम्बर 2026सोमवार🌔 पंचमी
15 दिसम्बर 2026मंगलवार🌔 षष्ठी
16 दिसम्बर 2026बुधवार🌔 सप्तमी
17 दिसम्बर 2026गुरुवार🌕 अष्टमी
18 दिसम्बर 2026शुक्रवार🌕 नवमी
19 दिसम्बर 2026शनिवार🌖 दशमी

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशीचुना
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए